Deepawali 2025 Sanskrit Wishes: शुभं दीपावलीम्! अपनों संग शेयर करें ये संस्कृत Quotes, Facebook Greetings और WhatsApp Messages
दिवाली उत्सव के तीसरे दिन यानी कार्तिक मास की अमावस्या तिथि को दीपावली यानी लक्ष्मी पूजन का पर्व मनाया जाता है. इस दिन भगवान गणेश और माता लक्ष्मी की विधिवत पूजा-अर्चना की जाती है, साथ ही शुभकामना संदेश शेयर किए जाते हैं. ऐसे में आप भी इस खास अवसर पर संस्कृत के इन विशेज, कोट्स, फेसबुक ग्रीटिंग्स, वॉट्सऐप मैसेजेस को अपनों संग शेयर करके उनसे शुभं दीपावलीम् कह सकते हैं.
Deepawali 2025 Sanskrit Wishes: हिंदू पंचांग के अनुसार, पांच दिवसीय दिवाली उत्सव की शुरुआत कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी से धनतेरस (Dhanteras) के साथ शुरु होती है और समापन कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को भाई दूज (Bhai Dooj) के साथ होता है, जबकि दिवाली का मुख्य पर्व दीपावली यानी लक्ष्मी पूजन (Lakshmi Pujan) होता है, जो इस साल 20 अक्टूबर 2025 को है. यह एक ऐसा महत्वपूर्ण उत्सव है, जिसका हर किसी को बेसब्री से इंतजार रहता है. इस उत्सव के दौरान धनतेरस, छोटी दिवाली, लक्ष्मी पूजन, गोवर्धन पूजा और भाई दूज जैसे कई महत्वपूर्ण पर्व मनाए जाते हैं. दीपावली से जुड़ी प्रचलित पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, दीपावली (Deepawali) के दिन मर्यादापुरुषोत्तम भगवान राम, माता सीता और लक्ष्मण 14 साल के वनवास के बाद अयोध्या नगरी में वापस लौटे थे, उनके स्वागत में पूरी अयोध्या (Ayodhya) नगरी को दीयों से रोशन किया गया था. कहा जाता है कि तब से दिवाली मनाने की परंपरा शुरु हुई है.
दिवाली उत्सव के तीसरे दिन यानी कार्तिक मास की अमावस्या तिथि को दीपावली यानी लक्ष्मी पूजन का पर्व मनाया जाता है. इस दिन भगवान गणेश और माता लक्ष्मी की विधिवत पूजा-अर्चना की जाती है, साथ ही शुभकामना संदेश शेयर किए जाते हैं. ऐसे में आप भी इस खास अवसर पर संस्कृत के इन विशेज, कोट्स, फेसबुक ग्रीटिंग्स, वॉट्सऐप मैसेजेस को अपनों संग शेयर करके उनसे शुभं दीपावलीम् कह सकते हैं.
कार्तिक मास की अमावस्या के दिन दीपावली मनाई जाती है. इस दिन धन व ऐश्वर्य की देवी माता लक्ष्मी के साथ भगवान गणेश की पूजा का विशेष महत्व है. ऐसा कहा जाता है कि जिस व्यक्ति के पास ज्ञान, बुद्धि और विवेक होता है, उसी के पास धन भी स्थिर रहता है, इसलिए दीपावली पर माता लक्ष्मी के साथ-साथ भगवान गणेश की पूजा की जाती है. ऐसी मान्यता है कि दीपावली की रात शुभ मुहूर्त में मां लक्ष्मी की विधि-विधान से पूजा करने से जीवन में सुख-समृद्धि और धन-ऐश्वर्य का आगमन होता है. मां लक्ष्मी की कृपा से धन संबंधी समस्याएं दूर होती हैं.