Tamil Nadu: समलैंगिक संबंध का प्रस्ताव ठुकराने पर छात्र की हत्या, नाबालिग आरोपी हिरासत में; बढ़ा राजनीतिक विवाद

तमिलनाडु के पुदुक्कोट्टई जिले में एक 17 वर्षीय छात्र ने समलैंगिक संबंधों का प्रस्ताव खारिज होने पर अपने ही सहपाठी की गला घोंटकर हत्या कर दी. इस घटना के बाद राज्य में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है.

प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: File Image)

पुदुक्कोट्टई (तमिलनाडु): तमिलनाडु (Tamil Nadu) के पुदुक्कोट्टई (Pudukkottai) जिले से नाबालिगों के बीच हिंसक अपराध की एक बेहद झकझोर देने वाली घटना सामने आई है. यहाँ एक 17 वर्षीय स्कूली छात्र को अपने ही सहपाठी (स्कूल के साथी) की कथित तौर पर हत्या (Murder) करने के आरोप में पुलिस ने हिरासत में लिया है. वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह वारदात तब हुई जब पीड़ित छात्र ने आरोपी द्वारा रखे गए समलैंगिक संबंध (Same-Sex Relationships) के प्रस्ताव को स्वीकार करने से मना कर दिया. इस दुखद घटना ने राज्य में किशोर अपराध (जुवेनाइल डेलिनक्वेंसी) और सार्वजनिक सुरक्षा को लेकर एक गंभीर चिंता पैदा कर दी है. यह भी पढ़ें: Bengaluru Crime: बेंगलुरु में खौफनाक वारदात; प्रेमी ने डिनर के बहाने बुलाकर प्रेमिका की चाकू मारकर की हत्या, शादी का विवाद बना वजह

प्रस्ताव खारिज होने पर घबराहट में की हत्या

पुलिस जांच के अनुसार, आरोपी छात्र और पीड़ित दोनों एक ही पड़ोस के रहने वाले थे और एक ही दलित समुदाय से ताल्लुक रखते थे. घटना के दिन, 17 वर्षीय किशोर छोटे लड़के को बहला-फुसलाकर एक सुनसान और एकांत स्थान पर ले गया। वहाँ उसने पीड़ित के सामने शारीरिक संबंध बनाने का प्रस्ताव रखा.

जब पीड़ित छात्र ने इस प्रस्ताव को पूरी तरह खारिज कर दिया, तो आरोपी किशोर इस बात से घबरा गया कि कहीं यह बात दूसरों के सामने न आ जाए और उसकी बदनामी न हो जाए. इसी डर और घबराहट में उसने पास पड़े एक तौलिए से पीड़ित का गला घोंट दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई.

पोक्सो और हत्या की धाराओं में मामला दर्ज

वारदात के बाद मुस्तैदी दिखाते हुए पुलिस प्रशासन ने आरोपी किशोर को दबोच लिया. चूंकि आरोपी नाबालिग है, इसलिए पुलिस ने उसके खिलाफ हत्या (Murder) और बच्चों को यौन अपराधों से संरक्षण प्रदान करने वाले पोक्सो (POCSO) अधिनियम की प्रासंगिक कानूनी धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है. प्रारंभिक अदालती कार्यवाही के बाद आरोपी को किशोर सुधार गृह (जुवेनाइल ऑब्जर्वेशन होम) भेज दिया गया है, जहां मामले की आगे की जांच की जा रही है.

कानून व्यवस्था को लेकर छिड़ी राजनीतिक जंग

इस घटना के बाद तमिलनाडु की राजनीति में भी उबाल आ गया है. राज्य में बढ़ते यौन अपराधों और युवाओं को मिलने वाले मार्गदर्शन की कमी को लेकर विपक्षी दल लगातार सरकार को घेर रहे हैं. द्रमुक (DMK) सांसद कनिमोझी ने मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के नेतृत्व वाले वर्तमान टीवीके (TVK) प्रशासन की खुलकर आलोचना की है. उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है और युवा पीढ़ी को सही दिशा देने में सरकार पूरी तरह विफल साबित हो रही है.

मुख्यमंत्री विजय का कड़ा रुख

बढ़ते सार्वजनिक और राजनीतिक दबाव के बीच, मुख्यमंत्री विजय ने एक राज्य स्तरीय सम्मेलन के दौरान सभी जिला कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों (SPs) को अपराध के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया है. मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि कानून प्रवर्तन एजेंसियों को बिना किसी डर या पक्षपात के काम करना चाहिए। उन्होंने सार्वजनिक सुरक्षा और कानून व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर "नो कॉम्प्रोमाइज" (कोई समझौता नहीं) की नीति को दोहराया है.

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