भारत को टारगेट करना गलत... ट्रंप के 50 फीसदी टैरिफ पर सरकार ने चीन और तुर्की की ओर उठाई उंगली
PM Modi and Donald Trump | X

नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत से आने वाले उत्पादों पर 25 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ लगाने के ऐलान के बाद भारत सरकार ने कड़ा विरोध जताया है. विदेश मंत्रालय ने साफ कहा है कि भारत को निशाना बनाना पूरी तरह से अन्यायपूर्ण और अनुचित है, खासकर तब जब चीन और तुर्की जैसे देश भी बड़ी मात्रा में रूस से तेल खरीद रहे हैं. विदेश मंत्रालय ने बयान में कहा, "हमने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि भारत की तेल खरीद बाजार आधारित है और इसका उद्देश्य 1.4 अरब भारतीयों की ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करना है. ऐसे में सिर्फ भारत को टैरिफ के नाम पर निशाना बनाना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है."

ट्रंप ने भारत पर लगाया 50% टैरिफ, सरकार ने कहा- यह अनुचित, अन्यायपूर्ण और असंगत.

भारत ने चीन और तुर्की का दिया उदाहरण

विदेश मंत्रालय ने कहा, "अमेरिका द्वारा भारत पर कार्रवाई करते समय वह चीन और तुर्की जैसे देशों को नजरअंदाज कर रहा है. ऊर्जा और स्वच्छ वायु पर शोध करने वाले सेंटर के अनुसार जून 2025 में रूस के क्रूड ऑयल का 47% चीन ने, 38% भारत ने, और 6%-6% तुर्की और यूरोपीय संघ ने खरीदा. वहीं तेल उत्पादों में तुर्की सबसे बड़ा खरीदार रहा (26%), इसके बाद चीन (13%) और ब्राजील (12%) थे."

"भारत को अनुचित रूप से टारगेट किया जा रहा है"

भारत ने यह भी कहा कि जब अन्य देश अपने हित में वही कार्य कर रहे हैं जो भारत कर रहा है, तो सिर्फ भारत के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करना अनुचित और भेदभावपूर्ण है. सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि भारत अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएगा.

ट्रंप बोले- “भारत रूसी युद्ध मशीन को ईंधन दे रहा है”

अपने बयान में ट्रंप ने कहा कि भारत रूस से बड़ी मात्रा में तेल खरीद रहा है और उसे खुले बाज़ार में लाभ के लिए बेच रहा है. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भारत को इस बात की परवाह नहीं कि रूस की युद्ध नीति से यूक्रेन में कितने लोग मारे जा रहे हैं. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि भारत ऐसा करता रहेगा, तो वह "बहुत अधिक" टैरिफ लगाएंगे.

50% तक बढ़ा टैरिफ, लागू होगी नई दरें

अब अमेरिका में भारत से आने वाले उत्पादों पर कुल मिलाकर 50% टैरिफ लागू हो जाएगा. यह शुल्क 7 अगस्त से लागू हो जाएगा और 21 दिनों के भीतर सभी भारतीय उत्पादों पर लागू होगा, सिवाय उन सामानों के जो पहले ही ट्रांजिट में हैं या जिन्हें विशेष छूट मिली है.

भारत के लिए आगे की राह कठिन

इस टैरिफ वृद्धि के बाद अमेरिका और भारत के बीच व्यापारिक तनाव बढ़ सकता है. भारत के लिए यह बड़ा सवाल बन गया है कि क्या वह अपने ऊर्जा हितों की रक्षा करते हुए अमेरिका से टकराव की राह पर जाएगा या कोई कूटनीतिक समाधान निकालेगा.