Dussehra 2026 Messages: हैप्पी दशहरा! दोस्तों-रिश्तेदारों संग शेयर करें ये हिंदी Quotes, WhatsApp Wishes और GIF Greetings
अधर्म पर धर्म और असत्य पर सत्य की विजय का प्रतीक दशहरा (विजयदशमी) का पर्व देश में धूमधाम से मनाया जा रहा है. नौ दिनों तक मां दुर्गा की पूजा-अर्चना करने के बाद दसवें दिन यानी दशहरा पर बुराई के प्रतीक रावण के पुतले के दहन की परंपरा निभाई जाएगी. प्रियजनों को इस पावन अवसर पर बधाई देने के लिए विशेष संदेश और कोट्स भी साझा किए जा रहे हैं.
Dussehra 2026 Messages in Hindi: सनातन परंपरा में बुराई पर अच्छाई और असत्य पर सत्य की विजय के सबसे बड़े पर्व विजयदशमी (दशहरा) की तैयारियां देशभर में शुरू हो चुकी हैं. हर वर्ष आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को मनाया जाने वाला यह त्योहार प्रभु श्रीराम द्वारा लंकापति रावण के वध और मां दुर्गा द्वारा महिषासुर के संहार के उपलक्ष्य में उल्लास के साथ मनाया जाता है.
इस साल दशमी तिथि दो दिन पड़ने के कारण श्रद्धालुओं और पूजा समितियों के बीच तारीख को लेकर भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो रही है. हालांकि, ज्योतिषीय गणना और धर्मसिंधु के नियमों के अनुसार प्रदोष काल के संयोग से इस पर्व की शास्त्रसम्मत तिथि निर्धारित की गई है.
प्रियजनों को भेजें दशहरा के प्रेरक संदेश और शुभकामनाएं
इस पावन अवसर पर परिवार, मित्रों और सहयोगियों को शुभकामना संदेश भेजने के लिए कुछ लोकप्रिय कोट्स:
- "अधर्म पर धर्म की जीत, असत्य पर सत्य की रीत। आपके जीवन से मिटे हर अंधकार, मंगलमय हो विजयादशमी का यह त्योहार। शुभ दशहरा!"
- "बुराई का नाश हो और अच्छाई का प्रकाश हो, इस दशहरे पर आपके हर संकल्प का विकास हो। आपको और आपके परिवार को विजयादशमी की हार्दिक शुभकामनाएं!"
- "प्रभु श्री राम का आशीर्वाद सदा आप पर बना रहे, आपके घर-आंगन में सुख, शांति और समृद्धि का वास रहे। हैप्पी दशहरा 2026!"
दशहरा 2026: 20 या 21 अक्टूबर, पंचांग के अनुसार क्या है सही तिथि?
पंचांग के अनुसार दशमी तिथि की समय-सारणी इस प्रकार है:
- दशमी तिथि का प्रारंभ: 20 अक्टूबर (मंगलवार) दोपहर 12 बजकर 50 मिनट से
- दशमी तिथि का समापन: 21 अक्टूबर (बुधवार) दोपहर 02 बजकर 11 मिनट पर
तिथि निर्णय का आधार:
सामान्यतः हिंदू पर्व उदया तिथि (सूर्योदय कालीन तिथि) के अनुसार मनाए जाते हैं, जिसके तहत 21 अक्टूबर का दिन आता है. किंतु विजयदशमी के मामले में शास्त्रों का स्पष्ट निर्देश है कि यदि दशमी तिथि दो दिन व्याप्त हो, तो उस दिन को प्राथमिकता दी जाती है जिस दिन अपराह्न काल (दोपहर का विशेष भाग) और प्रदोष काल में दशमी तिथि विद्यमान हो. चूंकि रावण दहन सूर्यास्त के बाद प्रदोष काल में किया जाता है और यह काल 20 अक्टूबर की शाम को ही दशमी तिथि के साथ मिल रहा है, इसलिए 20 अक्टूबर को दशहरा पूजन और रावण दहन करना शास्त्रीय दृष्टि से सर्वाधिक उपयुक्त और शुभ माना गया है.
विजयदशमी का धार्मिक महत्व और रावण दहन का संदेश
विजयदशमी का शाब्दिक अर्थ 'विजय की दशमी' है। यह पर्व जीवन में सकारात्मकता और नैतिक मूल्यों की पुनर्स्थापना का संदेश देता है:
- शारदीय नवरात्र की पूर्णता: नौ दिनों तक मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की उपासना के बाद इसी दिन व्रत का विधिवत पारण किया जाता है और मां भगवती की प्रतिमाओं का विसर्जन संपन्न होता है.
- दस बुराइयों का दहन: रावण के दस सिर मनुष्य के भीतर विद्यमान दस दुर्गुणों—काम, क्रोध, लोभ, मोह, मद, मत्सर, अहंकार, आलस्य, हिंसा और अन्याय का प्रतीक माने जाते हैं. पुतला दहन केवल एक औपचारिकता नहीं, बल्कि अपने भीतर की इन बुराइयों को समाप्त करने का संकल्प है.