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योगी सरकार का दावा, यूपी के शहरों का हो चुका कायाकल्प

उत्तर प्रदेश में नगर निकाय चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मी बढ़ गयी है. मुख्यमंत्री योगी अपनी सरकार की उपलब्धियों के साथ शहरों को साधने में जुटे हैं. मुख्यमंत्री सभी नगर निगमों में प्रबुद्धजन सम्मेलन कर चुके हैं.

योगी सरकार का दावा, यूपी के शहरों का हो चुका कायाकल्प
Cm Yogi Adityanath's Speech (Photo: Facebook)

लखनऊ, 17 दिसम्बर : उत्तर प्रदेश में नगर निकाय चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मी बढ़ गयी है. मुख्यमंत्री योगी अपनी सरकार की उपलब्धियों के साथ शहरों को साधने में जुटे हैं. मुख्यमंत्री सभी नगर निगमों में प्रबुद्धजन सम्मेलन कर चुके हैं. बीते साढ़े पांच साल में शहरी सुविधाओं को सु²ढ़ बनाने को लेकर किये गये कार्यों को जनता के सामने रख रहे हैं. आवास, शौचालय, स्वच्छता, परिवहन, स्वनिधि, स्मार्ट सिटी, इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर और ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम जैसे तमाम कार्यों को योगी सरकार निकाय चुनाव में अपनी बड़ी ताकत के रूप में देख रही है. सरकार का दावा है कि बीते लगभग साढ़े पांच साल में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में शहरी विकास से जुड़ी योजनाओं को पार्टी जनता के सामने रख रही है. गरीबों के लिए पक्का आवास, हर घर शौचालय निर्माण, शहरों का सौंदर्यीकरण, आधुनिक स्वास्थ्य व्यवस्था, स्वच्छ पेयजल आपूर्ति, बिजली अपूर्ति और स्ट्रीट लाइट से लेकर सड़क, सीवर और सु²ढ़ कानून व्यवस्था तक ऐसे तमाम क्षेत्र हैं, जहां आमूलचूल परिवर्तन आया है.

सरकार की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार साढ़े पांच साल की बात करें तो स्वच्छ भारत मिशन (नगरीय) के अंतर्गत अब तक 2 करोड़ 61 लाख शौचालय का निर्माण योगी सरकार ने किया है. इससे लगभग 10 करोड़ से अधिक शहरी जनता लाभान्वित हुई है. साथ ही पूरा प्रदेश आज खुले में शौच से मुक्त घोषित किया जा चुका है. नगरीय क्षेत्र में अब तक 8,99,634 व्यक्तिगत एवं 69,381 सामुदायिक/सार्वजनिक शौचालयों का निर्माण किया गया है. साथ ही महिलाओं के लिए 3670 सीट के पब्लिक कम्युनिटी पिंक टॉयलेट का भी निर्माण सरकार की महत्वपूर्ण उपलब्धि है. यह भी पढ़ें : बंदी संजय की यूसीसी समर्थक बयानबाजी तेलंगाना में भाजपा की मंशा की ओर करती है इशारा

कूड़ा कलेक्शन और वेस्ट मैनेजमेंट की बात करें तो वर्तमान में प्रदेश के 12,022 वाडरें में 100 प्रतिशत डोर टू डोर कूड़े का कलेक्शन कराया जा रहा है. सिंगल यूज प्लास्टिक को प्रदेश में प्रतिबंधित कर दिया गया है. अब तक की कार्रवाई में लगभग 1468 टन प्लास्टिक जब्त की जा चुकी है, जिससे जुर्माने के रूप में 16.27 करोड़ रुपए का राजस्व भी सरकार को प्राप्त हुआ है. वहीं प्रदेश के 28 शहरों में 353 करोड़ से 4030 टीपीडी (टन पर डे) क्षमता के सॉलिड वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट स्थापित किये गये हैं. इसके साथ ही प्रदेश में सॉलिड वेस्ट प्रोसेसिंग की क्षमता बढ़कर 8510 टीपीडी हो गयी है. वहीं 22 स्थानीय निकायों में 22 लाख टन क्षमता के लिगेसी वेस्ट रिमिडियेशन प्लांट को क्रियाशील किया जा चुका है.

प्रयागराज और मथुरा में वेस्ट प्लास्टिक टू फ्यूल प्लांट की स्थापना, गाजियाबाद में गार्बेज फैक्ट्री और प्लास्टिक म्यूजियम का निर्माण, वाराणसी, लखनऊ, गाजियाबाद व प्रयागराज में मैकेनाइज्ड क्लीनिंग की व्यवस्था, लखनऊ, गाजियाबाद, झांसी, कानपुर, मेरठ और वाराणसी में वेस्ट प्लास्टिक से सड़क निर्माण, ये ऐसे प्रयास हैं जो शहरों को प्रदूषण से मुक्त करने के लिए योगी सरकार ने उठाए हैं.

प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत प्रदेश में अब तक 45 लाख 50 हजार से अधिक आवासों का निर्माण किया जा चुका है. इसमें नगरीय क्षेत्र में 17 लाख 5 हजार आवासों का निर्माण हुआ है. इसके अलावा लखनऊ में ग्लोबल हाउसिंग टेक्नोलॉजी चैलेंज पर आधारित लाइट हाउस प्रोजेक्ट के अंतर्गत 1040 आवासों का निर्माण, प्रयागराज में एफोर्डेबल रेंटल हाउंसिंग कॉम्प्लेक्स का निर्माण किया गया है. बता दें कि डीबीटी के माध्यम से धनराशि हस्तांतरण में उत्तर प्रदेश 2019 व 2021 में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाला राज्य बना है.

(The above story first appeared on LatestLY on Dec 17, 2022 01:25 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).