Maha Navami 2025 Wishes: शुभ महा नवमी! मां दुर्गा के इन मनमोहक WhatsApp Stickers, GIF Greetings, HD Images, Wallpapers को भेजकर दें बधाई
नवरात्रि की महा नवमी का विशेष महत्व बताया जाता है. कहा जाता है कि नवरात्रि में मां दुर्गा की आराधना करने से भक्तों को धन, ऐश्वर्य, पुत्र, पौत्र और उत्तम आरोग्य का वरदान मिलता है, साथ ही मृत्यु के बाद मोक्ष की प्राप्ति होती है. महा नवमी के इस खास अवसर पर आप मां दुर्गा के इन मनमोहक विशेज, वॉट्सऐप स्टिकर्स, जीआईएफ ग्रीटिंग्स, एचडी इमेजेस, वॉलपेपर्स को भेजकर बधाई दे सकते हैं.
Maha Navami 2025 Wishes in Hindi: हिंदू धर्म में मां दुर्गा (Maa Durga) की उपासना के पर्व नवरात्रि का विशेष महत्व बताया जाता है. बात करें शारदीय नवरात्रि (Sharad Navratri) की तो इसे हर साल आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि तक मनाया जाता है और अगले दिन यानी दशमी तिथि को विजयादशमी (Vijayadashami) का त्योहार मनाया जाता है. इस साल शारदीय नवरात्रि की शुरुआत 22 सितंबर 2025 से हुई है और 02 अक्टूबर 2025 को विजयादशमी मनाई जाएगी, लेकिन उससे ठीक एक दिन पहले महा नवमी मनाई जाती है, जो मां दुर्गा के नौवें स्वरूप मां सिद्धिदात्री (Maa Siddhidatri) को समर्पित है. नवरात्रि में पूरे नौ दिनों तक व्रत रखने वाले उपासक नवमी तिथि को कन्या पूजन और हवन करके अपना व्रत पूर्ण करते हैं. यह नवरात्रि का आखिरी दिन होता है, जबकि यह पांच दिवसीय दुर्गा पूजा का चौथा दिन होता है.
नवरात्रि की महा नवमी का विशेष महत्व बताया जाता है. कहा जाता है कि नवरात्रि में मां दुर्गा की आराधना करने से भक्तों को धन, ऐश्वर्य, पुत्र, पौत्र और उत्तम आरोग्य का वरदान मिलता है, साथ ही मृत्यु के बाद मोक्ष की प्राप्ति होती है. महा नवमी के इस खास अवसर पर आप मां दुर्गा के इन मनमोहक विशेज, वॉट्सऐप स्टिकर्स, जीआईएफ ग्रीटिंग्स, एचडी इमेजेस, वॉलपेपर्स को भेजकर बधाई दे सकते हैं.
शारदीय नवरात्रि से जुड़ी पहली पौराणिक कथा के अनुसार, मर्यादापुरुषोत्तम भगवान श्रीराम (Bhagwan Ram) ने नौ दिनों तक व्रत रखकर शक्ति स्वरूपा मां दुर्गा की उपासना की थी, जिसके बाद उन्हें आश्विन शुक्ल दशमी को लंकापति रावण पर विजय प्राप्त हुई थी. वहीं इस पर्व से जुड़ी दूसरी कथा के अनुसार, नौ दिनों तक महिषासुर से युद्ध करने के बाद मां दुर्गा ने दसवें दिन उसका संहार करके समस्त संसार को उसके आंतक से मुक्ति दिलाई थी, इसलिए विजयादशमी यानी दशहरे के त्योहार मनाया जाता है, जिसे बुराई पर अच्छाई और अधर्म पर धर्म की जीत का प्रतीक माना जाता है.