Uttar Pradesh: जेवर एयरपोर्ट, फिल्मसिटी से खुलेगा रोजगार का पिटारा; योगी सरकार तैयार कर रही 'रेडी टू वर्क' स्किल्ड फोर्स
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में प्रदेश सरकार युवाओं के भविष्य को सशक्त बनाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है. इसी कड़ी में जेवर एयरपोर्ट और नोएडा फिल्मसिटी जैसे मेगा प्रोजेक्ट्स को आधार बनाकर सरकार युवाओं के लिए व्यापक स्तर पर कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम चला रही है.
लखनऊ, 8 अप्रैल : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में प्रदेश सरकार युवाओं के भविष्य को सशक्त बनाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है. इसी कड़ी में जेवर एयरपोर्ट और नोएडा फिल्मसिटी जैसे मेगा प्रोजेक्ट्स को आधार बनाकर सरकार युवाओं के लिए व्यापक स्तर पर कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम चला रही है. इसका लक्ष्य प्रदेश के युवाओं को इन परियोजनाओं में अधिकतम रोजगार उपलब्ध कराना है.
उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन (यूपीएसडीएम) के माध्यम से सरकार ने इलेक्ट्रॉनिक्स, मीडिया एवं मनोरंजन, और नागरिक उड्डयन जैसे उभरते क्षेत्रों में विशेष प्रशिक्षण की व्यवस्था की है. इन सेक्टर्स में भविष्य की संभावनाओं को देखते हुए युवाओं को 'रेडी टू वर्क' बनाने के लिए सेक्टर स्किल काउंसिल्स के सहयोग से विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं. यह भी पढ़ें : Nasik Shocker: छात्रों के बैग में मिली कंडोम, चाकू और ताश की गड्डी, घटना का वीडियो देख भड़के लोग; बोले- ऐसे कैसे बढ़ेगा इंडिया? (Watch Video)
जेवर एयरपोर्ट परियोजना से एक लाख से अधिक लोगों को रोजगार मिलने की संभावना जताई जा रही है, जबकि नोएडा में विकसित हो रही फिल्मसिटी प्रदेश को मनोरंजन उद्योग का हब बनाएगी. इससे मीडिया, फिल्म प्रोडक्शन और तकनीकी क्षेत्रों में युवाओं के लिए रोजगार के नए दरवाजे खुलेंगे.
सरकार की यह रणनीति न केवल प्रदेश की जीडीपी को मजबूती देगी, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों से शहरी क्षेत्रों की ओर होने वाले पलायन में भी कमी लाएगी. उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन के तहत 14 से 35 वर्ष की आयु के युवाओं को नि:शुल्क और रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण दिया जा रहा है. राज्य के 2,800 से अधिक प्रशिक्षण केंद्रों में हर वर्ष तीन लाख से अधिक युवाओं को प्रशिक्षित किया जा रहा है.
वित्त वर्ष 2017-18 से मार्च 2025 तक कुल 14,13,716 युवाओं को प्रशिक्षण दिया जा चुका है, जिनमें से 5,66,483 को रोजगार भी मिल चुका है. इतना ही नहीं, प्रदेश सरकार ने उत्पादन और सेवा क्षेत्रों से जुड़े 24 प्रमुख औद्योगिक प्रतिष्ठानों को फ्लैक्सी प्रशिक्षण प्रदाता के रूप में अनुबंधित किया है. इसके अतिरिक्त, आठ प्लेसमेंट एजेंसियों को भी मिशन के साथ जोड़ा गया है, ताकि युवाओं को प्रशिक्षण के बाद सीधे रोजगार उपलब्ध कराया जा सके.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की यह पहल प्रदेश के युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो रही है. सरकार का स्पष्ट लक्ष्य है - हर युवा को उसके कौशल के अनुसार उपयुक्त रोजगार उपलब्ध कराना और उत्तर प्रदेश को कौशल संपन्न राज्य के रूप में स्थापित करना.
(The above story first appeared on LatestLY on Apr 08, 2025 04:08 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

