Ambedkar Jayanti 2025 Messages: डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर जयंती के इन शानदार हिंदी WhatsApp Wishes, Facebook Greetings, Quotes को भेजकर दें शुभकामनाएं
दलित परिवार में जन्में डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर ने बचपन से ही आर्थिक और सामाजिक भेदभाव का सामना किया था, लेकिन उनसे हार मानने के बजाय उन्होंने अपने जीवन में आने वाली सभी चुनौतियों का डटकर सामना किया. डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर जयंती के इस खास अवसर पर आप इन शानदार हिंदी मैसेजेस, वॉट्सऐप विशेज, फेसबुक ग्रीटिंग्स, कोट्स को भेजकर अपने दोस्तों-रिश्तेदारों को शुभकामनाएं दे सकते हैं.
Ambedkar Jayanti 2025 Messages in Hindi: भारतीय संविधान के रचयिता और आजाद भारत के पहले कानून मंत्री डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर (Dr. Babasaheb Ambedkar) की इस साल 14 अप्रैल 2025 को 135वीं जयंती (Ambedkar Jayanti) मनाई जा रही है. हर साल उनकी जयंती को भीम जयंती (Bhim Jayanti), समानता दिवस और ज्ञान दिवस के तौर पर देशभर में धूमधाम से मनाया जाता है. 14 अप्रैल 1891 को मध्य प्रदेश के महू में जन्में डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर बचपन से ही पढ़ाई में काफी होनहार थे, लेकिन छुआछूत जैसी समस्याओं के कारण उन्हें शुरुआती शिक्षा के दौरान कई तरह के संकटों का सामना करना पड़ा, इन सबके बावजूद उन्होंने जात-पात और छुआछूत जैसी जंजीरों को तोड़ते हुए उच्च शिक्षा प्राप्त की. डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर ने समाज में दलितों पर हो रहे अत्याचार, जातिवाद और भेदभाव के खिलाफ न सिर्फ आवाज उठाई, बल्कि उनके उत्थान के लिए लड़ाई भी लड़ी.
दलित परिवार में जन्में डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर ने बचपन से ही आर्थिक और सामाजिक भेदभाव का सामना किया था, लेकिन उनसे हार मानने के बजाय उन्होंने अपने जीवन में आने वाली सभी चुनौतियों का डटकर सामना किया. डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर जयंती के इस खास अवसर पर आप इन शानदार हिंदी मैसेजेस, वॉट्सऐप विशेज, फेसबुक ग्रीटिंग्स, कोट्स को भेजकर अपने दोस्तों-रिश्तेदारों को शुभकामनाएं दे सकते हैं.





गौरतलब है कि डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर ने अपने जीवनकाल में समाज में फैले छूआछूत, जातिवाद और दलितों के खिलाफ हो रहे अत्याचारों के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की. इसके साथ ही उन्होंने दलित समाज के उत्थान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. ऐसे में उनकी जयंती पर दलितों के उत्थान और सामाजिक कुरीतियों को दूर करने के लिए उनके द्वारा किए गए सराहनीय कार्यों को याद किया जाता है. बाबासाहेब आंबेडकर ने 14 अक्टूबर 1956 को अपने समर्थकों के साथ बौद्ध धर्म अपना लिया था और उसके कुछ समय बाद ही 6 दिसंबर 1956 को उनका निधन हो गया था.
(The above story first appeared on LatestLY on Apr 14, 2025 05:30 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

