Suvendu Adhikari Cabinet Decisions: बंगाल के CM बनते ही सुवेंदु अधिकारी ने पहली कैबिनेट में लिए 6 बड़े फैसले, आयुष्मान भारत लागू करने और सरकारी भर्तियों को दी मंजूरी
पश्चिम बंगाल के नवनियुक्त मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने पहली कैबिनेट बैठक में राज्य के लिए 6 बड़े क्रांतिकारी फैसले लिए हैं, जिनमें आयुष्मान भारत योजना और नई भर्ती प्रक्रिया शुरू करना शामिल है
Suvendu Adhikari Cabinet Decisions: पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आ रहे हैं. सोमवार को आयोजित पहली कैबिनेट बैठक में राज्य सरकार ने छह दूरगामी निर्णय लिए हैं. मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार का लक्ष्य एक "नए बंगाल" का निर्माण करना है, जहाँ विकास और सुरक्षा सर्वोपरि होगी. यह भी पढ़े: West Bengal Oath Ceremony: पश्चिम बंगाल में शपथ ग्रहण समारोह में दिखी PM मोदी की अद्भुत तस्वीर, मंच पर जनता के सामने हुए दंडवत; देखें VIDEO
कैबिनेट बैठक में लिए गए 6 प्रमुख फैसले इस प्रकार हैं:
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शहीद कार्यकर्ताओं को सम्मान और न्याय: मुख्यमंत्री ने बताया कि सत्ता परिवर्तन के संघर्ष में जान गंवाने वाले 321 कार्यकर्ताओं को कैबिनेट में श्रद्धांजलि दी गई. उन्होंने संकल्प लिया कि इन कार्यकर्ताओं का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा और उनके परिवारों को हर हाल में न्याय दिलाया जाएगा.
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BSF को जमीन का आवंटन: राष्ट्रीय सुरक्षा और सीमावर्ती क्षेत्रों में जनसांख्यिकीय बदलावों को ध्यान में रखते हुए, सरकार ने सीमा पर बाड़ लगाने (Border Fencing) के लिए बीएसएफ को जमीन देने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. कैबिनेट ने इस कार्य को 45 दिनों के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा है.
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आयुष्मान भारत योजना लागू: सरकार ने आधिकारिक तौर पर केंद्र की स्वास्थ्य योजना 'आयुष्मान भारत' में शामिल होने का फैसला किया है. अब प्रधानमंत्री की सभी कल्याणकारी योजनाएं पूरे बंगाल में बिना किसी रुकावट के लागू की जाएंगी.
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नौकरशाहों की केंद्रीय ट्रेनिंग: पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा नौकरशाहों (Bureaucrats) के केंद्रीय प्रशिक्षण और तैनाती पर लगाई गई रोक को हटा दिया गया है. अब राज्य के अधिकारियों को केंद्रीय ट्रेनिंग के लिए भेजा जा सकेगा.
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भारतीय न्याय संहिता (BNS) का कार्यान्वयन: पश्चिम बंगाल में अब तक पूरी तरह से लागू नहीं हो पाए नए केंद्रीय कानून 'भारतीय न्याय संहिता' (BNS) को आज से प्रभावी कर दिया गया है. अब राज्य में सभी नए मामले इसी कानून के तहत दर्ज किए जाएंगे.
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नई भर्ती प्रक्रिया की शुरुआत: कैबिनेट ने स्वीकार किया कि 2015 के बाद से बंगाल में कोई बड़ी सरकारी भर्ती नहीं हुई है. अपने चुनावी वादे के अनुसार, मुख्यमंत्री ने राज्य में रुकी हुई भर्ती प्रक्रियाओं को तत्काल प्रभाव से शुरू करने का आदेश दिया है.
चुनाव आयोग का आभार
इन बड़े फैसलों के साथ ही कैबिनेट ने राज्य में शांतिपूर्ण और हिंसा-मुक्त चुनाव संपन्न कराने के लिए भारत निर्वाचन आयोग और मतदाताओं का औपचारिक रूप से धन्यवाद किया. मुख्यमंत्री ने कहा कि ये निर्णय राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था में पारदर्शिता और सुरक्षा सुनिश्चित करेंगे.