नानाजी देशमुख की 15वीं पुण्यतिथि पर चित्रकूट पहुंचे केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, कहा- सदियों तक रहेगा उनका प्रभाव
नानाजी देशमुख की 15वीं पुण्यतिथि कार्यक्रम में हिस्सा लेने को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह गुरुवार को चित्रकूट पहुंचे. विशेष विमान से यहां पहुंचे अमित शाह का स्वागत मुख्यमंत्री मोहन यादव ने किया. गृहमंत्री के साथ मुख्यमंत्री ने नानाजी देशमुख को श्रद्धांजलि अर्पित की.
चित्रकूट, 27 फरवरी : नानाजी देशमुख की 15वीं पुण्यतिथि कार्यक्रम में हिस्सा लेने को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह गुरुवार को चित्रकूट पहुंचे. विशेष विमान से यहां पहुंचे अमित शाह का स्वागत मुख्यमंत्री मोहन यादव ने किया. गृहमंत्री के साथ मुख्यमंत्री ने नानाजी देशमुख को श्रद्धांजलि अर्पित की. इस अवसर पर गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि नानाजी का सपना था कि ग्रामीण भारत को सशक्त बनाकर देश निर्माण का मजबूत माध्यम तैयार किया जाए, इसके लिए वे जीवन भर प्रतिबद्ध रहे.
अमित शाह ने कहा कि आज तीन महत्वपूर्ण कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं. पहला नानाजी देशमुख की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि देने का कार्यक्रम, दूसरा दीनदयाल उपाध्याय जी की प्रतिमा का लोकार्पण, और तीसरा राम दर्शन पर आधारित प्रस्तुति का लोकार्पण. शाह ने इस मौके पर भगवान कामतानाथ को प्रणाम कर अपनी बात शुरू की. उन्होंने इस मौके पर नाना जी को याद किया. यह भी पढ़ें : भाजपा के छह बार के विधायक मोहन सिंह बिष्ट दिल्ली विधानसभा के उपाध्यक्ष चुने गए
उन्होंने नानाजी देशमुख को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि कुछ लोग ऐसे होते हैं जिनका प्रभाव सिर्फ कुछ वर्षों तक नहीं, बल्कि युगों तक रहता है और वे युगों को परिवर्तनकारी बनाने का काम करते हैं. नानाजी का योगदान भी ऐसे ही था. वह हमेशा याद किए जाएंगे. गृहमंत्री ने नानाजी द्वारा ग्रामीण विकास के क्षेत्र में किए गए कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि आज ग्रामीण क्षेत्रों में गोकुल गांव जैसी योजनाओं का कार्य हो रहा है, और यह सब नानाजी के चिंतन और क्रियान्वयन का परिणाम है. नाना जी ने समाज के लिए बहुत काम किया.
अमित शाह ने यह भी बताया कि वे दीन दयाल शोध संस्थान से कई वर्षों तक जुड़े रहे हैं, और इस संस्थान की मासिक पत्रिका 'मंथन' ने भारतीय जनता पार्टी और इसके कार्यकर्ताओं के लिए विचारधारा को स्पष्ट रूप से प्रस्तुत किया. उन्होंने इसे पार्टी के कार्यकर्ताओं के लिए एक महत्वपूर्ण संदर्भ बताया और कहा कि मंथन का स्थान वेद और उपनिषदों से भी ऊंचा है.
(The above story first appeared on LatestLY on Feb 27, 2025 05:12 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

