Maharashtra Monsoon Update: महाराष्ट्र में मॉनसून ने पकड़ी रफ्तार; कोंकण, सतारा, सांगली और कोल्हापुर में अगले 24 घंटों के लिए भारी बारिश का अलर्ट
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मॉनसून ने पिछले 24 घंटों में एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है और मंगलवार, 9 जून 2026 को महाराष्ट्र के कई नए जिलों में प्रवेश कर लिया है. मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के दौरान दक्षिण कोंकण, सतारा, सांगली, कोल्हापुर और गोवा के अलग-अलग हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना जताई है. कोंकण और सह्याद्रि की पहाड़ियों (घाट क्षेत्रों) में इसका सबसे अधिक असर दिखने का अनुमान है.
मुंबई, 9 जून: महाराष्ट्र (Maharashtra) में चिलचिलाती गर्मी (Scorching Heat) से जूझ रहे नागरिकों के लिए राहत भरी खबर है. राज्य में पिछले 24 घंटों के दौरान दक्षिण-पश्चिम मॉनसून (Monsoon) ने अपनी सक्रियता बढ़ा दी है और मंगलवार, 9 जून को प्रदेश के कई अन्य हिस्सों में इसका सफल आगमन हो गया है. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (India Meteorological Department) (IMD) के ताजा बुलेटिन के अनुसार, आगामी 24 घंटों के भीतर दक्षिण कोंकण, सतारा, सांगली, कोल्हापुर और पड़ोसी राज्य गोवा में भारी से अत्यंत भारी बारिश होने की प्रबल आशंका है. मौसम वैज्ञानिकों ने विशेष रूप से पहाड़ी और घाट क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है. यह भी पढ़ें: India Monsoon Update 2026: केरल में देरी से दस्तक के बाद महाराष्ट्र और तेलंगाना की ओर बढ़ा दक्षिण-पश्चिम मानसून, आईएमडी ने जारी किया अलर्ट
सैटेलाइट तस्वीरों में दिखे घने बादल; अगले कुछ घंटे बेहद संवेदनशील
आईएमडी के अल्पकालिक पूर्वानुमान (नाउकास्ट) के मुताबिक, दक्षिण कोंकण-गोवा, उत्तरी कर्नाटक और केरल के मध्य तटीय हिस्सों में अगले तीन से चार घंटों के दौरान ही कुछ स्थानों पर मूसलाधार बारिश शुरू हो सकती है.
अंतरिक्ष से प्राप्त ताजा सैटेलाइट तस्वीरों (Satellite Images) से स्पष्ट हुआ है कि इन क्षेत्रों के वायुमंडल में अत्यधिक घने और गहरे बादलों की पट्टियों (Cloud Bands) का निर्माण हो चुका है. बादलों का यह तीव्र चक्रवात और हवा का कम दबाव बहुत जल्द दक्षिणी महाराष्ट्र के मौसम को पूरी तरह प्रभावित करने वाला है.
महाराष्ट्र में मॉनसून ने पकड़ी रफ्तार
IMD has declared monsoon over South Maharashtra but I'm not fully convinced yet. The real test will be whether monsoon winds remain active ahead. Mumbai, Pune still far from monsoon onset due to existing dry air intrusion which will dominate in coming days. #MumbaiRains
— Mumbai Rains (@rushikesh_agre_) June 8, 2026
महाराष्ट्र के कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
THUNDERSTORM ACCOMPANIED WITH LIGHTNING, HEAVY RAIN, GUSTY WINDS WITH SPEED 40-50 KMPH VERY LIKELY TO OCCUR AT A ISOLATED PLACES IN THE DISTRICTS OF SOUTH KONKAN - GOA AND SOUTH MADHYA MAHARASHTRA.
— Regional Meteorological Center,Mumbai (@RMC_Mumbai) June 8, 2026
धीमी गति के बाद मॉनसून का री-टेकऑफ; इन जिलों में पूरी तरह सक्रिय
मौसम विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, केरल में दस्तक देने के बाद शुरुआती दो दिनों में मॉनसून ने बहुत तेजी से प्रगति की थी, लेकिन उसके बाद इसकी रफ्तार थोड़ी धीमी पड़ गई थी. सोमवार (8 जून) को अनुकूल परिस्थितियां वापस लौटने के साथ ही मॉनसून ने कर्नाटक, तमिलनाडु, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और पूर्वोत्तर भारत के राज्यों सहित दक्षिणी महाराष्ट्र के क्षेत्रों में दोबारा तेजी से आगे बढ़ना शुरू कर दिया है.
एक दिन के संक्षिप्त ठहराव के बाद, मॉनसूनी हवाओं ने सोमवार को राज्य के तटीय बेल्ट और पूर्वी सह्याद्रि श्रेणियों के एक बड़े हिस्से को अपने घेरे में ले लिया. इसके प्रभाव से वर्तमान में सिंधुदुर्ग, कोल्हापुर और सांगली जिले पूरी तरह से मॉनसूनी बारिश की जद में आ चुके हैं। वहीं, रत्नागिरी और सतारा जिलों के बहुसंख्यक हिस्सों में भी मॉनसून की पहली फुहारें दर्ज की जा चुकी हैं, जबकि यह सोलापुर जिले के दक्षिणी छोर तक भी पहुंच गया है.
घाट और पहाड़ी इलाकों में दिखेगा ज्यादा असर; खरीफ फसलों के लिए वरदान
मौसम विशेषज्ञों ने संकेत दिए हैं कि दक्षिण कोंकण के सिंधुदुर्ग और रत्नागिरी जिलों के साथ-साथ सह्याद्रि पर्वत श्रृंखला से सटे सतारा, सांगली और कोल्हापुर जिलों में वर्षा की तीव्रता में क्रमिक वृद्धि देखी जाएगी. इस मौसमी शिफ़्ट का सबसे व्यापक और गहरा असर पश्चिमी घाट (Ghats) और अत्यधिक ऊंचाई वाले पहाड़ी इलाकों में देखने को मिलेगा, जहाँ तेज हवाओं के साथ भारी बौछारें पड़ने की उम्मीद है.
मौसम कार्यालय का अनुमान है कि आने वाले कुछ दिनों में पूरे दक्षिणी और मध्य महाराष्ट्र में बारिश की ये गतिविधियां और अधिक तीव्र हो सकती हैं. जून के दूसरे सप्ताह से शुरू हो रही यह निरंतर वर्षा राज्य के कृषि क्षेत्र के लिए बेहद फायदेमंद साबित होगी, क्योंकि इससे खरीफ सीजन (Kharif Season) की फसलों की बुआई और खेती के कार्यों के लिए राज्य भर में सर्वथा अनुकूल और आदर्श परिस्थितियां निर्मित हो जाएंगी.
(The above story first appeared on LatestLY on Jun 09, 2026 01:34 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

