KKRTC Bus Video: कर्नाटक के कलबुर्गी (Kalaburagi) जिले से सरकारी परिवहन व्यवस्था की एक बेहद हैरान करने वाली लापरवाही का मामला सामने आया है. यहां कल्याणा कर्नाटक सड़क परिवहन निगम (KKRTC) की एक यात्री बस रात के घने अंधेरे में बिना हेडलाइट्स के सड़क पर दौड़ती नजर आई. इस खतरनाक सफर के दौरान बस के कंडक्टर ने ड्राइवर को रास्ता दिखाने के लिए अपने मोबाइल फोन की फ्लैशलाइट (टॉर्च) का इस्तेमाल किया. इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पहले ट्विटर) पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने यात्रियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं बढ़ा दी हैं.
कलबुर्गी से चिंचोली जा रही थी बस
स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार, यह घटना कलबुर्गी शहर से लगभग 90 किलोमीटर दूर स्थित चिंचोली शहर के लिए संचालित होने वाली दिन की अंतिम बस सेवा (रूट संख्या KA-28 F-1985) के दौरान हुई. वीडियो में देखा जा सकता है कि पूरी सड़क पर घाना अंधेरा है और बस की हेडलाइट्स पूरी तरह से बंद या खराब हैं. ऐसे में ड्राइवर केवल कंडक्टर के मोबाइल की मंदी रोशनी के भरोसे भारी भरकम सरकारी बस को आगे बढ़ा रहा है.
कर्नाटक में बड़ा जोखिम
Mobile Torch Replaces Bus Headlight.
A govt bus with no headlight. Driver navigates in the dark while the conductor uses a mobile torch to light the road.
KKRTC bus KA-28 F-1985 on the Kalaburagi–Chincholi route. Karnataka owes 4,573 Cr in Shakti reimbursements to its 4 RTCs pic.twitter.com/deL2mDbzWv
— Harish Upadhya (@harishupadhya) July 5, 2026
सोशल मीडिया पर फूटा लोगों का गुस्सा
वायरल क्लिप में मोबाइल टॉर्च की हल्की रोशनी और चारों तरफ फैले गहरे अंधेरे का विरोधाभास साफ दिखाई दे रहा है, जो यह दर्शाता है कि यह सफर कितना जोखिम भरा था. एक्स (X) पर वीडियो सामने आने के बाद नेटिजन्स ने परिवहन विभाग की कड़ी आलोचना की है. कई सोशल मीडिया यूजर्स ने सवाल उठाया कि तकनीकी खराबी आने के बाद भी बस को रास्ते में रोकने या वैकल्पिक व्यवस्था करने के बजाय यात्रियों की जान जोखिम में डालकर सफर क्यों जारी रखा गया.
विपक्ष ने सरकार की 'शक्ति योजना' पर साधा निशाना
इस घटना ने कर्नाटक में राजनीतिक मोड़ भी ले लिया है. विपक्षी दल जनता दल सेक्युलर (JDS) ने इस वीडियो को साझा करते हुए राज्य की कांग्रेस सरकार पर निशाना साधा है. जेडीएस ने इसे सरकार की मुफ्त बस यात्रा योजना (शक्ति योजना) के कारण निगमों पर बढ़े वित्तीय बोझ और खराब रखरखाव का नतीजा बताया है. कुछ रिपोर्टों में यह भी दावा किया गया है कि डिपो के अधिकारियों को इस खराबी की जानकारी पहले से थी, फिर भी इस रूट पर दूसरी बस नहीं भेजी गई.
परिवहन निगम की सफाई और जांच के आदेश
बढ़ते विवाद के बीच केकेआरटीसी (KKRTC) के अधिकारियों ने मामले पर संज्ञान लिया है. शुरुआती जानकारी के मुताबिक, शाम करीब 7.30 बजे कलबुर्गी से रवाना हुई इस बस की हेडलाइट्स की वायरिंग में अचानक तकनीकी खराबी आ गई थी. घटना के समय बस में करीब 8 यात्री सवार थे. अधिकारियों ने बताया कि संबंधित डिपो को बस को तुरंत बदलने और इस तरह की लापरवाही के लिए जिम्मेदार चालक दल व रखरखाव स्टाफ के खिलाफ जांच कर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं.













QuickLY