Makar Sankranti 2026 Wishes: मकर संक्रांति के इन शानदार हिंदी Quotes, WhatsApp Messages, Facebook Greetings के जरिए दें शुभकामनाएं
मकर संक्रांति पर सूर्य देव उत्तरायण होते हैं और देवताओं के दिन का शुभारंभ होता है. इस दिन तिल का दान करना शुभ माना जाता है. इसके साथ ही लोग तिल और गुड़ के लड्डू से एक-दूसरे का मुंह मीठा कराते हुए इस पर्व की मिठास बढ़ाते हैं. इस खास अवसर पर आप इन शानदार हिंदी विशेज, कोट्स, वॉट्सऐप मैसेजेस, फेसबुक ग्रीटिंग्स के जरिए मकर संक्रांति की शुभकामनाएं दे सकते हैं.
Makar Sankranti 2026 Wishes in Hindi: मकर संक्रांति (Makar Sankranti) को नए साल का पहला त्योहार माना जाता है, जिसे लोहड़ी (Lohri) के अगले दिन मनाया जाता है. इस साल 14 जनवरी 2026 को मकर संक्रांति मनाई जा रही है. किसानों और फसलों का यह प्रमुख पर्व नौ ग्रहों के राजा सूर्य देव और अग्नि देव को समर्पित है, जिसे देशभर में बहुत धूमधाम के साथ मनाया जाता है. ऐसी मान्यता है कि मकर संक्रांति के दिन गंगा और अन्य पवित्र नदियों स्नान करने से पुण्य फलों की प्राप्ति होती है, पवित्र नदी में स्नान करके सूर्य देव को अर्घ्य देने से व्यक्ति के समस्त पापों का नाश होता है. इस दिन किसी जरूरतमंद को दिए गए दान का कई गुना अधिक फल प्राप्त होता है, इसी वजह से इस दिन के दान को महादान कहा जाता है. मकर संक्रांति के त्योहार को रबी की फसलों की कटाई की खुशी में मनाया जाता है. इसी दिन भगवान सूर्य दक्षिणायन से उत्तरायण होते हैं और अपने पुत्र शनिदेव की मकर राशि में प्रवेश करते हैं, उनके इस राशि परिवर्तन से शादी-ब्याह, मुंडन और गृह प्रवेश जैसे शुभ कार्यों की शुरुआत हो जाती है.
मकर संक्रांति पर सूर्य देव उत्तरायण होते हैं और देवताओं के दिन का शुभारंभ होता है. इस दिन तिल का दान करना शुभ माना जाता है. इसके साथ ही लोग तिल और गुड़ के लड्डू से एक-दूसरे का मुंह मीठा कराते हुए इस पर्व की मिठास बढ़ाते हैं. इस खास अवसर पर आप इन शानदार हिंदी विशेज, कोट्स, वॉट्सऐप मैसेजेस, फेसबुक ग्रीटिंग्स के जरिए मकर संक्रांति की शुभकामनाएं दे सकते हैं.





गौरतलब है कि मकर संक्रांति के पर्व को देश के विभिन्न हिस्सों में अलग-अलग नामों और स्थानीय परंपराओं के हिसाब से पूरे जोश व उत्साह के साथ मनाया जाता है. फसलों के इस पर्व को सर्दियों के मौसम के अंत के प्रतीक के तौर पर देखा जाता है, क्योंकि इसी पर्व से दिन बड़े और रातें छोटी होनी शुरु हो जाती हैं. इस पर्व को उत्तर भारत में खिचड़ी (Khichadi), तमिलनाडु में पोंगल (Pongal), ओडिशा में मकर चौला (Makar Chaula), असम में माघ बिहू (Magh Bihu) और गुजरात में उत्तरायण (Uttarayan) कहा जाता है.
(The above story first appeared on LatestLY on Jan 13, 2026 03:30 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

