Mahakaleshwar Temple Stampede: बिहार के बाद उज्जैन में बड़ा हादसा, महाकाल मंदिर में नाग पंचमी पर दर्शन के दौरान भगदड़, कई श्रद्धालु घायल; VIDEO
घटना के तुरंत बाद सोशल मीडिया (X) पर मौके के कई वीडियो वायरल होने लगे, जिनमें भीड़ में मची अफरा-तफरी और गिरे हुए बैरिकेड्स दिखाई दे रहे हैं.
Mahakaleshwar Temple Stampede: मध्य प्रदेश के उज्जैन स्थित प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर परिसर के पास सोमवार, 17 अगस्त 2026 को नागचंद्रेश्वर मंदिर के दर्शन के दौरान भगदड़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई. इस हादसे में कई श्रद्धालुओं के घायल होने की खबर है. सावन सोमवार और नागपंचमी के दुर्लभ संयोग के कारण मंदिर क्षेत्र में लाखों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचे थे. घटना के बाद प्रशासनिक अधिकारी और पुलिस बल तुरंत मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित किया.
हरसिद्धि चौराहे पर हुआ हादसा
प्रत्यक्षदर्शियों और अधिकारियों के अनुसार, घटना महाकाल मंदिर परिसर के बाहर हरसिद्धि चौराहे के पास हुई. नागचंद्रेश्वर मंदिर जाने वाली कतारों में अत्यधिक भीड़ का दबाव बढ़ गया था. भीड़ के दबाव के कारण बैरिकेड्स और शेड गिर गए, जिससे कई लोग उनके नीचे दबकर चोटिल हो गए. यह भी पढ़े: Ashok Dham Temple Stampede: लखीसराय के अशोक धाम मंदिर के पास भगदड़ कैसे मची? जिलाधिकारी ने बताई हादसे की मुख्य वजह; VIDEO
इस दौरान अफरा-तफरी का माहौल बन गया. घायल श्रद्धालुओं को तत्काल नजदीकी चरक अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है.
उज्जैन में बड़ा हादसा
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल और प्रशासनिक रुख
घटना के तुरंत बाद सोशल मीडिया (X) पर मौके के कई वीडियो वायरल होने लगे, जिनमें भीड़ में मची अफरा-तफरी और गिरे हुए बैरिकेड्स दिखाई दे रहे हैं.
हालांकि, मंदिर प्रशासन और पुलिस का कहना है कि महाकाल मुख्य मंदिर के भीतर कोई भगदड़ नहीं हुई है और दर्शन व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाया जा रहा है. उज्जैन के कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक ने खुद मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया.
महाकाल मंदिर में भगदड़
वर्ष में केवल एक बार खुलता है नागचंद्रेश्वर मंदिर
महाकालेश्वर मंदिर की तीसरी मंजिल पर स्थित नागचंद्रेश्वर मंदिर साल में केवल एक बार, नागपंचमी के अवसर पर 24 घंटे के लिए खोला जाता है. इस बार सावन सोमवार, नागपंचमी और महाकाल की सवारी का एक ही दिन योग होने से शहर में भारी भीड़ उमड़ी थी.
इससे पूर्व हाल ही में बिहार के धार्मिक स्थलों पर भी भीड़ के कुप्रबंधन के कारण इसी तरह के हादसे देखने को मिले थे, जिसके बाद धार्मिक स्थलों पर सुरक्षा प्रबंधों को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं.