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UP के कौशांबी में वक्फ बोर्ड की संपत्ति पर बड़ी कार्रवाई, प्रशासन ने 93 बीघा जमीन कब्जा मुक्त कराया

उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले में प्रशासन ने सिराथू तहसील के कड़ा धाम मिलकर में वक्फ बोर्ड की 93 बीघा भूमि को कब्जा मुक्त कर सरकारी खाते में दर्ज किया. जांच में यह पाया गया कि यह भूमि पहले ग्राम समाज के खाते में थी. जिले की तीनों तहसीलों में वक्फ संपत्तियों की जांच जारी है, और अवैध कब्जों को हटाया जाएगा.

UP के कौशांबी में वक्फ बोर्ड की संपत्ति पर बड़ी कार्रवाई, प्रशासन ने 93 बीघा जमीन कब्जा मुक्त कराया

उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले में प्रशासन ने एक बार फिर वक्फ बोर्ड की संपत्ति पर बड़ी कार्रवाई की है. सिराथू तहसील के कड़ा धाम मिलकर में वक्फ बोर्ड की 93 बीघा भूमि को कब्जा मुक्त कराते हुए उसे सरकारी खाते में दर्ज कर दिया गया है. इस कार्रवाई से संबंधित जानकारी देते हुए कौशांबी के जिलाधिकारी (डीएम) मधुसूदन हुल्गी ने बताया कि जिले में कुल 98.95 हेक्टेयर भूमि वक्फ बोर्ड के नाम पर दर्ज है, जिसमें से अब तक 93 बीघा भूमि को कब्जा मुक्त किया गया है.

वक्फ संपत्ति का इतिहास और जांच

जांच में यह पाया गया कि वक्फ बोर्ड के नाम से पहले यह भूमि ग्राम समाज के खाते में दर्ज थी. जांच टीम ने जिले की तीनों तहसीलों में वक्फ संपत्तियों की जांच शुरू कर दी है, और अब ग्राम समाज की खतौनी भी चेक की जा रही है. यह स्पष्ट किया गया है कि ज्यादातर वक्फ संपत्तियों पर कब्रिस्तान और मदरसे बने हुए हैं, जिनके माध्यम से इन भूमि का इस्तेमाल किया जा रहा था.

डीएम मधुसूदन हुल्गी ने आगे कहा कि यह कार्रवाई वक्फ संपत्तियों की सुरक्षा और सही उपयोग सुनिश्चित करने के लिए की जा रही है. इन भूमि का पहले ग्राम समाज के खाते में दर्ज होना और बाद में वक्फ बोर्ड के खाते में शामिल हो जाना जांच का हिस्सा है. जांच के बाद, जिन वक्फ संपत्तियों पर कब्जा किया गया है, उन्हें पूरी तरह से कब्जा मुक्त किया जाएगा और फिर इन संपत्तियों को सरकारी खाते में दर्ज कर दिया जाएगा.

भविष्य में वक्फ संपत्तियों की निगरानी 

इस कार्रवाई के बाद जिला प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि भविष्य में वक्फ संपत्तियों की निगरानी और जांच का काम सख्ती से किया जाएगा. यह कदम न केवल अवैध कब्जों को रोकने के लिए है, बल्कि वक्फ संपत्तियों के सही और कानूनी तरीके से उपयोग को सुनिश्चित करने के लिए भी उठाया गया है.

इस कदम से क्षेत्रीय प्रशासन और स्थानीय लोगों के बीच उम्मीद की जा रही है कि अब वक्फ संपत्तियों पर कब्जे की समस्या को हल किया जा सकेगा और इन संपत्तियों का उपयोग सामाजिक और धार्मिक उद्देश्यों के लिए किया जाएगा.

(The above story first appeared on LatestLY on Apr 16, 2025 11:48 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).