What Is NAMASTE Diwas 2026: स्वच्छता कर्मियों के सम्मान और सुरक्षा का राष्ट्रीय संकल्प, जानिए क्यों मनाया जाता है यह खास दिवस

What Is NAMASTE Diwas 2026: केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय 14 जुलाई को नमस्ते दिवस 2026 मनाएगा . यह दिवस राष्ट्रीय यंत्रीकृत स्वच्छता इको-सिस्टम (NAMASTE) योजना के तीन वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित किया जा रहा है . इसका उद्देश्य देशभर के स्वच्छता कर्मियों को सम्मान देना, उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना और मशीनीकृत स्वच्छता व्यवस्था को बढ़ावा देना है .

क्या है नमस्ते दिवस?

नमस्ते दिवस स्वच्छता कर्मियों के सम्मान और उनके कल्याण के लिए समर्पित एक विशेष दिवस है . इस दिन सीवर और सेप्टिक टैंक सफाई कर्मचारियों, कचरा बीनने वालों तथा पूर्व में हाथ से मैला ढोने वाले लोगों के योगदान को सम्मानित किया जाता है . साथ ही सुरक्षित कार्यस्थल, आधुनिक मशीनों के उपयोग और सामाजिक सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं .

क्या है NAMASTE योजना?

राष्ट्रीय यंत्रीकृत स्वच्छता इको-सिस्टम (NAMASTE) योजना की शुरुआत वर्ष 2023 में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय और आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय ने संयुक्त रूप से की थी . इस योजना का उद्देश्य सीवर और सेप्टिक टैंक की सफाई के दौरान मानव हस्तक्षेप को समाप्त करना, सफाई कार्यों का मशीनीकरण बढ़ाना, सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराना और स्वच्छता कर्मियों को कौशल विकास एवं रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है .

देशभर में होंगे विशेष कार्यक्रम

नमस्ते दिवस 2026 का मुख्य कार्यक्रम पश्चिम बंगाल के कोलकाता स्थित रवींद्र सदन में आयोजित किया जाएगा . इसके साथ ही देशभर के शहरी स्थानीय निकायों (ULBs) में भी समानांतर कार्यक्रम होंगे . इन कार्यक्रमों में स्वास्थ्य जांच शिविर, व्यावसायिक सुरक्षा प्रशिक्षण, सरकारी योजनाओं की जानकारी, सुरक्षा उपकरणों का वितरण, मशीनीकृत सफाई उपकरणों का प्रदर्शन और स्वच्छता कर्मियों को सम्मानित करने जैसे आयोजन शामिल रहेंगे .

सरकार का क्या है लक्ष्य?

सरकार का लक्ष्य स्वच्छता कार्यों के दौरान होने वाली दुर्घटनाओं और मौतों को शून्य तक लाना, मानव मल के साथ सीधे संपर्क को पूरी तरह समाप्त करना और सभी सफाई कार्यों को आधुनिक मशीनों की मदद से सुरक्षित तरीके से कराना है . इसके अलावा स्वच्छता कर्मियों को सामाजिक सुरक्षा, आर्थिक सशक्तिकरण और सम्मानजनक जीवन उपलब्ध कराने पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है .