Uttarakhand: सीएम पुष्कर सिंह धामी ने 10वीं और 12वीं बोर्ड की परीक्षा में ब्लॉक स्तर पर टॉप करने वाली 162 छात्राओं को बांटे स्मार्ट फोन
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने वर्ष 2021 में सभी जिलों की हाईस्कूल व इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षा में सर्वोच्च स्थान और इंटरमीडिएट में ब्लाॅक स्तर पर टाॅप करने वाली मेधावी बालिकाओं को स्मार्ट फोन वितरित किये
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने वर्ष 2021 में सभी जिलों की हाईस्कूल व इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षा में सर्वोच्च स्थान और इंटरमीडिएट में ब्लाॅक स्तर पर टाॅप करने वाली मेधावी बालिकाओं को स्मार्ट फोन वितरित किये. अंतर्राष्ट्रीय बालिका दिवस पर जनता दर्शन हॉल, सीएम आवास में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने बाल कल्याण निधि के अंतर्गत संचालित बालिका शिक्षा प्रोत्साहन योजना में टाॅपर छात्राओं को स्मार्ट फोन दिये. यह भी पढ़े: उत्तराखंड में छात्रों के लिए ज्ञानवाणी चैनल शुरू, सीएम पुष्कर सिंह धामी के हाथों हुआ शुभारंभ
बालिकाओं के लिए शुरू होगा मैत्रैयी मेंटरशिप कार्यक्रम
मुख्यमंत्री ने कहा कि जल्द ही मैत्रैयी नाम से छात्राओं के लिए मेंटरशिप कार्यक्रम प्रारंभ किया जाएगा. इसके लिए एक पोर्टल भी विकसित किया जा रहा है. राज्य सरकार ने युवाओं के हित में अनेक निर्णय लेकर उन पर काम शुरू किया है। 24 हजार रिक्त सरकारी पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है। सभी प्रतियोगी परीक्षाओं में आवेदन को निशुल्क किया गया है.
हर घोषणा हो रही पूरी
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने बालिकाओं को शक्ति का प्रतीक बताते हुए छात्राओं को उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं. मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने बचपन से दो बातें जीवन में अपनाई हैं. अनुशासित रहना और अपने कमिटमेंट का पक्का रहना. आज का युग आईटी का युग है. कोरोना काल में ऑनलाइन शिक्षा का महत्व बढ़ा है. इसे देखते हुए हमने प्रदेश की सरकारी स्कूलों के कक्षा 10 व 12 और डिग्री कालेजों के छात्र छात्राओं को निशुल्क मोबाईल टेबलेट देने का निर्णय लिया है और इसे जल्द ही इम्प्लीमेंट किया जाएगा. हम अपनी हर घोषणा को पूरा कर रहे हैं। जो काम शुरू कर रहे हैं, उसे पूरा भी करेंगे। जो भी राहत पैकेज घोषित किये उनकी राशि लाभार्थियों के खातों में जानी शुरु हो गई है.
पूरे मनोयोग से करें काम तो मिलती है सफलता
मुख्यमंत्री ने कहा कि साधारण परिस्थितियों में जन्में लोग असाधारण की यात्रा करते हैं. पूर्व राष्ट्रपति स्वर्गीय डा एपीजे अब्दुल कलाम और प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी इसके उदाहरण हैं. प्रधानमंत्री जी ने महिला सशक्तीकरण में काफी काम किया। स्वच्छ भारत मिशन में पूरे देश में शौचालयों के निर्माण, उज्जवला योजना, बेटी बचाओ बेटी पढाओ योजना महत्वपूर्ण हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि जीवन में आगे बढना है तो समय का पूरा सदुपयोग करें। जो भी काम करें, पूर्ण मनोयोग से करें. एक बार किसी लक्ष्य का संकल्प लें तो उसके विकल्प के बारे में नहीं सोचना चाहिए.
महिलाओ का सम्मान चिंतन मनन के साथ आचरण में भी दिखे
कैबिनेट मंत्री श्रीमती रेखा आर्या ने कहा कि देवभूमि देवियों की भी भूमि है. जिस समाज में नारी को पूजते हैं वहां कन्या भ्रूण हत्या सबसे बङा पाप है। हमें अपने विचारों को भी शुद्ध करना है. रुढिवादी मानसिकता से बाहर आकर लैंगिक समानता लानी है. यह केवल चिंतन मनन में ही नहीं बल्कि आचरण में भी दिखना चाहिए. राज्य सरकार बालिकाओं और महिलाओं को शारीरिक, मानसिक, सामाजिक और आर्थिक तौर पर सशक्त बनाने के लिये काम कर रही है. नंदा गौरा योजना, मुख्यमंत्री महालक्ष्मी योजना, स्पर्श नैपकिन योजना ऐसी ही मुख्य योजनाएं हैं. इसी प्रकार वात्सल्य योजना सरकार की संवेदनशीलता को बताती है.
शिक्षा से ही महिला सशक्तिकरण सम्भव
विधायक झबरेङा श्री देशराज कर्णवाल ने कहा कि बाबा साहेब अम्बेडकर जी ने बालिका शिक्षा को सबसे महत्वपूर्ण बताया था. शिक्षा से ही महिला सशक्तीकरण सम्भव है. सचिव श्री हरि चंद्र सेमवाल ने योजना के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि कुल 162 मेधावी छात्राओं को स्मार्ट फोन दिये गये हैं. कार्यक्रम का संचालन जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री अखिलेश मिश्र ने किया.
(The above story first appeared on LatestLY on Oct 11, 2021 07:13 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

