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Ashadhi Ekadashi 2026 Messages In Marathi: आषाढ़ी एकादशी के इन मराठी WhatsApp Wishes, Quotes, GIF Greetings को भेजकर दें शुभकामनाएं

वारकरी संप्रदाय और जगद्गुरु श्री विट्ठल-रुक्मिणी के लाखों भक्तों के लिए अत्यंत पवित्र माना जाने वाला पर्व 'आषाढ़ी एकादशी' (देवशयनी एकादशी) शनिवार, 25 जुलाई 2026 को पूरे भक्तिमय माहौल में मनाया जा रहा है.

Ashadhi Ekadashi 2026 Messages In Marathi: आषाढ़ी एकादशी के इन मराठी WhatsApp Wishes, Quotes, GIF Greetings को भेजकर दें शुभकामनाएं
आषाढ़ी एकादशी 2026 (Photo Credits: File Image)

पंढरपुर (महाराष्ट्र): वारकरी संप्रदाय और जगद्गुरु श्री विट्ठल-रुक्मिणी के लाखों भक्तों के लिए अत्यंत पवित्र माना जाने वाला पर्व 'आषाढ़ी एकादशी' (Ashadhi Ekadashi) (देवशयनी एकादशी) शनिवार, 25 जुलाई 2026 को पूरे भक्तिमय माहौल में मनाया जा रहा है.

आषाढ़ शुक्ल एकादशी के इस पावन अवसर पर तीर्थक्षेत्र पंढरपुर (सोलापुर जिला) पूरी तरह से 'विट्ठल नाम' के जयघोष से गुंजायमान हो उठा है. राज्य और देश के कोने-कोने से विभिन्न संतों की पालकियों के साथ पैदल यात्रा (वारी) करते हुए करीब 20 लाख से अधिक वारकरी और श्रद्धालु पंढरपुर धाम पहुंच चुके हैं.  इस बेहद खास अवसर पर आप इन शानदार मराठी मैसेजेस, वॉट्सऐप विशेज, कोट्स, जीआईएफ ग्रीटिंग्स को भेजकर अपनों को आषाढ़ी एकादशी की शुभकामनाएं दे सकते हैं.

1- विठ्ठल माझा ध्यास, विठ्ठल माझा श्वास,
विठ्ठल माझा भास, विठ्ठल माझा आभास…
आषाढी एकादशीच्या हार्दिक शुभेच्छा

आषाढ़ी एकादशी 2026 (Photo Credits: File Image)

2- विठू माऊलीच्या भाविकांना आषाढी एकादशीच्या भक्तीमय शुभेच्छा

आषाढ़ी एकादशी 2026 (Photo Credits: File Image)

3- काया ही पंढरी

आत्मा हा विठ्ठल
नांदतो केवळ पांडुरंग
आषाढी एकादशीच्या हार्दिक शुभेच्छा

आषाढ़ी एकादशी 2026 (Photo Credits: File Image)

4- आवडे हे रूप गोजिरे सगुण,

पाहतां लोचन सुखावले
आषाढीच्या एकादशीच्या शुभेच्छा

आषाढ़ी एकादशी 2026 (Photo Credits: File Image)

5- आषाढी एकादशीच्या मंगलमय पर्वाच्या हार्दिक शुभेच्छा!

आषाढ़ी एकादशी 2026 (Photo Credits: File Image)

तड़के संपन्न हुई भगवान विट्ठल की शासकीय महापूजा

आषाढ़ी एकादशी के पावन अवसर पर शनिवार तड़के पंढरपुर स्थित विश्वप्रसिद्ध श्री विट्ठल-रुक्मिणी मंदिर में पारंपरिक शासकीय महापूजा संपन्न हुई. इस वर्ष महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अपनी पत्नी अमृता फडणवीस के साथ भगवान पांडुरंग और माता रुक्मिणी का अभिषेक एवं महापूजा की.

मान्यताओं के अनुसार, शासकीय महापूजा में हर साल एक आम वारकरी को 'मानाचा वारकरी' (प्राथमिक श्रद्धालु) के रूप में मुख्यमंत्री के साथ पूजा का सौभाग्य मिलता है. इस साल धाराशिव (उस्मानाबाद) जिले के कलंब तालुका स्थित गौरगांव निवासी माने दंपति (ज्ञानेश्वर माने और उनकी पत्नी) को मानाचा वारकरी बनने का गौरव प्राप्त हुआ. महापूजा के दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य में अच्छी बारिश, किसानों की समृद्धि और युवाओं के कल्याण की प्रार्थना की.

700 साल पुरानी 'वारी' परंपरा का भावुक समापन

महाराष्ट्र की संस्कृति में आषाढ़ी एकादशी का विशेष और अतुलनीय महत्व है. यह दिन लगभग 700 से अधिक वर्षों से चली आ रही 'पंढरपुर वारी' पदयात्रा के आधिकारिक समापन का प्रतीक है.

आलंदी से संत ज्ञानेश्वर महाराज और देहू से संत तुकाराम महाराज की पालकियों समेत विभिन्न संतों की दिंडियां सैकड़ों किलोमीटर का कठिन पैदल सफर तय कर पंढरपुर पहुंची हैं. वारकरियों के लिए भगवान विट्ठल केवल एक ईश्वर नहीं, बल्कि अपने भक्त की प्रतीक्षा करने वाली "विठू माऊली" (मां समान ईश्वर) हैं.

लाखों श्रद्धालुओं ने पवित्र चंद्रभागा नदी में स्नान किया और टाळ-मृदंग की थाप पर "ज्ञानबा-तुकाराम" और "जय हरी विट्ठल" का कीर्तन करते हुए भगवान के दर्शन किए.

आषाढ़ी एकादशी का धार्मिक व आध्यात्मिक महत्व

धार्मिक शास्त्रों के अनुसार, आषाढ़ी एकादशी का व्रत रखने से पूरे वर्ष की सभी 24 एकादशियों के समान पुण्य फल प्राप्त होता है. इसी तिथि से भगवान श्रीहरि विष्णु चार महीने के लिए क्षीरसागर में योग निद्रा में चले जाते हैं, जिसे 'चातुर्मास' का प्रारंभ माना जाता है.

पंढरपुर नगरी में भक्ति का अगाध सागर दिखाई दे रहा है, जहां जाति-पाति और भेदभाव से परे होकर केवल भक्ति, समर्पण और सेवा का भाव देखने को मिल रहा है.

(The above story first appeared on LatestLY on Jul 25, 2026 08:56 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).