Telangana School Principal Murder: नलगोंडा में कैश को लेकर 10वीं क्लास के दो छात्रों ने प्रिंसिपल पर किए चाकू से 27 वार; हिरासत में लिए गए
तेलंगाना के नलगोंडा जिले के कोंडामल्लेपल्ली में एक निजी स्कूल की प्रिंसिपल के. रूपा रेड्डी की उनके घर में चाकू से 27 वार कर की गई निर्मम हत्या की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है. पुलिस ने उसी स्कूल के 10वीं कक्षा के दो नाबालिग छात्रों (16 वर्ष) को हिरासत में लिया है. आरोपियों ने स्कूल फीस की नकदी लूटने और पुरानी रंजिश के चलते इस वारदात को अंजाम दिया था.
नलगोंडा (तेलंगाना): तेलंगाना (Telangana) के नलगोंडा जिले (Nalgonda District) में एक निजी स्कूल की 48 वर्षीय प्रिंसिपल के. रूपा रेड्डी (K Roopa Reddy) की उनके घर में घुसकर की गई बर्बर हत्या के मामले में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. नलगोंडा जिला पुलिस ने उसी स्कूल में पढ़ने वाले 10वीं कक्षा के दो नाबालिग छात्रों (उम्र 16 वर्ष) को प्रिंसिपल की हत्या और लूट के आरोप में हिरासत में लिया है.
आरोपियों ने 11 अगस्त को प्रिंसिपल के अकेले होने का फायदा उठाकर घर की बाउंड्री वॉल फांदकर प्रवेश किया और स्कूल फीस के लगभग ₹2.5 लाख लूटने के दौरान पहचान लिए जाने के डर से प्रिंसिपल पर चाकू से 27 बार हमला कर उनकी जान ले ली. पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से ₹1.54 लाख नकद (जिनमें से कुछ नोटों पर खून के धब्बे लगे थे), प्रिंसिपल का फोन और वारदात के पैसों से खरीदा गया नया आईफोन बरामद किया है. यह भी पढ़ें: Kerala: आईफोन और बॉयफ्रेंड की बाइक के लिए 13 साल की पोती ने रची दादा की हत्या की साजिश; 4 नाबालिग हिरासत में
फोन पर आखिरी शब्द 'बाबू' बना जांच का सबसे बड़ा सुराग
11 अगस्त को जब रूपा रेड्डी की हत्या हुई, उस समय उनके पति काम के सिलसिले में हैदराबाद गए हुए थे। पुलिस जांच के दौरान सबसे अहम सुराग प्रिंसिपल की अपनी मौसी/आंटी के साथ हुई अंतिम फोन कॉल से मिला.
कॉल के दौरान रूपा रेड्डी ने अचानक किसी को 'बाबू' कहकर पुकारा, जिसके तुरंत बाद उनका फोन बंद हो गया. नलगोंडा एसपी शरथ चंद्र पवार के अनुसार, पूछताछ में पता चला कि प्रिंसिपल स्कूल के छात्रों को अक्सर प्यार से 'बाबू' कहकर संबोधित करती थीं. इससे पुलिस का शक बाहरी अपराधियों से हटकर स्कूल के छात्रों और हॉस्टल के बच्चों पर गया.
फिजूलखर्ची और खून से सने नोटों ने पकड़ाया
वारदात के बाद जब चार दिनों के अवकाश के बाद स्कूल खुला, तो पुलिस ने गैरहाजिर रहे 13 छात्रों की पहचान की, जिनमें से पांच 10वीं कक्षा के थे:
- अचानक लाइफस्टाइल में बदलाव: पुलिस की विशेष टीमों ने देखा कि दो छात्र अचानक दोस्तों के साथ पार्टियां कर रहे हैं, फिजूलखर्ची कर रहे हैं और उन्होंने ₹60,000 का नया आईफोन खरीदा है.
- खून से सने नोट: बुधवार को जब पुलिस ने दोनों को रोककर तलाशी ली, तो उनके पास से ₹1.54 लाख नकद मिले. उन्होंने दावा किया कि यह पैसा माता-पिता ने दिया है, लेकिन तीन ₹500 के नोटों पर खून के धब्बे मिले. फॉरेंसिक जांच में पुष्टि हुई कि यह खून रूपा रेड्डी का ही था.
हॉस्टल से निकालने की रंजिश और 5 दिन की रेकी
पुलिस जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी छात्र पहले स्कूल के हॉस्टल में रहता था:
- पुरानी रंजिश: करीब 20 दिन पहले प्रिंसिपल ने छात्र के बैग से अनधिकृत नकदी और मोबाइल फोन पकड़ा था, जिसके बाद उसे कड़ी फटकार लगाकर हॉस्टल से निकालकर डे-स्कॉलर (Day-Scholar) बना दिया गया था और माता-पिता से शिकायत की गई थी.
- लूट की योजना: शराब पीने और बाइक-कारों का शौक रखने वाले इस छात्र ने जल्दी पैसे कमाने के लिए यूट्यूब पर वीडियो देखे। उसे पता था कि महीने की 10 तारीख के आसपास स्कूल फीस का कलेक्शन प्रिंसिपल के घर पर रखा जाता है.
- वारदात को अंजाम: दोनों छात्रों ने 5 दिन तक इलाके और सीसीटीवी कैमरों की रेकी की, दस्ताने और चाकू खरीदे. 11 अगस्त की शाम मास्क पहनकर घर में घुसे छात्र का मास्क हाथापाई के दौरान उतर गया। रूपा रेड्डी द्वारा पहचान लिए जाने पर उसने ताबड़तोड़ 27 वार कर उनकी हत्या कर दी.
जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड के समक्ष पेशी
नलगोंडा पुलिस ने बताया कि दोनों आरोपी नाबालिग हैं, इसलिए उन्हें विधि से संघर्षरत किशोर (JCL) के रूप में जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड (Juvenile Justice Board) के समक्ष पेश कर बाल सुधार गृह भेजा जा रहा है.