देश

बढ़ती जा रही है अमेरिका जाने वाले भारतीय छात्रों की संख्या

2022-23 में उच्च शिक्षा के लिए अमेरिका जाने वाले भारतीय छात्रों की संख्या बढ़ कर 2.

बढ़ती जा रही है अमेरिका जाने वाले भारतीय छात्रों की संख्या
प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credit: Image File)

2022-23 में उच्च शिक्षा के लिए अमेरिका जाने वाले भारतीय छात्रों की संख्या बढ़ कर 2.60 लाख भी पार कर गई. यह आंकड़ा हर साल बढ़ता जा रहा है और अब अमेरिकी विश्वविद्यालयों में पढ़ने वाला हर चौथा विदेशी छात्र भारतीय है.अमेरिकी सरकार के विदेश मंत्रालय द्वारा जारी किए गए ताजा आंकड़े स्पष्ट दिखा रहे हैं कि अमेरिकी विश्वविद्यालयों को चुनने वाले भारतीय छात्रों की संख्या हर साल बढ़ती जा रही है. एक साल में 35 प्रतिशत उछाल के साथ 2022-23 में यह आंकड़ा 2,68,923 पर पहुंच गया.

यह आंकड़े "ओपन डोर्स रिपोर्ट" में दिए गए हैं जिसे अमेरिकी विदेश मंत्रालय के ब्यूरो ऑफ एजुकेशनल एंड कल्चरल अफेयर्स और इंस्टिट्यूट ऑफ इंटरनेशनल एजुकेशन ने जारी किया है. अमेरिका में पढ़ने वाले विदेशी छात्रों में सबसे ज्यादा संख्या चीनी छात्रों की है.

अमेरिका का आकर्षण

भारत दूसरे पायदान पर है लेकिन जहां चीनी छात्रों की संख्या पिछले साल के मुकाबले 0.2 प्रतिशत घट गई है, वहीं भारतीय छात्रों की संख्या हर साल बढ़ती जा रही है. बल्कि 2022-23 के आंकड़े दिखा रहे हैं कि भारतीय छात्रों की संख्या में इतनी बड़ी बढ़ोतरी (35 प्रतिशत) पहले कभी नहीं हुई.

अमेरिकी विश्वविद्यालयों द्वारा अंडर ग्रैजुएट और ग्रैजुएट छात्रों को भर्ती करने में भारत को सबसे ज्यादा वरीयता दी जाती है. इस अवधि में भारतीय अंडर ग्रैजुएट छात्रों की संख्या 16 प्रतिशत बढ़ी जबकि ग्रैजुएट छात्रों की संख्या में करीब 63 प्रतिशत का उछाल आया.

रिपोर्ट के मुताबिक कुल भारतीय छात्रों में से 84 प्रतिशत से भी ज्यादा ने डॉक्टरल विश्वविद्यालयों को चुना. टेक्सास, न्यूयॉर्क, कैलिफोर्निया, मेसाचुसेट्स और इलिनॉय वो राज्य हैं जिनके सबसे ज्यादा विश्वविद्यालयों में भारतीय छात्रों को दाखिला मिला.

भारतीय संस्थानों का स्तर

ये आंकड़े दिखाते हैं कि बीते कुछ महीनों में सामने आई वीजा संबंधी समस्याओं के बावजूद अमेरिका अभी भी भारतीय छात्रों का मनपसंद ठिकाना बना हुआ है. यह रिपोर्ट ऐसे समय में आई है जब भारत के उच्च शिक्षण संस्थानों की गुणवत्ता को लेकर चर्चा चल रही है.

इसी महीने जारी की गई क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग्स एशिया की रिपोर्ट में पहली बार भारत के 148 विश्वविद्यालयों को जगह मिली, लेकिन वे चोटी के 20 विश्वविद्यालयों की सूची में अपना स्थान नहीं बना पाए. यानी दुनिया तो क्या सिर्फ एशिया के भी सबसे अच्छे विश्वविद्यालयों की सूची में एक भी भारतीय विश्वविद्यालय नहीं है.

इस सूचकांक में भारतीय संस्थानों में आईआईटी बॉम्बे सबसे ऊपर रहा, लेकिन 40वें पायदान पर. आईटी दिल्ली 46वें स्थान पर है और आईआईटी मद्रास 53वें स्थान पर. अमूमन भारतीय संस्थानों में सबसे ऊंचा स्थान पाने वाला इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ साइंस करीब छह पायदान गिर कर 58वीं रैंक पर आ गया. दिल्ली विश्वविद्यालय 85वें स्थान से गिर कर 94 पर पहुंच गया है.

(The above story first appeared on LatestLY on Nov 14, 2023 04:10 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).