West Bengal: पश्चिम बंगाल और देश के अन्य राज्यों में एसआईआर पर जल्द लेंगे निर्णय; ज्ञानेश कुमार
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नई दिल्ली, 17 अगस्त : भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने पश्चिम बंगाल और देश के अन्य राज्यों में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की घोषणा पर बयान दिया. उन्होंने कहा कि तीनों चुनाव आयुक्त मिलकर सही समय पर इस संबंध में निर्णय लेंगे. मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा, "जहां तक पश्चिम बंगाल के एसआईआर की तारीख का सवाल है, तो हम तीनों कमिश्नर सही समय देखकर निर्णय लेंगे. चाहे वह पश्चिम बंगाल में हो या देश के अन्य राज्यों में हो, जल्द ही इस संबंध में तारीखों की घोषणा आने वाले समय में की जाएगी."

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने बांग्लादेश और अन्य विदेशी नागरिकों द्वारा मतदान के मुद्दे पर अपनी स्थिति स्पष्ट की. उन्होंने कहा, "मैं स्पष्ट करना चाहता हूं कि भारत के संविधान के अनुसार, केवल भारत के नागरिक ही विधायक, सांसद का चुनाव कर सकते हैं. किसी अन्य देश के नागरिकों को यह अधिकार नहीं है. अगर ऐसे लोगों ने गणना फॉर्म भरा है, तो एसआईआर की प्रक्रिया में उनकी पात्रता साबित करने के लिए कुछ दस्तावेज मांगे गए हैं, जिनकी 30 सितंबर तक पूरी जांच होगी और ऐसे केस में गहन जांच के दौरान ऐसे लोग पाए जाएंगे, जो हमारे देश के नागरिक नहीं हैं और निश्चित तौर से उनका वोट नहीं बनेगा." यह भी पढ़ें : SEBI ने सेटलमेंट एप्लीकेशन में दर्ज की वृद्धि, वित्त वर्ष 25 में 860 करोड़ रुपए से अधिक किए एकत्र

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने फॉर्म 7 और शपथ पत्र से संबंधित सवालों का जवाब देते हुए कहा, "सवाल था कि आप कुछ लोगों से फॉर्म 7 और कुछ लोगों से शपथ पत्र क्यों मांग रहे हैं, इसका जवाब है कि लोक प्रतिनिधित्व कानून, जो सभी के लिए समान है, यह मेरे लिए भी है, आपके लिए भी और किसी भी सांसद या विधायक के लिए भी है. अगर आप उस निर्वाचन क्षेत्र के निर्वाचक हैं, तो आपको समय पर शिकायत करने का पूरा अवसर मिलता है, आप फॉर्म 6, फॉर्म 7, फॉर्म 8 भर सकते हैं. बशर्ते आप उस विधानसभा क्षेत्र के निर्वाचक हों, लेकिन अगर आप वहां के निर्वाचक नहीं हैं और आप अपनी शिकायत को आगे बढ़ाना चाहते हैं, तो आपके पास कानून में केवल एक ही विकल्प है और वह है निर्वाचन नियमों का पंजीकरण, नियम संख्या (20 उपखंड 3 उपखंड बी) जो कहता है कि अगर आप उस विधानसभा क्षेत्र के निर्वाचक नहीं हैं, तो आप एक गवाह के रूप में अपनी शिकायत दर्ज कर सकते हैं." उन्होंने कहा, "निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी को आपको शपथ देनी होगी और वह शपथ उस व्यक्ति के सामने एडमिनिस्टर करानी होगी जिसके खिलाफ आपने शिकायत की है. यह कानून सभी पर समान रूप से लागू है."