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योगी का विपक्ष पर हमला : कुछ लोगों ने वैक्सीन पर जनता को किया गुमराह, फैलाई नकारात्मकता

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंगलवार को कोविड प्रबंधन को लेकर विपक्ष द्वारा सरकार पर उठाए जा रहे सवालों पर जमकर बरसे. उन्होंने कहा कि जब तक कोई पक्का इलाज नहीं आ जाता, तब तक वैक्सीन ही कोरोना संक्रमण के खिलाफ सुरक्षा कवच है, लेकिन कुछ लोगों ने जनता को गुमराह किया.

योगी का विपक्ष पर हमला : कुछ लोगों ने वैक्सीन पर जनता को किया गुमराह, फैलाई नकारात्मकता
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Photo Credits: PTI)

लखनऊ, 18 अगस्त : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) मंगलवार को कोविड प्रबंधन को लेकर विपक्ष द्वारा सरकार पर उठाए जा रहे सवालों पर जमकर बरसे. उन्होंने कहा कि जब तक कोई पक्का इलाज नहीं आ जाता, तब तक वैक्सीन ही कोरोना संक्रमण के खिलाफ सुरक्षा कवच है, लेकिन कुछ लोगों ने जनता को गुमराह किया. विधान परिषद में समाजवादी पार्टी द्वारा कार्यस्थगन की नोटिस पर जवाब देते हुए योगी ने कहा कि अगर कोरोना वैक्सीन के खिलाफ भ्रम न फैलाया गया होता तो तमाम लोगों की जान बचाई जा सकती थी. लेकिन कुछ लोगों ने नकारात्मक टिप्पणी कर लोगों को गुमराह किया. इन लोगों ने कहा कि "यह बीजेपी जी वैक्सीन है, यह मोदी की वैक्सीन हम नहीं लगवाएंगे."

मुख्यमंत्री ने कहा कि ये सबसे बड़े अपराधी हैं और इन लोगों ने जघन्य अपराध किया है और ऐसे अपराधियों को कटघरे में खड़ा करना चाहिए. सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव का नाम लिए बिना उन्होंने कहा, "लेकिन जब 'अब्बाजान' लगवाते हैं तो कहते हैं कि हम भी लगवाएंगे." इस पर जब सपा सदस्यों ने आपत्ति जताई तो योगी ने कहा कि अब्बाजान कब से असंसदीय शब्द हुआ. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि मुस्लिम वोट चाहिए, लेकिन अब्बाजान शब्द से परहेज है. योगी ने कहा, "हम अब्बाजान कहना बंद कर देंगे, लेकिन कम से कम वोट बैंक की पॉलिटिक्स करना बंद कर दीजिए." योगी ने कहा, "जब प्रदेश में कोविड की आहट हुई तो बहुत सी चुनौतियां सामने थीं. हमे 24 करोड़ जनता के जीवन को बचना था और आजीविका को भी. यूपी पहला राज्य था जिसने भरण-पोषण भत्ता और मुफ्त राशन देना शुरू किया. हम आभारी हैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जिन्होंने प्रधानमंत्री गरीब अन्न योजना शुरू की और आज 15 करोड़ लोग मुफ्त राशन पा रहे हैं."

उन्होंने कहा कि कोविड काल होने के बावजूद किसानों से खरीद बढ़ाई गई, पेंशन दी गई और 119 चीनी मीलों को चलाया गया. मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना की पहली लहर में 40 लाख प्रवासी कामगार वापस आए. अगर पहले की सरकारों में काम हुआ होता तो प्रवासी दूसरे प्रदेशों में क्या कर रहे थे. यह पहले की सरकारों की अकर्मण्यता और भ्रष्टाचार का जीता-जाता उदहारण है. योगी ने कहा कि एक पार्टी ने कहा कि कोटा से बच्चों को लाने के लिए हम बसें देंगे. बदले में फर्जी नंबर दे दिए कबाड़ में पड़े ट्रकों के. उन्होंने कहा कि जहां सामूहिकता की बात होनी चाहिए वहां हर बात पर राजनीति हो रही है. कोरोना काल में राज्यपाल ने एक सर्वदलीय बैठक बुलाई इस आपदा पर चर्चा करने के लिए लेकिन कुछ ने इसका बहिष्कार कर दिया. मुख्यमंत्री ने कहा कि जब कोरोना संक्रमण शुरू हुआ तो लाइफ सपोर्ट एम्बुलेंस नहीं थी, सरकार ने उसकी व्यवस्था कराई. यह भी पढ़ें : CBI को चुनाव आयोग की तरह और अधिक स्वतंत्र बनाया जाना चाहिए, सीधे PM को रिपोर्ट करने का अधिकार हो: मद्रास हाईकोर्ट

उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने कोरोना काल में नेगेटिविटी पैदा कर रहे थे, भड़काने, अव्यवस्था फैलाने का काम कर रहे थे, समय उनकी समीक्षा करेगा. यह किसी भी तरह से सभ्य व्यवस्था का हिस्सा नहीं होना चाहिए. उन्होंने कहा कि तीसरी लहर के लिए सरकार पूरी तरह से तैयार है. मुख्यमंत्री ने विपक्ष के विज्ञापन पर पैसे बर्बाद करने के आरोप का भी जवाब दिया. उन्होंने कहा, "आप दुष्प्रचार करो तो ठीक, हम कर रहे हैं तो खराब. यह प्रचार लोगों को वैक्सीन लगवाने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए किया जा रहा है. विपक्ष के कोरोना काल में पंचायत चुनाव कराने के आरोपों पर योगी ने कहा कि हम पंचायत चुनाव नहीं कराना चाहते थे. जब हम चुनाव नहीं करा रहे थे तो आप (विपक्ष) पीआईएल कर रहे थे फिर कोर्ट ने आदेश दिया."

(The above story first appeared on LatestLY on Aug 18, 2021 10:18 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).