उत्तराखंड हाईकोर्ट ने 444 किस्म की दवाओं को बेचने पर लगाई रोक, ये सभी दवाएं है नशीला पदार्थ की श्रेणी
नशीली दवाएं (Photo Credits: Pixabay)

देहरादून: उत्तराखंड हाईकोर्ट ने दवाओं की एक याचिका पर सुनवाई करते हुए 444 दवाओं पर रोक लगा दी हैं. जिन दवाओं पर रोक लगाई है उन दवाओं को केंद्रीय ड्रग्स नियंत्रण संगठन ने नशीला पदार्थ का श्रेणी में माना है. राज्य में नशीली प्रकार की सैकड़ो दवाएं बिना रोक टोक के ही बिक रही है. जिन दवाओं के सेवन करके आज के युवा तेजी के साथ नशे की लत के शिकार हो रहें हैं. इन्हीं दवाओं पर रोक लगाने के लिए स्वेता मासीवाल नाम की याचिकाकर्ता उत्तराखंड हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की थी.

जिस याचिका पर आज उत्तराखंड हाईकोर्ट सुनवाई करते हुए 444 किस्म की दवाओं को बाजार में बेचने के लिए रोक लगा दी है. कोर्ट ने उत्तराखंड सरकार को इन सभी दवाआें पर रोक लगाने के साथ- साथ इन  दवाओं पर रोक-थाम के लिए एक विशेष सेल का गठन करने का आदेश दी है. ताकी बाजार में इस प्रकार की दवा बेचने वालों पर नजर रखी जा सके.

कोर्ट ने अपने आदेश में सरकार को यह भी आदेश दी है कि राज्य के सभी शिक्षण संस्थानों में नशा उन्मूलन क्लब का गठन करें और 4 हफ्तों के अंदर नार्कोटिक ड्रग्स के लिये नियम बनाए.

इस सुनवाई के दौरान कोर्ट ने लोगों में नशे की बढ़ती लता को देखते हुए 18 साल के उम्र के बच्चों को नशीली प्रकार की दवाएं बेचने पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दी है.

प्रतिबंधित घोषित दवाएं

कोर्ट में जिन 444 नशाीली प्रकार की दवाओं पर रोक लगाई है उसमें पैरासिटामोल, सिट्राजिन, टेराफिनाडीन, डीकोल्ड टोटल, सेरीडॉन, फिंसाडीन, डोवर्स पावडर व टेबलेट, कॉम्बीफ्लेम, डाईक्लोफिन आदि दवाएं शामिल हैं.