सावन आखिरी सोमवार आज: शिवालयों में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़, हर-हर महादेव के जयकारों से गूंजे मंदिर; VIDEO
वाराणसी के काशी विश्वनाथ, उज्जैन के महाकालेश्वर, देवघर के वैद्यनाथ धाम और दिल्ली-एनसीआर समेत देशभर के छोटे-बड़े शिव मंदिरों में सुबह से ही भक्तों की लंबी कतारें देखी गईं.
सावन 2026 का आखिरी सोमवार आज: पवित्र श्रावण (सावन) माह का चौथा और अंतिम सोमवार आज, 24 अगस्त 2026 को पूरे देश में श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जा रहा है. सावन के अंतिम सोमवार को लेकर तड़के से ही देशभर के प्रमुख शिव मंदिरों और ज्योतिर्लिंगों में श्रद्धालुओं का तांता लगा हुआ है. मान्यता के अनुसार, सावन के अंतिम सोमवार पर भगवान शिव की पूजा-अर्चना और जलाभिषेक करने से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और विशेष फल की प्राप्ति होती है.
मंदिरों में भोर से ही लगा भक्तों का तांता
वाराणसी के काशी विश्वनाथ, उज्जैन के महाकालेश्वर, देवघर के वैद्यनाथ धाम और दिल्ली-एनसीआर समेत देशभर के छोटे-बड़े शिव मंदिरों में सुबह से ही भक्तों की लंबी कतारें देखी गईं.
मंदिरों में उमड़ी भीड़
श्रद्धालुओं ने भगवान भोलेनाथ का दूध, जल, गंगाजल, दही और शहद से अभिषेक किया. इसके साथ ही भगवान शिव को प्रिय बेलपत्र, भांग, धतूरा और फूल अर्पित कर सुख-समृद्धि की प्रार्थना की.
सावन का आखिरी सोमवार आज
उद्यापन और अनुष्ठानों का विशेष महत्व
सावन के पूरे महीने सोमवार का व्रत रखने वाले श्रद्धालु आज के दिन व्रत का उद्यापन भी कर रहे हैं. ज्योतिषशास्त्रियों और आचार्यों के अनुसार, सावन के अंतिम सोमवार को जलाभिषेक करने के साथ-साथ शिव मंत्रों जैसे 'ॐ नमः शिवाय' का जाप और महामृत्युंजय मंत्र का पाठ करना अत्यंत फलदायी माना गया है.
इस दिन दान-पुण्य करने, जरूरतमंदों को भोजन कराने और तिल या वस्त्र दान करने का भी विशेष विधान है.
28 अगस्त को होगा सावन का समापन
इस वर्ष सावन माह का समापन 28 अगस्त 2026 को श्रावण पूर्णिमा और रक्षाबंधन के पर्व के साथ होगा. सावन के अंतिम सोमवार को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और मंदिर प्रबंधन की ओर से सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण के कड़े इंतजाम किए गए हैं ताकि श्रद्धालुओं को दर्शन और जलाभिषेक में किसी परेशानी का सामना न करना पड़े.