8th Pay Commission: पेंशन में बड़े बदलाव की मांग, कर्मचारी संगठनों ने रखा नया फॉर्मूला; उम्र बढ़ने पर बढ़ेगी पेंशन?
पिछले वेतन आयोगों के अनुभव को देखते हुए माना जा रहा है कि आयोग अपनी अंतिम सिफारिशें 2027 के मध्य तक सौंप सकता है. इसके बाद सरकारी मंजूरी और प्रशासनिक प्रक्रिया में दो से तीन वर्ष का समय लग सकता है. ऐसे में यदि इन प्रस्तावों को मंजूरी मिलती है तो कर्मचारियों और पेंशनर्स को इसका लाभ 2029 या 2030 तक मिल सकता है.
8th Pay Commission: आठवें वेतन आयोग (8th Pay Commission) के गठन के बाद केंद्रीय सरकारी कर्मचारी संगठनों और पेंशनर्स एसोसिएशनों ने आयोग के सामने कई अहम मांगें रखी हैं. इन प्रस्तावों में पेंशन की गणना का नया तरीका, फिटमेंट फैक्टर में संशोधन, महंगाई राहत (DR) में बदलाव और उम्र के आधार पर पेंशन में क्रमिक बढ़ोतरी जैसी मांगें शामिल हैं. ये सुझाव आयोग के आगामी राज्यों के दौरे से पहले सौंपे गए हैं. इनका असर करीब 65 लाख केंद्रीय और रक्षा क्षेत्र के पेंशनर्स तथा लगभग 50 लाख मौजूदा केंद्रीय कर्मचारियों पर पड़ सकता है.
कर्मचारी संगठनों ने रखीं ये प्रमुख मांगें
ये प्रस्ताव नेशनल काउंसिल-जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (NC-JCM), महाराष्ट्र ओल्ड पेंशन ऑर्गेनाइजेशन और ऑल इंडिया डिफेंस एम्प्लॉइज फेडरेशन (AIDEF) समेत कई प्रमुख कर्मचारी संगठनों ने आयोग को सौंपे हैं.
संगठनों ने मांग की है कि न्यूनतम पेंशन अंतिम वेतन (Last Pay Drawn) या सेवा के अंतिम 10 महीनों के औसत वेतन का 67 प्रतिशत तय की जाए. इसके अलावा महंगाई राहत (DR) की व्यवस्था की समीक्षा, ग्रेच्युटी की अधिकतम सीमा बढ़ाने और पेंशनर्स को Old Pension Scheme (OPS), National Pension System (NPS) या Unified Pension Scheme (UPS) में से अपनी पसंद का विकल्प चुनने की अनुमति देने की भी मांग की गई है.
उम्र के हिसाब से पेंशन बढ़ाने का प्रस्ताव
कर्मचारी संगठनों ने आयोग के सामने उम्र के आधार पर पेंशन में क्रमिक बढ़ोतरी का भी प्रस्ताव रखा है. प्रस्ताव के अनुसार वरिष्ठ नागरिकों की उम्र बढ़ने के साथ उनकी पेंशन भी बढ़ती जाएगी और 90 वर्ष या उससे अधिक आयु होने पर उन्हें अंतिम वेतन का 100 प्रतिशत तक पेंशन देने की मांग की गई है.
प्रस्तावित पेंशन स्लैब
आयु
प्रस्तावित पेंशन
65 वर्ष
अंतिम वेतन का 70%
70 वर्ष
अंतिम वेतन का 75%
75 वर्ष
अंतिम वेतन का 80%
80 वर्ष
अंतिम वेतन का 85%
85 वर्ष
अंतिम वेतन का 90%
90 वर्ष और उससे अधिक
अंतिम वेतन का 100%
आठवें वेतन आयोग की आगे की प्रक्रिया क्या है?
पूर्व सुप्रीम कोर्ट न्यायाधीश जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता वाला आठवां वेतन आयोग जून में आम जनता और विभिन्न संगठनों से सुझाव लेने की प्रक्रिया पूरी कर चुका है. अब आयोग राज्यों का दौरा कर कर्मचारियों और पेंशनर्स से सीधे बातचीत करेगा.
आयोग 6 और 7 जुलाई को भुवनेश्वर, 9 और 10 जुलाई को कोलकाता का दौरा करेगा. इसके अलावा मुंबई के सेंट्रल रेलवे जोन का भी दौरा प्रस्तावित है, जहां कर्मचारियों की कार्य परिस्थितियों का आकलन किया जाएगा.
कब लागू हो सकती हैं नई सिफारिशें?
फिलहाल कर्मचारी संगठनों ने अपनी मांगें आयोग के सामने रखी हैं, लेकिन इन पर अंतिम फैसला अभी नहीं हुआ है. आयोग फिलहाल सुझावों का अध्ययन कर रहा है और अपनी सिफारिशें तैयार करेगा. इसके बाद केंद्र सरकार की मंजूरी मिलने पर ही इन्हें लागू किया जाएगा.
पिछले वेतन आयोगों के अनुभव को देखते हुए माना जा रहा है कि आयोग अपनी अंतिम सिफारिशें 2027 के मध्य तक सौंप सकता है. इसके बाद सरकारी मंजूरी और प्रशासनिक प्रक्रिया में दो से तीन वर्ष का समय लग सकता है. ऐसे में यदि इन प्रस्तावों को मंजूरी मिलती है तो कर्मचारियों और पेंशनर्स को इसका लाभ 2029 या 2030 तक मिल सकता है.