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Happy Pola 2020 Wishes & HD Images: पोला के खास अवसर पर प्रिजयनों को इन मनमोहक हिंदी WhatsApp Stickers, Facebook Messages, GIF Greetings, Photos, Wallpapers के जरिए दें शुभकामनाएं

किसानों और गाय-बैलों को समर्पित पोला पर्व पर आप अपनों को शुभकामनाएं न दें, ऐसा कैसे हो सकता है. इस शुभ अवसर के लिए हम लेकर आए हैं पोला 2020 के शानदार विशेज, एचडी इमेज, वॉट्सऐप स्टिकर्स, फेसबुक मैसेज, जीआईएफ ग्रीटिंग, फोटोज, वॉलपेपर्स जिन्हें आप सोशल मीडिया के जरिए भेजकर शुभकामनाएं दे सकते हैं.

Happy Pola 2020 Wishes & HD Images: पोला के खास अवसर पर प्रिजयनों को इन मनमोहक हिंदी WhatsApp Stickers, Facebook Messages, GIF Greetings, Photos, Wallpapers के जरिए दें शुभकामनाएं
पोला 2020 (Photo Credits: File Image)

Pola 2020 Wishes In Hindi: भाद्रपद मास की पिठोरी अमावस्या (Pithori Amavasya) को महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, असम और सिक्किम जैसे राज्यों में पोला का त्योहार (Pola Festival) मनाया जाता है. पोला (Pola) त्योहार खरीफ की फसल के दूसरे चरण का कार्य पूरा हो जाने की खुशी में मनाया जाता है. फसलों के बढ़ने का जश्न मनाने के लिए इस दिन किसानों द्वारा बैलों की पूजा की जाती है. इस दिन गाय और बैलों को स्नान करवाकर उनका साज-श्रृंगार किया जाता है. उन्हें अच्छे पकवान खिलाए जाते हैं और उनकी पूजा की जाती है. पोला पर्व की पूर्व रात्रि को गर्भ पूजन किया जाता है. माना जाता है कि इसी दिन अन्न माता गर्भ धारण करती हैं यानी धान के पौधों में दूध भरता है. इस साल पोला का यह पर्व 19 अगस्त 2020 को मनाया जा रहा है.

किसानों और गाय-बैलों को समर्पित पोला पर्व पर आप अपनों को शुभकामनाएं न दें, ऐसा कैसे हो सकता है. इस शुभ अवसर के लिए हम लेकर आए हैं पोला 2020 के शानदार विशेज, एचडी इमेज, वॉट्सऐप स्टिकर्स, फेसबुक मैसेज, जीआईएफ ग्रीटिंग, फोटोज, वॉलपेपर्स जिन्हें आप सोशल मीडिया के जरिए भेजकर शुभकामनाएं (Happy Pola 2020 Wishes) दे सकते हैं.

1- हैप्पी पोला 2020

पोला 2020 (Photo Credits: File Image)

2- हैप्पी पोला 2020

पोला 2020 (Photo Credits: File Image)

3- हैप्पी पोला 2020

पोला 2020 (Photo Credits: File Image)

4- हैप्पी पोला 2020

पोला 2020 (Photo Credits: File Image)

5- हैप्पी पोला 2020

पोला 2020 (Photo Credits: File Image)

इस पर्व से जुड़ी परंपरा के अनुसार, रात में जब गांव के सभी लोग सो जाते हैं तब गांव के पुजारी, मुखिया और कुछ अन्य पुरुष सहयोगी गांव व गांव के बाहर सीमा क्षेत्र के कोने-कोने में प्रतिष्ठित देवी-देवताओं की विशेष पूजा-अर्चना करते हैं. रात भर पूजा-अर्चना करने के बाद पूजन स्थल पर ही प्रसाद ग्रहण किया जाता है, क्योंकि प्रसाद को घर ले जाने की अनुमति नहीं होती है. पोला के उत्सव को खास बनाने के लिए इस दिन घरों में तरह-तरह के स्वादिष्ट पकवान बनाए जाते हैं.

(The above story first appeared on LatestLY on Aug 18, 2020 07:30 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).