Voter List Verification: SIR क्या है? मतदाता सूची में नाम जांचने और ऑनलाइन आवेदन करने की पूरी प्रक्रिया जानें

ECI द्वारा पांच राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया चलाई जा रही है. मतदाता घर बैठे ऑनलाइन माध्यम से 'एनुमरेशन फॉर्म' भरकर अपनी जानकारियों को सत्यापित और अपडेट कर सकते हैं. जानिए इसकी अंतिम तिथि, आवश्यक नियम और स्टेप-बाय-स्टेप ऑनलाइन प्रक्रिया.

 Voter List Verification:  देश में मतदाता सूचियों (Electoral Rolls) को पूरी तरह सटीक और अद्यतन (अपडेट) बनाने के उद्देश्य से भारत निर्वाचन आयोग (ECI) द्वारा 'विशेष गहन पुनरीक्षण' (Special Intensive Revision - SIR) कार्यक्रम चलाया जा रहा है. यह प्रक्रिया वर्तमान में कर्नाटक, मेघालय, महाराष्ट्र, झारखंड और दिल्ली सहित विभिन्न राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों में तेजी से जारी है. इस अभियान के तहत जहां बूथ लेवल अधिकारी (BLOs) घर-घर जाकर मतदाताओं का भौतिक सत्यापन कर रहे हैं, वहीं आयोग ने नागरिकों की सुविधा के लिए ऑनलाइन माध्यम से भी 'एनुमरेशन फॉर्म' (Enumeration Form) जमा करने का विकल्प प्रदान किया है. इसके जरिए योग्य मतदाता घर बैठे ही अपने विवरण को डिजिटल रूप से जांच और सुधार सकते हैं.

क्या है स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) और यह क्यों जरूरी है?

विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) निर्वाचन आयोग द्वारा चलाया जाने वाला एक व्यापक और गहन अभियान है, जिसका उद्देश्य मतदाता सूची की त्रुटियों को दूर करना है. इसके तहत:

महत्वपूर्ण तारीखें और समय-सारणी

निर्वाचन आयोग ने इस विशेष अभियान के लिए एक निश्चित समय-सीमा तय की है:

ध्यान दें: नए नियमों के अनुसार, यदि कोई नया मतदाता ऑनलाइन फॉर्म भरता है, तो उसे अपने माता-पिता के पिछले 'स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन' (SIR) रिकॉर्ड या उनके वोटर आईडी (EPIC) की जानकारी भी साझा करनी होगी.

घर बैठे 'SIR एनुमरेशन फॉर्म' ऑनलाइन भरने की चरणबद्ध प्रक्रिया

यदि आपके क्षेत्र में भी यह प्रक्रिया चल रही है, तो आप नीचे दिए गए आसान स्टेप्स को फॉलो करके निर्वाचन आयोग के 'सिटिजन सर्विस पोर्टल' के माध्यम से अपना फॉर्म ऑनलाइन जमा कर सकते हैं:

ऑनलाइन विकल्प का महत्व

आयोग द्वारा दी गई ऑनलाइन सुविधा उन कामकाजी और शहरी मतदाताओं के लिए बेहद मददगार है जो घर पर बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) के आने के समय उपलब्ध नहीं रह पाते. हालांकि, आयोग ने स्पष्ट किया है कि जिन मतदाताओं के विवरण ऑनलाइन सत्यापित नहीं हो पाते हैं या जो तकनीक से सहज नहीं हैं, उनके लिए बीएलओ का घर-घर जाकर भौतिक सत्यापन करने का कार्य समानांतर रूप से जारी रहेगा. चुनावी प्रक्रिया में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए सभी नागरिकों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर अपने विवरण की जांच अवश्य कर लेनी चाहिए.

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