चेन्नई, 16 जून: तमिलनाडु की मुख्य विपक्षी पार्टी ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (AIADMK) को मंगलवार को उस समय एक और बड़ा झटका लगा, जब पूर्व स्वास्थ्य मंत्री और विरलीमलई (Viralimalai) निर्वाचन क्षेत्र से विधायक डॉ. सी. विजयभास्कर (C. Vijayabaskar) ने राज्य विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया. चेन्नई स्थित सचिवालय में उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष (Speaker) जेसीडी प्रभाकर को व्यक्तिगत रूप से अपना त्याग पत्र सौंपा। स्पीकर ने तत्काल प्रभाव से उनके इस्तीफे को स्वीकार कर लिया है. पिछले एक महीने में पार्टी के पांचवें विधायक के इस कदम से राज्य की राजनीति में खलबली मच गई है और एआईएडीएमके के भीतर नेतृत्व को लेकर जारी आंतरिक मतभेद खुलकर सामने आ गए हैं. यह भी पढ़ें: Tamil Nadu Politics: बीजेपी छोड़ के अन्नामलाई ने बनाया नया संगठन, तमिलनाडु विधानसभा चुनाव लड़ने का किया ऐलान
पार्टी नेतृत्व की नीतियों पर उठाए सवाल
इस्तीफा देने से ठीक पहले डॉ. सी. विजयभास्कर ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के जरिए बिना किसी का नाम लिए एआईएडीएमके के शीर्ष नेतृत्व, विशेष रूप से महासचिव एडप्पादी के. पलानीस्वामी (EPS) पर तीखा हमला बोला. उन्होंने लिखा कि नेतृत्व का मतलब केवल सत्ता या अहंकार नहीं होता, बल्कि यह समर्पण के साथ सबको साथ लेकर चलने की कला है.
उन्होंने वर्तमान नेतृत्व पर नाराजगी जताते हुए आगे कहा, "जो नेतृत्व पार्टी के लिए दिन-रात मेहनत करने वाले अपने कार्यकर्ताओं (कैडरों) का दिल नहीं जीत सकता, वह जनता का दिल कैसे जीतेगा? जहां भावनाओं और अलग विचारों का सम्मान नहीं होता, वहां वास्तविक यात्रा संभव नहीं है."
एक महीने में पांचवें विधायक का इस्तीफा
सी. विजयभास्कर का यह इस्तीफा एआईएडीएमके के लिए इसलिए बेहद चिंताजनक है, क्योंकि पिछले कुछ हफ्तों में उनसे पहले चार अन्य विधायक भी अपनी सदस्यता छोड़ चुके हैं. इनमें इरोड जिले के पेरुंदुरई से विधायक एस. जयकुमार, धरमपुरम से सत्यभामा, मदुरंतकम से मरगधम कुमारवेल और अंबासमुद्रम से विधायक इसाकी सुबैया शामिल हैं.
इन सभी पूर्व विधायकों ने विधानसभा अध्यक्ष को अपना इस्तीफा सौंपने के बाद अभिनेता से नेता बने मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय की सत्तारूढ़ पार्टी 'तमिलगा वेत्री कड़गम' (TVK) की सदस्यता ग्रहण कर ली थी. राजनीतिक विश्लेषकों का अनुमान है कि 2013 से 2021 तक राज्य के स्वास्थ्य मंत्री रहे विजयभास्कर भी जल्द ही टीवीके (TVK) में शामिल हो सकते हैं.
विधानसभा में कम हुई एआईएडीएमके की ताकत
वर्ष 2026 के तमिलनाडु विधानसभा चुनावों के बाद से ही एआईएडीएमके लगातार सांगठनिक चुनौतियों और अंदरूनी बगावत का सामना कर रही है. हाल ही में 13 मई को विधानसभा में हुए विश्वास मत (Floor Test) के दौरान सी. विजयभास्कर समेत पार्टी के 25 बागी विधायकों ने व्हिप का उल्लंघन करते हुए टीवीके सरकार के पक्ष में मतदान किया था.
इन सिलसिलेवार इस्तीफों के बाद तमिलनाडु विधानसभा में एआईएडीएमके के विधायकों की संख्या घटकर अब केवल 42 रह गई है. विजयभास्कर के इस्तीफे के बाद खाली हुई पुदुक्कोट्टई जिले की विरलीमलई विधानसभा सीट पर अब नियमानुसार उपचुनाव कराया जाएगा. राजनीतिक जानकारों का मानना है कि लगातार हो रहे इस नुकसान को रोकने और वरिष्ठ नेताओं की शिकायतों को दूर करने के लिए पार्टी आलाकमान पर भारी दबाव बन गया है.













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