ट्रंप का भारत और रूस पर बड़ा हमला, बोले - 'मुझे परवाह नहीं, दोनों अपनी अर्थव्यवस्था डूबो सकते हैं'

डोनाल्ड ट्रंप ने भारत-रूस संबंधों की आलोचना करते हुए कहा कि वे अपनी "खत्म" अर्थव्यवस्थाओं के साथ डूब सकते हैं. उन्होंने अमेरिका के साथ व्यापार में बाधा के लिए भारत के ऊंचे टैरिफ को दोषी ठहराया. साथ ही, ट्रंप ने रूस के पूर्व राष्ट्रपति मेदवेदेव को सीधी और कड़ी चेतावनी भी जारी की.

Donald Trump | X

Trump Blasts India-Russia Ties & 'High Tariffs': अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर अपने जाने-पहचाने अंदाज़ में एक बड़ा और विवादित बयान दिया है. इस बार उनके निशाने पर भारत और रूस दोनों हैं. उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर एक पोस्ट में भारत-रूस के संबंधों, भारत की व्यापार नीतियों और रूस के एक बड़े नेता को लेकर कई तीखी बातें कही हैं.

बयान की मुख्य बातें:

    1. भारत-रूस दोस्ती पर तंज: ट्रंप ने साफ लिखा, "मुझे इस बात की कोई परवाह नहीं है कि भारत, रूस के साथ क्या करता है. जहां तक मेरी बात है, वे अपनी खत्म हो चुकी अर्थव्यवस्थाओं (dead economies) को एक साथ नीचे ले जा सकते हैं." यह भारत और रूस दोनों की अर्थव्यवस्थाओं पर एक सीधा हमला है.
    2. भारत के टैक्स (टैरिफ) पर निशाना: उन्होंने आगे कहा कि अमेरिका ने भारत के साथ बहुत कम व्यापार किया है क्योंकि भारत के टैरिफ (आयात पर लगने वाला टैक्स) बहुत ज़्यादा हैं, जो दुनिया में सबसे ऊंचे टैरिफ में से एक हैं. यह शिकायत ट्रंप पहले भी कई बार कर चुके हैं.
    3. रूस को खुली चेतावनी: अपने बयान के आखिर में उन्होंने रूस के पूर्व राष्ट्रपति दिमित्री मेदवेदेव को सीधी चेतावनी दी. उन्होंने मेदवेदेव को एक "नाकाम पूर्व राष्ट्रपति" कहा जो खुद को अभी भी राष्ट्रपति समझते हैं. ट्रंप ने उन्हें चेतावनी देते हुए कहा, "उन्हें अपने शब्दों पर ध्यान देना चाहिए. वह बहुत खतरनाक इलाके में घुस रहे हैं!"

इस बयान का मतलब क्या है?

ट्रंप का यह बयान उनके "अमेरिका फर्स्ट" (America First) नज़रिए को दिखाता है. वह अक्सर दूसरे देशों के साथ व्यापार में अमेरिका के घाटे और दूसरे देशों द्वारा लगाए जाने वाले टैक्स का मुद्दा उठाते रहे हैं.

यह बयान ऐसे समय में आया है जब हाल ही में ट्रंप ने भारत से आने वाले सामान पर 25% का भारी टैरिफ लगाने की घोषणा की है. कुल मिलाकर, ट्रंप का यह बयान भारत के प्रति उनके सख्त व्यापारिक रवैये और रूस के प्रति उनकी आक्रामक नीति को एक साथ दिखाता है. यह उनकी खास शैली है, जिसमें वह सीधी और अक्सर चौंकाने वाली भाषा का इस्तेमाल करके अपनी बात रखते हैं. इस बयान ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में एक नई बहस छेड़ दी है.

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