देश

UP: दाह संस्कार में करें गाय के गोबर का प्रयोग- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि राज्य के श्मशान घाटों में अंतिम संस्कार में इस्तेमाल होने वाले कुल ईंधन में 50 प्रतिशत अवारा गाय संरक्षण केंद्र से गाय के उपले का हो.

UP: दाह संस्कार में करें गाय के गोबर का प्रयोग- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
Yogi Adityanath (Photo: ANI)

लखनऊ, 4 अप्रैल : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) ने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि राज्य के श्मशान घाटों में अंतिम संस्कार में इस्तेमाल होने वाले कुल ईंधन में 50 प्रतिशत अवारा गाय संरक्षण केंद्र से गाय के उपले का हो. राज्य सरकार के एक प्रवक्ता के अनुसार, मुख्यमंत्री ने कहा, श्मशान घाटों पर कंडे उपलब्ध कराने से होने वाली आय का उपयोग संबंधित गाय संरक्षण केंद्र के रखरखाव के लिए किया जाएगा. इस संबंध में पहले दिए गए एक सुझाव को उन लोगों के काफी विरोध का सामना करना पड़ा था, जिन्होंने अपने परिजनों को गाय के गोबर के कंडे में अंतिम संस्कार करने के विचार को स्वीकार नहीं किया था.

एक वरिष्ठ नागरिक महेंद्र नाथ सिंह ने कहा, हम गाय के गोबर के उपले की जगह इलेक्ट्रिक शवदाह गृह को तरजीह देंगे. इस बीच, योगी ने आगे कहा कि गौ रक्षा स्थलों पर कार्यवाहकों को तैनात किया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि मवेशियों की बीमारी/मृत्यु के मामले में केयरटेकर सभी आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करेगा. मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए, गायों को समय-समय पर घुमाने भी ले जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि सभी 17 नगर निगमों एवं नगर पालिकाओं वाले जिला मुख्यालयों पर पशु पकड़ने वाले वाहन की उपलब्धता सुनिश्चित की जाये. यह भी पढ़ें : TSPSC Paper Leak Cases: टीएसपीएससी पेपर लीक मामले में बसपा नेता ने राष्ट्रपति से की हस्तक्षेप की मांग

योगी ने कहा कि उनकी सरकार पशु कल्याण और संरक्षण के लिए लगातार प्रयास कर रही है. मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान में 6719 निराश्रित पशु संरक्षण केन्द्रों में 11.33 लाख से अधिक मवेशियों का संरक्षण किया जा रहा है. 20 जनवरी से 31 मार्च तक चलाए गए विशेष अभियान के तहत 1.23 लाख मवेशियों का संरक्षण किया गया. उन्होंने अधिकारियों से कहा, यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि राज्य के सभी ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में आवारा पशुओं की देखभाल की जाए.

(The above story first appeared on LatestLY on Apr 04, 2023 10:26 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).