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NCRB's Drugs Use And Trafficking Report: पंजाब में 30 लाख लोग हैं नशे के आदी, राज्य इस मामले में तीसरे नंबर पर

कभी नशीले पदार्थो के इस्तेमाल की सूची में शीर्ष पर रहने वाले और यहां तक कि 'उड़ता पंजाब' कहे जाने वाले पंजाब में मादक पदार्थो की तस्करी एक बहुचर्चित सामाजिक, आपराधिक और राजनीतिक मुद्दा बना हुआ है.

NCRB's Drugs Use And Trafficking Report: पंजाब में 30 लाख लोग हैं नशे के आदी, राज्य इस मामले में तीसरे नंबर पर
Photo Credit: ANI

Punjab:  कभी नशीले पदार्थो के इस्तेमाल की सूची में शीर्ष पर रहने वाले और यहां तक कि 'उड़ता पंजाब' कहे जाने वाले पंजाब में मादक पदार्थो की तस्करी एक बहुचर्चित सामाजिक, आपराधिक और राजनीतिक मुद्दा बना हुआ है. पंजाब सरकार द्वारा इस खतरे पर अंकुश लगाने के लिए एक विशेष कार्य बल (एसटीएफ) का गठन करने के बावजूद यह अभी भी राज्य को परेशान करने का प्रबंधन करता है. लेकिन इस साल जारी राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) की रिपोर्ट के अनुसार, राज्य अब मादक पदार्थो के उपयोग और तस्करी के मामले में तीसरे स्थान पर आ गया है.

रिपोर्ट से पता चला कि एनडीपीएस अधिनियम के तहत दर्ज 10,432 एफआईआर के साथ उत्तर प्रदेश अब शीर्ष स्थान पर है, इसके बाद महाराष्ट्र (10,078) और पंजाब (9,972) का स्थान है.

चंडीगढ़ के पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च (पीजीआईएमईआर) के सामुदायिक चिकित्सा विभाग द्वारा इस वर्ष जारी की गई पुस्तक 'रोडमैप फॉर प्रिवेंशन एंड कंट्रोल ऑफ सब्सटेंस एब्यूज इन पंजाब' के दूसरे संस्करण में कहा गया है कि 30 लाख से अधिक लोग या लगभग पंजाब की 15.4 फीसदी आबादी इस समय नशीले पदार्थो का सेवन कर रही है. पंजाब में हर साल करीब 7,500 करोड़ रुपये का ड्रग्स का कारोबार होने का अनुमान है. नशे के कारण कई परिवारों ने अपने परिवार के सदस्यों को खोया है। मकबूलपुरा को अनाथों और विधवाओं के गांव के रूप में जाना जाता है, क्योंकि नशीली दवाओं के अधिकांश पीड़ित वहीं से आते हैं.

बढ़ती चिंता के बीच, सुप्रीम कोर्ट ने इस महीने राज्य सरकार को नशीले पदार्थो के खतरे पर नजर रखने और गंभीर होने का निर्देश दिया था. इस साल अगस्त में, राज्य भर में संवेदनशील मार्गो पर गश्त करने के अलावा नशा प्रभावित क्षेत्रों में महीने भर की घेराबंदी और तलाशी अभियान चलाने के बाद पंजाब पुलिस ने 260 शीर्ष अपराधियों सहित 2,205 तस्करों को गिरफ्तार किया. कुल 1,730 एफआईआर दर्ज की गई हैं, जिनमें से 145 व्यावसायिक मात्रा से संबंधित हैं. पुलिस ने राज्यभर से 30 किलो हेरोइन, 75 किलो अफीम, 9 किलो गांजा और 185 क्विंटल चूरा चूरा, 12.56 लाख टैबलेट/कैप्सूल/इंजेक्शन/फार्मा ओपिओइड की शीशियां भी बरामद की हैं. मारिजुआना हिमाचल प्रदेश के माध्यम से पंजाब में प्रवेश करता है, जबकि अफीम और अफीम की भूसी राजस्थान और मध्य प्रदेश से आती है. यह भी पढ़े: Mumbai Bar Raid: बार पर छापे में तहखाने से बरामद की गई 17 महिलाएं, 25 लोग गिरफ्तार

गोल्डन क्रीसेंट चौराहे (अफगानिस्तान, पाकिस्तान और ईरान) के पास स्थित होने के कारण इसे 'मौत का त्रिकोण' भी कहा जाता है। यह पंजाब ड्रग गिरोहों के लिए एक आकर्षक बाजार है. विडंबना यह है कि यह अफीम, भांग या उनके डेरिवेटिव का उत्पादन नहीं करता है और न ही यह साइकोट्रोपिक दवाओं का निर्माण करता है. पंजाब का 'चिट्टा', एक सिंथेटिक हेरोइन व्युत्पन्न है, जिसने वर्ग, लिंग, आयु और स्थान के लोगों के जीवन को बदल दिया है. पंजाब देश में हेरोइन की कुल बरामदगी का पांचवां हिस्सा है. इस राज्य में राजस्थान के गंगानगर, हनुमानगढ़ जिले और जम्मू-कश्मीर के कठुआ से अफीम की तस्करी की जाती है. हेरोइन की तस्करी पाकिस्तान के जरिए भारत में की जाती है. इस साल अब तक पंजाब पुलिस द्वारा एनडीपीए एक्ट के तहत 9,500 से अधिक मामले दर्ज किए गए हैं और 13,000 को गिरफ्तार किया गया है. एक अधिकारी ने कहा कि एम्फैटेमिन और एक्स्टसी जैसी सिंथेटिक दवाएं हिमाचल प्रदेश के बद्दी और दिल्ली से आती हैं.

'उड़ता पंजाब' का परिदृश्य इंस्टीट्यूट फॉर डेवलपमेंट एंड कम्युनिकेशंस, चंडीगढ़ के एक अध्ययन में परिलक्षित होता है, जिसमें निष्कर्ष निकाला गया है कि सर्वेक्षण किए गए नशे के 75.8 प्रतिशत सीमावर्ती जिलों में रहते थे और 15-35 वर्ष के बीच की आयु के थे. एक दशक से अधिक समय तक कांग्रेस और शिरोमणि अकाली दल के बीच राज्य के ड्रग संकट को लेकर आरोप-प्रत्यारोप चलते रहे हैं. इस लड़ाई में बीएसएफ को भी घसीटा गया और 'नार्को पॉलिटिक्स' राज्य की विकृत ड्रग शब्दावली में एक संदर्भ का शब्द बन गया. 2014 में एक सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी ने दावा किया कि कई राजनेता या तो सीधे या पुलिस समर्थन के साथ अपने साथियों के माध्यम से रैकेट में शामिल थे. आजकल नशाखोर पहचान से बचने के लिए नए-नए तरीके ईजाद कर रहे हैं. नशीले पदार्थो को प्याज से लदे ट्रकों में छिपाकर गुजरात से पंजाब भेजा जाता है या गंध को दबाने के लिए जीरे के साथ पैक किया जाता है.

(The above story first appeared on LatestLY on Dec 17, 2022 07:48 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).