Viagra और कैंसर: अध्ययन में दावा, मेटास्टेसिस को कम करने में मदद कर सकती है यह दवा; जानें कैसे और क्यों
प्रोफेसर ऐलेट एरेज़ और डॉ. यार्डेन एरियाव के नेतृत्व में किए गए इस शोध में पाया गया कि सिल्डेनाफिल कोशिकाओं के भीतर एक जैविक मार्ग (Signalling Pathway) को प्रभावित करता है.
Viagra and Cancer: इरेक्टाइल डिस्फंक्शन की लोकप्रिय दवा 'वियाग्रा' (Viagra) का मुख्य घटक यानी सिल्डेनाफिल (Sildenafil) कैंसर कोशिकाओं के शरीर में फैलाव को सीमित करने में मददगार साबित हो सकता है. इज़राइल स्थित 'वीज़मैन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस' (Weizmann Institute of Science) के वैज्ञानिकों द्वारा किए गए एक नवीनतम अध्ययन में यह दावा किया गया है. प्रतिष्ठित शोध पत्रिका कैंसर रिसर्च (Cancer Research) में प्रकाशित इस अध्ययन के अनुसार, सिल्डेनाफिल कैंसर कोशिकाओं की कोलेस्ट्रॉल तक पहुंच को बाधित करता है, जिससे कैंसर का मेटास्टेसिस (Metastasis) यानी एक अंग से दूसरे अंग में फैलना कठिन हो जाता है.
कैसे कैंसर के प्रसार को रोकता है सिल्डेनाफिल?
प्रोफेसर ऐलेट एरेज़ और डॉ. यार्डेन एरियाव के नेतृत्व में किए गए इस शोध में पाया गया कि सिल्डेनाफिल कोशिकाओं के भीतर एक जैविक मार्ग (Signalling Pathway) को प्रभावित करता है. यह भी पढ़े: कैंसर इलाज में नई उम्मीद, नैनोडॉट्स से बिना साइड इफेक्ट के हो सकता है उपचार
कैंसर कोशिकाओं को मूल ट्यूमर से अलग होकर शरीर के अन्य हिस्सों तक पहुंचने और वहां नए ट्यूमर बनाने के लिए कोलेस्ट्रॉल की अत्यधिक आवश्यकता होती है. कोलेस्ट्रॉल कोशिका झिल्ली (Cell Membrane) का एक अनिवार्य हिस्सा होता है. सिल्डेनाफिल दवा कोशिकाओं के भीतर कोलेस्ट्रॉल को लाइसोसोम (Lysosomes) में जमा कर देती है, जिससे कैंसर कोशिकाओं को इसका उपयोग करने का मौका नहीं मिल पाता. प्रयोगशाला और पशु मॉडलों पर किए गए परीक्षणों में पाया गया कि कोलेस्ट्रॉल की आपूर्ति रुकने से कैंसर का फैलाव काफी धीमा हो गया.
स्टैटिन दवाओं के साथ दिखा अधिक असरदार
शोधकर्ताओं ने पाया कि जब सिल्डेनाफिल को स्टैटिन (Statins) दवाओं के साथ मिलाकर इस्तेमाल किया गया, तो इसके परिणाम और भी बेहतर रहे. स्टैटिन दवाएं शरीर में कोलेस्ट्रॉल के उत्पादन को कम करने के लिए दी जाती हैं. प्री-क्लिनिकल अध्ययनों में इन दोनों दवाओं के संयोजन ने कैंसर मेटास्टेसिस को रोकने में काफी मजबूत प्रभाव दिखाया.
| घटक | कार्यप्रणाली |
| कोलेस्ट्रॉल | कैंसर कोशिकाओं के प्रसार और गतिशीलता के लिए आवश्यक. |
| सिल्डेनाफिल | कोशिकाओं के भीतर कोलेस्ट्रॉल को फंसाकर उसकी उपलब्धता घटाता है. |
| स्टैटिन | शरीर में कोलेस्ट्रॉल के समग्र निर्माण को नियंत्रित करता है. |
50 लाख मरीजों के मेडिकल रिकॉर्ड का अध्ययन
प्रयोगशाला में चूहों और मानव कैंसर कोशिकाओं पर किए गए प्रयोगों के अलावा, शोधकर्ताओं ने इज़राइल की 'क्लैलिट हेल्थ सर्विसेज' (Clalit Health Services) से जुड़े लगभग 50 लाख लोगों के स्वास्थ्य आंकड़ों का भी विश्लेषण किया.
इस अवलोकन संबंधी विश्लेषण (Observational Analysis) में पाया गया कि जिन कैंसर रोगियों ने सिल्डेनाफिल का सेवन किया था, उनकी उत्तरजीविता दर (Survival Rate) बेहतर थी. विशेषकर उन रोगियों में अधिक सकारात्मक परिणाम देखे गए जिन्होंने सिल्डेनाफिल के साथ स्टैटिन का भी उपयोग किया था. हालांकि, वैज्ञानिकों ने स्पष्ट किया कि ये आंकड़े केवल एक संबंध (Association) की पुष्टि करते हैं, यह साबित नहीं करते कि सिल्डेनाफिल ही सीधे तौर पर जीवन काल बढ़ाती है.
क्लिनिकल ट्रायल के बिना इस्तेमाल न करने की सलाह
वीज़मैन इंस्टीट्यूट के वैज्ञानिकों का कहना है कि यह खोज भविष्य में कैंसर उपचार के नए रास्ते खोल सकती है, लेकिन अभी इस दिशा में लंबा सफर बाकी है.
विशेषज्ञों की चेतावनी: सिल्डेनाफिल वर्तमान में केवल इरेक्टाइल डिस्फंक्शन और पल्मोनरी आर्टरी हाइपरटेंशन के लिए स्वीकृत दवा है. कैंसर के उपचार में इसकी सुरक्षा और प्रभावकारिता को पूरी तरह साबित करने के लिए व्यापक मानव क्लिनिकल ट्रायल (Clinical Trials) की आवश्यकता है. डॉक्टरों की सलाह के बिना कैंसर से बचाव या इलाज के लिए वियाग्रा का सेवन बिल्कुल न करें.