GSB Ganpati First Look 2026: मुंबई के प्रतिष्ठित जीएसबी गणपति का भव्य प्रथम दर्शन हुआ जारी, 66 किलो सोने और 335 किलो चांदी से सजे बप्पा

2026 के गणेशोत्सव के लिए जीएसबी सेवा मंडल ने 703.27 करोड़ रुपये का बीमा कवर भी लिया है, जिसमें श्रद्धालुओं, स्वयंसेवकों और धार्मिक संपत्तियों को शामिल किया गया है. पर्यावरण संरक्षण की दिशा में मंडल ने इस बार सभी सेवा बुकिंग और दान प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल और पेपरलेस बनाने का फैसला किया है.

GSB Ganpati First Look 2026: मुंबई के सबसे प्रतिष्ठित गणेशोत्सव मंडलों में से एक जीएसबी सेवा मंडल, किंग्स सर्कल ने शनिवार को 2026 के महा गणपति का प्रथम दर्शन (First Look) जारी कर दिया. इस बार भगवान गणपति की भव्य प्रतिमा को 66 किलोग्राम से अधिक शुद्ध सोने और 335 किलोग्राम चांदी के आभूषणों से सजाया गया है. 14 सितंबर से शुरू होने वाले 72वें जीएसबी गणेशोत्सव को लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है.

जीएसबी सेवा मंडल इस वर्ष 14 से 18 सितंबर तक अपना 72वां गणेशोत्सव मनाएगा. पांच दिवसीय इस महोत्सव की शुरुआत भगवान महा गणपति के विराट दर्शन से होगी. हर साल की तरह इस बार भी बप्पा की भव्य सजावट और पारंपरिक धार्मिक अनुष्ठान श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहेंगे.

महोत्सव के दौरान वैदिक पंडितों द्वारा एक लाख से अधिक पूजा और सेवाएं संपन्न कराई जाएंगी. इनमें महा मूडगणपति पूजा, मूडगणपति पूजा, सहस्त्र मोदक हवन, मोदक नैवेद्य, पुष्प पूजा, रंग पूजा, दीपाराधना सेवा, दूर्वा अर्चना सेवा, महाभोग सेवा, प्रसाद वितरण सेवा, सहस्त्र भोजन सेवा, तुलाभार सेवा और अन्नदान सेवा जैसी अनेक धार्मिक सेवाएं शामिल हैं.

 

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अन्नदान की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए मंडल ने बताया कि गणेशोत्सव के दौरान प्रतिदिन करीब 40,000 श्रद्धालुओं को ताजा प्रसाद वितरित किया जाएगा. पांच दिनों में 2 लाख से अधिक भक्तों को प्रसाद उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है.

श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए मंडल ने व्यापक इंतजाम किए हैं. करीब 555 सुरक्षा कर्मी चौबीसों घंटे तैनात रहेंगे. पूरे परिसर की निगरानी 100 हाई-डेफिनिशन CCTV और PTZ कैमरों के जरिए की जाएगी, जिन्हें केंद्रीय कमांड रूम से जोड़ा गया है.

इसके अलावा, 2026 के गणेशोत्सव के लिए जीएसबी सेवा मंडल ने 703.27 करोड़ रुपये का बीमा कवर भी लिया है, जिसमें श्रद्धालुओं, स्वयंसेवकों और धार्मिक संपत्तियों को शामिल किया गया है. पर्यावरण संरक्षण की दिशा में मंडल ने इस बार सभी सेवा बुकिंग और दान प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल और पेपरलेस बनाने का फैसला किया है.

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