Mohini Ekadashi 2025 Wishes: शुभ मोहिनी एकादशी! प्रियजनों को इन हिंदी Quotes, WhatsApp Messages, GIF Greetings के जरिए दें बधाई
मोहिनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु के मोहिनी अवतार की पूजा की जाती है. इस व्रत को करने से शत्रुओं से छुटकारा मिलता है, सभी दुखों और पापों से मुक्ति मिलती है. कहा जाता है कि त्रेतायुग में महर्षि वशिष्ठ के कहने पर भगवान राम ने मोहिनी एकादशी का व्रत किया था. ऐसे में इस अवसर पर आप इन हिंदी विशेज, कोट्स, वॉट्सऐप मैसेजेस, जीआईएफ ग्रीटिंग्स के जरिए प्रियजनों को मोहिनी एकादशी की बधाई दे सकते हैं.
Mohini Ekadashi 2025 Wishes in Hindi: एकादशी तिथि भगवान विष्णु (Bhagwan Vishnu) को अत्यंत प्रिय है, इसलिए भक्त हर महीने शुक्ल और कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को व्रत रखकर श्रीहरि की उपासना करते हैं. साल भर में कुल 24 एकादशी व्रत रखे जाते हैं, जबकि हिंदू पंचांग के अनुसार, वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को मोहिनी एकादशी (Mohini Ekadashi) के नाम से जाना जाता है, जिसका खास महत्व बताया जाता है. मान्यता है कि जो भी व्यक्ति इस दिन श्रद्धापूर्वक विधि-विधान से पूजा-अर्चना करता है, उसे भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती है, साथ ही जीवन में सुख-शांति और समृद्धि का आगमन होता है. उदयातिथि के अनुसार, इस साल 8 मई 2025 को मोहिनी एकादशी मनाई जा रही है.
मोहिनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु के मोहिनी अवतार की पूजा की जाती है. इस व्रत को करने से शत्रुओं से छुटकारा मिलता है, सभी दुखों और पापों से मुक्ति मिलती है. कहा जाता है कि त्रेतायुग में महर्षि वशिष्ठ के कहने पर भगवान राम ने मोहिनी एकादशी का व्रत किया था. ऐसे में इस अवसर पर आप इन हिंदी विशेज, कोट्स, वॉट्सऐप मैसेजेस, जीआईएफ ग्रीटिंग्स के जरिए प्रियजनों को मोहिनी एकादशी की बधाई दे सकते हैं.
ऐसी मान्यता है कि मोहिनी एकादशी (Mohini Ekadashi) का व्रत रखने वाला व्यक्ति मोहमाया के जाल से मुक्त होता है और मृत्यु के बाद उसे मोक्ष की प्राप्ति होती है, साथ ही कई जन्मों के पाप नष्ट होते हैं. मोहिनी एकादशी के दिन विधि-विधान से भगवान विष्णु की पूजा करनी चाहिए. इसके साथ ही इस दिन 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' का जप एवं विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ करना बहुत फलदायी माना जाता है.





इस व्रत से जुड़ी कथा के अनुसार, समुद्र मंथन के दौरान जब समुद्र से अमृत कलश निकला तो असुरों और देवताओं में उस कलश को लेकर विवाद छिड़ गया. ऐसे में सभी देवताओं ने भगवान विष्णु से सहायता मांगी, जिसके बाद अमृत कलश से असुरों का ध्यान भटकाने के लिए भगवान विष्णु मोहिनी नामक एक सुंदर स्त्री के रूप में प्रकट हुए. उन्होंने असुरों से अमृत कलश लेकर देवताओं को अमृत का पान कराया. जिस दिन उन्होंने मोहिनी रूप लिया था, उस दिन वैशाख शुक्ल एकादशी थी, इसलिए इस दिन मोहिनी एकादशी मनाई जाती है.
(The above story first appeared on LatestLY on May 08, 2025 06:00 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

