जयपुर, 9 जून: राजस्थान (Rajasthan) में चल रहे प्री-मानसून सीजन (Pre-Monsoon Season) के बीच भी तापमान में लगातार हो रही बढ़ोतरी ने आम जनजीवन को बेहाल कर दिया है. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (India Meteorological Department) (IMD) ने मंगलवार को राज्य के मौसम में एक बड़े बदलाव का पूर्वानुमान जारी किया है. मौसम विभाग के अनुसार, आगामी 11 जून से प्रदेश में एक नया और ताजा पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) सक्रिय होने जा रहा है. इस नए मौसमी सिस्टम के प्रभाव से राज्य के कई हिस्सों में तेज आंधी-तूफान, धूल भरी हवाएं और गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम वर्षा होने की प्रबल संभावना है, जो निवासियों को मौजूदा झुलसाने वाली गर्मी से बड़ी राहत प्रदान करेगी. यह भी पढ़ें: Maharashtra Monsoon Update: महाराष्ट्र में मॉनसून ने पकड़ी रफ्तार; कोंकण, सतारा, सांगली और कोल्हापुर में अगले 24 घंटों के लिए भारी बारिश का अलर्ट
श्रीगंगानगर रहा देश का सबसे गर्म शहर; आर्द्रता ने बढ़ाई परेशानी
मौसम कार्यालय से प्राप्त आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, सोमवार को राजस्थान के अधिकांश हिस्सों में आसमान साफ रहने के कारण धूप के तीखे तेवर और अत्यधिक उमस (High Humidity) का प्रभाव बना रहा. इस दौरान राज्य का सबसे अधिकतम तापमान श्रीगंगानगर जिले में 45.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया. इस आंकड़े के साथ ही सोमवार को श्रीगंगानगर न केवल राजस्थान का, बल्कि पूरे देश का सबसे गर्म शहर बनकर उभरा है.
इसके अतिरिक्त, जैसलमेर और बीकानेर जैसे पश्चिमी क्षेत्रों में भी अधिकतम तापमान 44 डिग्री से 46 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया. रात के तापमान की बात करें तो हनुमानगढ़ जिले के संगरिया में सबसे अधिक न्यूनतम तापमान 35.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि राज्य में सबसे कम न्यूनतम तापमान 22.7 डिग्री सेल्सियस सिरोही में रिकॉर्ड हुआ.
अगले 48 घंटों में 2 से 3 डिग्री और चढ़ेगा पारा; हीटवेव का अलर्ट
मौसम वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि 11 जून को पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से पहले, मंगलवार और बुधवार को राज्य में मौसम के दो विपरीत रूप देखने को मिल सकते हैं. विभाग ने कुछ क्षेत्रों के लिए आंधी-तूफान तो कुछ मैदानी इलाकों के लिए गंभीर 'हीटवेव' (लू) का दोहरा अलर्ट जारी किया है.
विशेषज्ञों का अनुमान है कि आगामी दो से तीन दिनों के दौरान जोधपुर और बीकानेर संभाग के अधिकांश हिस्सों में मुख्य रूप से आसमान साफ रहेगा. इसके परिणामस्वरूप, दिन के तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की और बढ़ोतरी होने के आसार हैं, जिससे कई स्थानों पर लू (Heatwave) और रात के समय 'वार्म नाइट' जैसी स्थितियां गंभीर रूप ले सकती हैं. प्रशासन ने नागरिकों को दोपहर के चरम घंटों के दौरान सीधे धूप के संपर्क में आने से बचने और आवश्यक एहतियात बरतने की सलाह दी है.
पूर्वी हिस्सों में हल्की फुहारें; पश्चिमी क्षेत्र रहा पूरी तरह शुष्क
यदि पिछले 24 घंटों के मौसमी इतिहास पर नजर डालें, तो पूर्वी राजस्थान के छिटपुट स्थानों पर हल्की वर्षा दर्ज की गई है, जिससे वहां के स्थानीय तापमान में आंशिक गिरावट आई. इसके विपरीत, पश्चिमी राजस्थान का अधिकांश हिस्सा पूरी तरह शुष्क और गर्म बना रहा, जहाँ एक या दो स्थानों पर गंभीर लू का प्रकोप देखा गया.
फिलहाल, राजस्थान इस समय एक मिश्रित और परिवर्तनशील मौसम तंत्र का सामना कर रहा है, जहाँ एक तरफ कुछ हिस्से अत्यधिक तपन से झुलस रहे हैं, तो वहीं दूसरी तरफ राज्य धीरे-धीरे मानसून की अनुकूल दिशा में आगे बढ़ रहा है. 11 जून से आने वाली आंधी और बारिश की यह नई खेप इस प्री-मानसून चरण को और अधिक सुदृढ़ करेगी.













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