Ambedkar Jayanti 2020 Wishes in Hindi: आंबेडकर जंयती पर दोस्तों-रिश्तेदारों को भेजें ये हिंदी WhatsApp Stickers, Facebook Messages, GIF Images, SMS, Wallpapers और दें शुभकामनाएं
भारतीय संविधान के रयचिता, महान राजनेता, चिंतक और समाज सुधारक डॉ. भीमराव आंबेडकर की आज यानी 14 अप्रैल 2020 को 129वीं जयंती मनाई जा रही है. डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर जंयती पर आप अपने दोस्तों-रिश्तेदारों को इन हिंदी वॉट्सऐप स्टिकर्स, फेसबुक मैसेजेस, जीआईएफ इमेजेस, एसएमएस और वॉलपेपर्स के जरिए शुभकामनाएं दे सकते हैं.
Dr. Babasaheb Ambedkar Jayanti 2020 Wishes In Hindi: भारतीय संविधान (Indian Constitution) के रयचिता, महान राजनेता, चिंतक और समाज सुधारक डॉ. भीमराव आंबेडकर (Dr. Bhimrao Ambedkar) की आज यानी 14 अप्रैल 2020 को 129वीं जयंती (Dr. Babasaheb Ambedkar 129th Birth Anniversary) मनाई जा रही है. उनका जन्म 14 अप्रैल 1891 को मध्य प्रदेश के महू में हुआ था. दलित परिवार में जन्म लेने की वजह से बचपन से ही उन्हें आर्थिक और सामाजिक भेदभाव का सामना करना पड़ा. उन्होंने विषम परिस्थितियों में पढ़ाई तो शुरू की, लेकिन स्कूल में भी उन्हें अक्सर भेदभाव का शिकार होना पड़ता था. साल 1907 में मैट्रिक पास करने के बाद उन्होंने एलफिंस्टन कॉलेज में दाखिला लिया. इस कॉलेज में एडमिशन लेने वाले वो पहले दलित छात्र थे. समाज में फैले छुआ-छूत, जातिवाद और भेदभाव जैसी कुरितियों के बीच उन्होंने साल 1912 में बॉम्बे यूनिवर्सिटी से इकोनॉमिक्स और पॉलिटिकल साइंस में स्नातक की डिग्री हासिल की.
डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर ने समाज में दलित पर हो रहे अत्याचारों के खिलाफ आवाज उठाई और बहिष्कृत भारत, मूक नायक व जनता नामक साप्ताहिक और मासिक पत्र निकालने शुरू किए. छुआछूत और जातिवाद के खिलाफ उन्होंने आंदोलन की मशाल जलाई और दलित समाज के उत्थान के लिए उन्हें जागरूक करने में अपना अतुल्य योगदान दिया. डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर जंयती पर आप अपने दोस्तों-रिश्तेदारों को इन हिंदी वॉट्सऐप स्टिकर्स, फेसबुक मैसेजेस, जीआईएफ इमेजेस, एसएमएस और वॉलपेपर्स के जरिए शुभकामनाएं (Dr. Babasaheb Ambedkar Jayanti Wishes) दे सकते हैं.
1- नींद अपनी खोकर जगाया हमको,
आंसू अपने गिराकर हंसाया हमको,
कभी मत भूलना उस महान इंसान को,
जमाना कहता है आंबेडकर जिनको.
आंबेडकर जयंती की शुभकामनाएं

2- फूलों की कहानी बहारों ने लिखी,
रातों की कहानी सितारों ने लिखी,
हम नहीं है किसी के गुलाम,
क्योंकि हमारी जिंदगानी बाबा साहेब ने लिखी.
आंबेडकर जयंती की शुभकामनाएं

3- कर गुजर गए जो वो भीम थे,
दुनिया को जगाने वाले भीम थे,
हमने तो सिर्फ इतिहास पढ़ा है यारो,
इतिहास को बनाने वाले मेरे भीम थे.
आंबेडकर जयंती की शुभकामनाएं

4- नजारों में नजारा देखा,
पर ऐसा नजारा नहीं देखा,
आसमान में जब भी देखा,
मेरे भीम जैसा सितारा नहीं देखा.
आंबेडकर जयंती की शुभकामनाएं

5- कुरान कहता है मुसलमान बनो,
बाइबल कहता है ईसाई बनो,
भगवत गीता कहती है हिंदू बनो,
लेकिन मेरे बाबा साहेब का,
संविधान कहता है इंसान बनो
आंबेडकर जयंती की शुभकामनाएं

गौरतलब है कि अंग्रेजों से भारत को आजादी मिलने के बाद जब संविधान बनाने की बारी आई तो डॉ. आंबेडकर को मसौदा समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया गया. भारत के संविधान के निर्माण में बाबासाहेब आंबेडकर के महत्वपूर्ण योगदान की वजह से ही उन्हें संविधान का रचयिता कहा जाता है. उन्होंने 14 अक्टूबर 1956 को अपने समर्थकों के साथ बौद्ध धर्म अपना लिया था. स्वतंत्र भारत के पहले कानून मंत्री रह चुके डॉ. आंबेडकर का निधन 6 दिसंबर 1956 को हुआ था. उन्हें साल 1990 में मरणोपरांत भारत के सर्वोच्च सम्मान भारत रत्न से सम्मानित किया गया था.
(The above story first appeared on LatestLY on Apr 14, 2020 08:08 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

