मुंबई में जारी मूसलाधार बारिश के बीच अंधेरी के साकीनाका इलाके से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है. साकीनाका सिग्नल के पास खेरानी रोड पर स्थित एक हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HP) के पेट्रोल पंप पर गाड़ियों में पेट्रोल की जगह पानी भरने का गंभीर आरोप लगा है. पेट्रोल पंप से ईंधन भरवाने के तुरंत बाद कई दुपहिया और तिपहिया वाहन कुछ ही दूरी पर जाकर बंद हो गए. इस घटना के बाद प्रभावित वाहन चालकों ने पेट्रोल पंप पर भारी हंगामा किया, जिसके वीडियो भी सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहे हैं.
तेल भरवाते ही बंद हुईं गाड़ियां, बोतल में निकला पानी
प्रत्यक्षदर्शियों और प्रभावित ग्राहकों के अनुसार, यह घटना भारी बारिश के दौरान हुई. कई बाइकर्स और ऑटो चालकों ने जैसे ही इस पेट्रोल पंप से ईंधन भरवाया, उनकी गाड़ियां कुछ मीटर आगे बढ़ते ही अचानक बंद हो गईं. जब चालकों ने मैकेनिक को दिखाया और गाड़ियों के फ्यूल टैंक से पेट्रोल निकाला, तो उसमें भारी मात्रा में पानी मिला हुआ था. इसके बाद गुस्साए ग्राहकों ने जब प्लास्टिक की बोतलों में पेट्रोल भरवाया, तो उसमें साफ तौर पर पानी की मोटी परत दिखाई दी, जिससे ईंधन की मिलावट की बात उजागर हुई.
साकी नाका में गाड़ियों में पेट्रोल की जगह पानी भरने का आरोप
🚨 Petrol Ya Paani? Public Safety at Risk!
Due to heavy rainfall, reports from the HP Petrol Pump near Saki Naka Signal, beside Kherani Road, suggest that several bikers received water instead of proper petrol, leaving vehicles stranded. Even more shocking, when customers raised… pic.twitter.com/bNPAYsuvaI
— Mohnaaz S Shaikh. (@MohnaazS) July 4, 2026
ग्राहकों का हंगामा, कर्मचारियों ने मानी गलती
गाड़ियों के खराब होने से नाराज दर्जनों ग्राहकों ने पेट्रोल पंप पर इकट्ठा होकर प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी और हंगामा शुरू कर दिया. स्थिति बिगड़ती देख पेट्रोल पंप के कर्मचारियों और मौजूद स्टाफ ने शुरुआती तौर पर अपनी गलती स्वीकार की. प्रभावित ग्राहकों का दावा है कि कर्मचारियों ने माना कि भारी बारिश और जलजमाव के कारण शायद कुछ तकनीकी खामी या मानवीय चूक हुई है. हालांकि, इस घटना के बाद कई वाहन चालकों को बीच बारिश में अपनी गाड़ियां धकेलकर ले जानी पड़ीं, जिससे उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ा.
टैंक में बारिश का पानी घुसने की आशंका
जानकारों और स्थानीय लोगों का कहना है कि साकीनाका और उसके आसपास के निचले इलाकों में भारी बारिश के बाद अक्सर जलभराव (वाटरलॉगिंग) हो जाता है. आशंका जताई जा रही है कि लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण पेट्रोल पंप के भूमिगत (underground) फ्यूल स्टोरेज टैंक या डिस्पेंसिंग पाइपलाइनों में बारिश का पानी रिसकर (seepage) अंदर घुस गया होगा. उचित मेंटेनेंस और सुरक्षा मानकों की कमी के चलते यह दूषित ईंधन गाड़ियों में चला गया.
जांच और कड़ी कार्रवाई की मांग
इस घटना के सामने आने के बाद स्थानीय नागरिकों और उपभोक्ता संगठनों ने संबंधित तेल कंपनी और प्रशासन से इस पेट्रोल पंप के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है. ग्राहकों का कहना है कि इस लापरवाही के कारण उनकी गाड़ियों के इंजन को भारी नुकसान पहुंचा है, जिसके मुआवजे की जिम्मेदारी पेट्रोल पंप प्रबंधन को लेनी चाहिए. तेल कंपनी के अधिकारियों द्वारा जल्द ही इस पंप के स्टोरेज टैंकों की गुणवत्ता जांच (Quality Inspection) किए जाने की संभावना है.













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