Anant Chaturdashi 2026 Messages: अनंत चतुर्दशी पर श्रीहरि के इन भक्तिमय हिंदी WhatsApp Wishes, Quotes, Facebook Greetings के जरिए दें शुभकामनाएं
सनातन धर्म में भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाया जाने वाला अनंत चतुर्दशी का महापर्व इस वर्ष शुक्रवार, 25 सितंबर 2026 को श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जाएगा. यह पावन दिन एक ओर जहां सृष्टि के पालनहार भगवान श्रीहरि विष्णु के 'अनंत' स्वरूप की पूजा और 14 गांठों वाले पवित्र रक्षा सूत्र को धारण करने के लिए समर्पित है.
नई दिल्ली: भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि यानी अनंत चतुर्दशी का महापर्व वर्ष 2026 में शुक्रवार, 25 सितंबर को मनाया जाएगा. यह दिन सनातन परंपरा में दोहरे आध्यात्मिक महत्व का संगम माना जाता है। एक तरफ जहां दस दिनों तक भक्तों के घरों और भव्य सार्वजनिक पंडालों में विराजे प्रथम पूज्य गणपति बप्पा को गाजे-बाजे के साथ विदाई दी जाएगी, वहीं दूसरी तरफ श्रद्धालु व्रत रखकर संपूर्ण ब्रह्मांड के नियामक भगवान श्रीहरि विष्णु के अनंत स्वरूप की विधि-विधान से आराधना करेंगे.
पंचांग गणना के तहत चतुर्दशी तिथि 24 सितंबर की रात से प्रारंभ होकर 25 सितंबर की रात तक रहेगी। उदयातिथि के आधार पर अनंत व्रत, श्रीहरि पूजन और मुख्य गणेश विसर्जन 25 सितंबर को ही संपन्न होंगे.
गणेश विसर्जन और श्रीहरि वंदना: अपनों को भेजें ये खास WhatsApp संदेश
इस पावन अवसर पर श्रद्धालु डिजिटल माध्यमों से अपने परिजनों, मित्रों और शुभचिंतकों को ये प्रेरणादायी संदेश और ग्रीटिंग्स भेजकर बधाई दे सकते हैं:
- संदेश 1: "जगत के पालनहार श्रीहरि विष्णु आपके जीवन के समस्त कष्टों का निवारण करें,
और 14 गांठों का पावन अनंत सूत्र आपको हर संकट से बचाए।
अनंत चतुर्दशी की हार्दिक शुभकामनाएं!"
- संदेश 2: "गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ!
विदाई के इस पावन पर्व पर बप्पा आपके घर सुख-शांति छोड़ जाएं,
और भगवान विष्णु की कृपा से आपका जीवन ऐश्वर्य से भर जाए।
शुभ अनंत चतुर्दशी 2026!"
- संदेश 3: "पीतांबर धारी श्रीहरि का मिले आशीर्वाद,
सदा महकता रहे आपका घर-परिवार।
मिट जाएं जीवन से सारे अंधकार,
खुशियों का मिले आपको उपहार।
अनंत चौदस की कोटि-कोटि बधाई!"
- संदेश 4 (सोशल मीडिया व स्टेटस के लिए): "ॐ नमो भगवते वासुदेवाय! अनंत चतुर्दशी और गणेश विसर्जन के पावन अवसर पर भगवान श्रीगणेश और जगत नियंता श्रीहरि विष्णु आप सभी को उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु और समृद्धि का वरदान दें."
श्रद्धालु इन भक्तिमय संदेशों, तस्वीरों और जीआईएफ (GIF) ग्रीटिंग्स के जरिए सोशल मीडिया पर एक-दूसरे को अनंत चौदस की बधाई प्रेषित कर रहे हैं.
चातुर्मास में अनंत स्वरूप की पूजा का विशेष फल
धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, आषाढ़ शुक्ल एकादशी से लेकर कार्तिक शुक्ल एकादशी तक चलने वाले चातुर्मास के दौरान भगवान विष्णु योगनिद्रा में रहते हैं:
- पापों का नाश और वैकुंठ की प्राप्ति: चातुर्मास के मध्य में पड़ने वाली अनंत चतुर्दशी पर श्रीहरि के अनंत स्वरूप का व्रत और ध्यान करने से साधक के ज्ञात-अज्ञात पापों का क्षय होता है और मृत्यु के उपरांत वैकुंठ धाम की प्राप्ति की मान्यता है.
- संकटों से मुक्ति: पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, जब पांडव जुए में अपना सब कुछ हारकर वनवास काट रहे थे, तब भगवान श्रीकृष्ण के परामर्श पर युधिष्ठिर ने सपरिवार अनंत चतुर्दशी का व्रत रखा था, जिसके प्रभाव से उनके संकट दूर हुए और उन्हें राजपाट वापस मिला.
14 गांठों वाले अनंत सूत्र के नियम और महत्व
अनंत चतुर्दशी के अनुष्ठान में सबसे प्रमुख स्थान अनंत सूत्र का होता है, जिसे हल्दी या कुमकुम से रंगे कच्चे सूत या रेशम के धागे से तैयार किया जाता है:
- 14 लोकों का प्रतिनिधित्व: इस सूत्र में लगाई जाने वाली 14 गांठें ब्रह्मांड के 14 लोकों (भू, भुवः, स्वः, महः, जनः, तपः, सत्य और सात अधोलोक) का प्रतीक हैं. मान्यता है कि इनमें साक्षात श्रीहरि वास करते हैं.
- धारण करने की सही विधि: पूजा संपन्न होने के बाद शास्त्रों के नियमानुसार पुरुषों को यह रक्षा सूत्र अपनी दाहिनी कलाई (हथेली) पर और महिलाओं को अपनी बाईं कलाई पर बांधना चाहिए.
- पूजन सामग्री: श्रीहरि के पूजन में पीले वस्त्र, पीले पुष्प, पीला चंदन, तुलसी दल, मौसमी फल, पंचामृत और धूप-दीप का अर्पण अत्यंत फलदायी माना गया है.