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वैक्सीन की सप्लाई की कमी के चलते चेन्नई में टीकाकरण की संख्या में कमी

चेन्नई में वैक्सीन की सप्लाई में कमी के चलते टीकाकरण अभियान में पिछले चार दिनों से प्रतिदिन 25,000 से गिरकर 9,000 तक की प्रतिदिन टीकाकरण हो रहा है. जो लोग कोविशिल्ड और कोवैक्सीन की मांग कर रहे हैं , उन्हें वापस भेज दिया जाता है क्योंकि ग्रेटर चेन्नई कॉपोर्रेशन में डोज की संख्या काफी कम है.

वैक्सीन की सप्लाई की कमी के चलते चेन्नई में टीकाकरण की संख्या में कमी
वैक्सीन (Photo Credits: IANS)

चेन्नई, 7 मई : चेन्नई में वैक्सीन (Vaccine)की सप्लाई में कमी के चलते टीकाकरण अभियान (Vaccination Campaign) में पिछले चार दिनों से प्रतिदिन 25,000 से गिरकर 9,000 तक की प्रतिदिन टीकाकरण हो रहा है. जो लोग कोविशिल्ड और कोवैक्सीन की मांग कर रहे हैं , उन्हें वापस भेज दिया जाता है क्योंकि ग्रेटर चेन्नई कॉपोर्रेशन में डोज की संख्या काफी कम है. हालांकि, स्वास्थ्य सचिव जे राधाकृष्णन ने मीडिया को बताया कि राज्य सरकार ने दो विक्रेताओं के साथ आदेश दिए हैं, एक विक्रेता के साथ 7.65 लाख खुराक और दूसरे विक्रेता से 2.65 लाख खुराक का आर्डर है.

राधाकृष्णन ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा, हम ऑर्डर प्राप्त करेंगे और अधिक ऑर्डर देंगे. चेन्नई निगम में स्वास्थ्य अधिकारी टीकों की दूसरी खुराक के टीकाकरण को प्राथमिकता दे रहे हैं. एक वरिष्ठ स्वास्थ्य अधिकारी ने कहा, "हम कोवैक्सीन की दूसरी खुराक का प्रबंध कर रहे हैं और किसी को पहला शॉट नहीं दे रहे हैं." दूसरी खुराक के लिए लोग निजी अस्पतालों में भी कोशिश कर रहे हैं क्योंकि चेन्नई कॉपोर्रेशन अस्पताल और पीएचसी के पास स्टॉक नहीं है. जिन लोगों को इन दिनों दूसरी खुराक का टीका लगवाना है, वे पहले से ही निजी अस्पतालों के दरवाजे खटखटा रहे हैं. हालांकि निगम के अधिकारियों ने उन्हें आश्वासन दिया है कि एक हफ्ते तक और इंतजार करने से ज्यादा फर्क नहीं पड़ता है क्योंकि वैक्सीन की दूसरी खुराक दी जा रही है. यह भी पढ़ें : PM मोदी को लेकर हेमंत सोरेन ने किया ऐसा ट्वीट कि भड़क गए BJP के मंत्री, कहा- ‘बहुत ओछी हरकत कर दी’

डॉक्टरों की राय है कि टीकाकरण एकमात्र विकल्प होने के साथ, सरकार को टीकों की आपूर्ति बढ़ानी चाहिए और अधिक लोगों को आजमाना और टीका लगाना चाहिए. चेन्नई के एक प्रमुख निजी अस्पताल के वरिष्ठ महामारी विशेषज्ञ वेणुगोपाल नायर ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा, "लोगों को टीका लगाने के लिए खर्च किया जाने वाला पैसा बहुत काम का होगा और सरकार को खुले बाजार से वैक्सीन प्राप्त करने के विकल्पों पर गंभीरता से प्रयास करना चाहिए और टीका लगाना चाहिए. जितना लोग कर सकते हैं."

(The above story first appeared on LatestLY on May 07, 2021 02:35 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).