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तंबाकू से जुड़ी चेतावनी को लेकर क्यों चिंतित ओटीटी

भारत चाहता है कि ओटीटी पर दिखाई जाने वाली सामग्री में तंबाकू प्रोडक्ट्स या उनके इस्तेमाल पर ऑडियो और वीडियो वाली चेतावनी हो.

तंबाकू से जुड़ी चेतावनी को लेकर क्यों चिंतित ओटीटी
प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credit: Image File)

भारत चाहता है कि ओटीटी पर दिखाई जाने वाली सामग्री में तंबाकू प्रोडक्ट्स या उनके इस्तेमाल पर ऑडियो और वीडियो वाली चेतावनी हो. विश्वभर के स्ट्रीमिंग प्लेटफार्म तंबाकू चेतावनी से जुड़े भारत के नियम को लेकर चिंतित हैं.स्ट्रीमिंग उद्योग द्वारा आपत्ति जताए जाने के बाद भारतीय स्वास्थ्य मंत्रालय नेटफ्लिक्स और अमेजन प्राइम जैसे अन्य स्ट्रीमिंग ओटीटी प्लेटफार्मों पर सख्त तंबाकू चेतावनियों के लिए "व्यावहारिक समाधान" खोजने पर सहमत हो गया है.

समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने इस बारे में सरकारी मीटिंग के रिकॉर्ड का हवाला देते हुए रिपोर्ट दी है. तंबाकू के इस्तेमाल को कम करने के उद्देश्य से भारत ने मई में ऑनलाइन क्यूरेट की गई सामग्री में तंबाकू प्रोडक्ट्स के ऑनलाइन चित्रण के नियमन के लिए ओटीटी दिशानिर्देश जारी किए थे.

इनके तहत तंबाकू प्रोडक्ट्स या उनके इस्तेमाल को प्रदर्शित करने वाली ओटीटी सामग्री के प्रकाशकों को खास दिशानिर्देशों का पालन करना होगा.

तंबाकू वाले दृश्यों के लिए नियम

नियम के मुताबिक तंबाकू प्रोडक्ट्स या उनके इस्तेमाल को प्रदर्शित करने वाली सामग्री के लिए ओटीटी प्लेटफार्मों को तंबाकू विरोधी हेल्थ स्पॉट जोड़ने की जरूरत होगी, जो कार्यक्रम की शुरुआत और बीच में कम से कम तीस सेकंड तक चले.

नए दिशानिर्देश में कहा गया है जब उत्पाद या इसका इस्तेमाल दिखाए जाए तो प्रकाशकों को स्क्रीन के नीचे एक प्रमुख स्थिर संदेश के रूप में तंबाकू विरोधी स्वास्थ्य चेतावनियों को दिखाना होगा.

इसके अलावा तंबाकू के इस्तेमाल के दुष्प्रभावों पर कम से कम बीस सेकंड वाला ऑडियो-विजुअल डिस्क्लेमर कार्यक्रम के शुरुआत और बीच में भी दिखाना होगा.

तंबाकू नियमों को लेकर चिंतित ओटीटी प्लेटफॉर्म

इस कदम के बाद अमेजन प्राइम, नेटफ्लिक्स, डिजनी हॉटस्टार, जियोसिनेमा और अन्य स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्मों के बीच चिंता पैदा हो गई. इन प्लेटफॉर्मों के अधिकारियों को डर है कि नियम के कारण उन्हें कई सौ घंटे की मौजूदा सामग्रियों की फिर से एडिटिंग करनी होगी.

28 अगस्त को एक बंद कमरे में हुई बैठक में स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्मों के अधिकारियों ने स्वास्थ्य मंत्रालय और सूचना और प्रसारण मंत्रालय के अधिकारियों से मुलाकात की और नियमों में ढील देने और तीन महीने की समय सीमा से परे अनुपालन के लिए अधिक समय मांगा था. इस मीटिंग के मिनट्स को रॉयटर्स ने देखा है.

उन्हें सूचना और प्रसारण मंत्रालय के सचिव अपूर्व चंद्रा का आश्वासन मिला. मंत्रालय स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म को नियंत्रित करता है. उन्होंने "सामग्री की मौजूदा लाइब्रेरी, विदेशी सामग्री और सामग्री के बीच में हेल्थ स्पॉट्स को शामिल करने के संबंध में कार्यान्वयन से जुड़ी चिंताओं को इंगित किया."

उन्होंने सुझाव दिया कि प्लेटफॉर्म यूजर्स के लॉगइन करने पर प्रदर्शित होने वाली उचित स्वास्थ्य चेतावनी पर विचार कर सकते हैं.

मौत का कारण बनता तंबाकू

मिनट्स के मुताबिक चर्चा के बाद स्वास्थ्य सचिव सुधांश पंत ने "तंबाकू के इस्तेमाल के हानिकारक प्रभावों और हितधारकों द्वारा पेश चिंताओं पर ध्यान दिया और कहा कि परिचालन और अनुपालन के लिए व्यावहारिक समाधान सार्वजनिक स्वास्थ्य के व्यापक हित में देखा जाएगा."

इस चर्चा के बाद ऐसे संकेत मिल रहे हैं कि सरकार नियमों को नरम कर सकती है या उनमें बदलाव कर सकती है. लेकिन यह साफ नहीं है कि स्वास्थ्य मंत्रालय नियमों में कब और क्या बदलाव करेगा. रॉयटर्स द्वारा पूछे गए सवाल पर स्वास्थ्य मंत्रालय और सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने जवाब नहीं दिया है. नेटफ्लिक्स, अमेजन और मुकेश अंबानी की कंपनी वायकॉम18 ने भी प्रतिक्रिया नहीं दी.

स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं ने तंबाकू को खतरनाक बताते हुए नए नियमों का स्वागत किया था. उनका कहना है कि तंबाकू के कारण हर साल देश में लाखों मौतें होती हैं.

डब्ल्यूएचओ के अनुमान के मुताबिक भारत में हर साल तंबाकू के इस्तेमाल से 13.5 लाख लोगों की मौत होती है. भारत तंबाकू का दूसरा सबसे बड़ा उपभोक्ता और उत्पादक देश है. आंकड़ों के मुताबिक विश्व स्तर पर तंबाकू के इस्तेमाल से हर साल 80 लाख लोगों की मौत होती है.

एए/सीके (रॉयटर्स)

(The above story first appeared on LatestLY on Sep 21, 2023 03:00 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).