TMC Rebellion: टीएमसी में बगावत तेज, यूसुफ पठान, सायोनी घोष और शत्रुघ्न सिन्हा के नाम बागी सांसदों की सूची में शामिल, पार्टी में दो-फाड़ के आसार
पश्चिम बंगाल में हालिया चुनावी हार के बाद सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) में आंतरिक कलह चरम पर पहुंच गई है. काकोली घोष दस्तीदार के नेतृत्व में बागी गुट ने दलबदल कानून से बचने के लिए जरूरी 19 सांसदों के समर्थन का दावा किया है, जिसमें यूसुफ पठान, सायोनी घोष और शत्रुघ्न सिन्हा जैसे दिग्गज चेहरों के नाम भी शामिल हैं.
TMC Rebellion: पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर बड़ा भूचाल आ गया है. हाल ही में संपन्न हुए राज्य के चुनावों में मिली करारी हार के बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) एक अभूतपूर्व आंतरिक संकट से गुजर रही है. पार्टी के भीतर जारी इस खींचतान के बीच अब संसद में भी टीएमसी के दो-फाड़ होने की खबरें तेज हो गई हैं. सूत्रों के मुताबिक, लोकसभा स्पीकर को सौंपने के लिए तैयार की गई 19 बागी सांसदों की सूची में पूर्व क्रिकेटर यूसुफ पठान, जादवपुर से सांसद सायोनी घोष और आसनसोल के सांसद शत्रुघ्न सिन्हा जैसे दिग्गज चेहरों के नाम सामने आ रहे हैं.
यह घटनाक्रम तृणमूल कांग्रेस के इतिहास में सबसे बड़ी बगावत के रूप में देखा जा रहा है. काकोली घोष दस्तीदार के नेतृत्व में बागी गुट दलबदल कानून से बचने के लिए जरूरी दो-तिहाई बहुमत जुटाने का दावा कर रहा है. यह भी पढ़े: TMC-Congress Merger News: क्या कांग्रेस में शामिल होंगी ममता बनर्जी? सोनिया गांधी ने दिया टीएमसी के विलय का प्रस्ताव, अटकलें तेज
यूसुफ पठान को लेकर बढ़े कयास, अमित शाह से मुलाकात की चर्चा
बहरामपुर लोकसभा सीट से कांग्रेस के दिग्गज नेता अधीर रंजन चौधरी को हराकर संसद पहुंचे यूसुफ पठान को लेकर इस समय सियासी गलियारे गर्म हैं. टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी ने बड़ा दावा करते हुए आरोप लगाया है कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने यूसुफ पठान को दिल्ली बुलाया था और दोनों के बीच मुलाकात भी हुई है.
बागी गुट का दावा है कि यूसुफ पठान उनके साथ हैं. वहीं दूसरी ओर, गुजरात हाईकोर्ट में वडोदरा नगर निगम की जमीन पर कथित अवैध कब्जे को लेकर कानूनी मोर्चे पर भी पठान की मुश्किलें बढ़ती दिख रही हैं. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इन परिस्थितियों ने पठान को वैकल्पिक राजनीतिक रास्ते तलाशने पर मजबूर किया है.
ममता की सबसे मुखर समर्थक सायोनी घोष भी बागी खेमे में शामिल?
ममता बनर्जी की बेहद करीबी और टीएमसी युवा विंग की अध्यक्ष सायोनी घोष का नाम बागी सूची में आना पूरी पार्टी के लिए एक बहुत बड़ा झटका माना जा रहा है. चुनाव अभियान के दौरान बीजेपी पर तीखे हमले करने वाली सायोनी घोष के बारे में सूत्रों का कहना है कि वे काकोली घोष दस्तीदार के संपर्क में हैं और बागी गुट को अपना समर्थन दे चुकी हैं.
अंदरूनी सूत्रों के मुताबिक, पूर्व में चुनाव प्रचार के दौरान अपने एक भाषण और गाने के कारण उपजे विवाद के समय पार्टी नेतृत्व द्वारा उन्हें अकेला छोड़ दिए जाने से वे असंतुष्ट चल रही थीं. सायोनी को लगता है कि मौजूदा हालातों में टीएमसी के भीतर अब उनका भविष्य सुरक्षित नहीं है.
शत्रुघ्न सिन्हा की 'खामोशी' ने बढ़ाई टीएमसी की चिंता
आसनसोल से टीएमसी सांसद और बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता शत्रुघ्न सिन्हा की रहस्यमयी चुप्पी ने ममता बनर्जी के खेमे को उलझन में डाल दिया है. जहां एक तरफ महुआ मोइत्रा, कीर्ति आजाद और सौगत रॉय जैसे नेता खुलकर ममता बनर्जी के समर्थन में खड़े हैं, वहीं शत्रुघ्न सिन्हा ने चल रहे इस पूरे सियासी ड्रामे पर पूरी तरह मौन साध रखा है.
ताजा रिपोर्टों के अनुसार, बागी सांसदों के दावों और सूचियों में शत्रुघ्न सिन्हा का नाम भी तैर रहा है. मंगलवार को जब दिल्ली में बागी सांसदों और ममता खेमे की अलग-अलग बैठकें चल रही थीं, तब सिन्हा किसी भी बैठक में नजर नहीं आए. उनके इस रुख से संकेत मिल रहे हैं कि वे भी पार्टी के भविष्य को लेकर आश्वस्त नहीं हैं.
दलबदल कानून और आंकड़ों का पूरा खेल
टीएमसी के कुल 28 लोकसभा सांसद हैं. संविधान की दसवीं अनुसूची (दलबदल विरोधी कानून) के तहत बिना सदस्यता गंवाए एक नया गुट बनाने या किसी अन्य गठबंधन को समर्थन देने के लिए बागी खेमे को कम से कम दो-तिहाई यानी 19 सांसदों की आवश्यकता है.
काकोली घोष दस्तीदार के नेतृत्व वाले गुट का दावा है कि उनके पास 19 सांसदों के हस्ताक्षर मौजूद हैं और वे बीजेपी नीत एनडीए (NDA) को बाहर से समर्थन दे सकते हैं. हालांकि, ममता बनर्जी के वफादार कीर्ति आजाद का दावा है कि केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव के आवास पर हुई बैठक में केवल 12 से 13 सांसद ही पहुंचे थे और बागियों के पास आवश्यक जादुई आंकड़ा नहीं है.
बागी गुट द्वारा दावा की गई 19 सांसदों की सूची:
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शत्रुघ्न सिन्हा (आसनसोल)
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काकोली घोष (बरसात)
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जगदीश चंद्र बसुनिया (कूच बिहार)
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खली उर रहमान (जंगीपुर)
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यूसुफ पठान (बहरामपुर)
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अबू ताहिर खान (मुर्शिदाबाद)
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पार्थ भौमिक (बैरकपुर)
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बापी हलधर (मथुरापुर)
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सायोनी घोष (जादवपुर)
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माला रॉय (कोलकाता साउथ)
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मिताली बाग (आरामबाग)
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दीपक अधिकारी (घाटल)
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कालीपद सोरेन (झालग्राम)
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जून मालिया (मेदिनीपुर)
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अरूप चक्रवर्ती (बांकुरा)
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शर्मिला सरकार (वर्धमान ईस्ट)
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असित कुमार मल्ल (बोलपुर)
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शताब्दी रॉय (बीरभूम)
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रचना बनर्जी (हुगली)
फिलहाल, कोलकाता से लेकर दिल्ली तक बैठकों और कयासों का दौर जारी है. आने वाले कुछ दिन यह तय करेंगे कि यूसुफ पठान, सायोनी घोष और शत्रुघ्न सिन्हा औपचारिक रूप से बागी गुट के साथ मंच साझा करते हैं या पार्टी के भीतर कोई नया राजनीतिक समझौता देखने को मिलता है.