Tamil Nadu Ammonia Gas Leak: तमिलनाडु के तिरुवल्लूर जिले में रविवार को एक निजी सीफूड और झींगा (श्राइम्प) प्रोसेसिंग फैक्ट्री में अमोनिया गैस लीक होने से बड़ा हादसा हो गया. इस जहरीली गैस की चपेट में आने से कम से कम दो श्रमिकों की मौत हो गई और 40 से अधिक लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है. यह घटना पेरियापालयम के पास मंनजकरणई (कन्निगईपेयर) में स्थित सेंट पीटर एंड पॉल सीफूड्स एक्सपोर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड के संयंत्र में हुई. स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, गैस के संपर्क में आते ही फैक्ट्री के भीतर मौजूद श्रमिक और अन्य लोग तेजी से बेहोश होने लगे.
राहत और बचाव कार्य तेज
गैस रिसाव की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन, पुलिस और आपातकालीन सेवाएं तुरंत मौके पर पहुंचीं. प्रभावित लोगों को कारखाने से सुरक्षित बाहर निकालकर नजदीकी चिकित्सा केंद्रों में ले जाया गया. अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने दो लोगों को मृत घोषित कर दिया. वहीं, 40 से अधिक अन्य लोगों का इलाज फिलहाल चल रहा है, जिनमें से कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है. यह भी पढ़े: Gas Leak at Malaysia Airport: मलेशिया के कुआलालंपुर एयरपोर्ट पर गैस रिसाव से 39 लोग बीमार
तमिलनाडु में बड़ा हादसा
VIDEO | Tamil Nadu: Several people hospitalised in Tiruvallur after ammonia leaks in shrimp factory.
(Full video available on PTI Videos - https://t.co/n147TvrpG7) pic.twitter.com/GTZBNwMsau
— Press Trust of India (@PTI_News) June 21, 2026
प्रशासन की मांग पर राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) की चौथी बटालियन की एक विशेष सीबीआरएन (Chemical, Biological, Radiological and Nuclear - CBRN) टीम को भी तैनात किया गया है. पीपीई किट और गैस डिटेक्शन उपकरणों से लैस करीब 30 एनडीआरएफ कर्मी प्रभावित क्षेत्र को सुरक्षित करने और राहत कार्य में जुटे हैं.
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल
इस दुखद हादसे के तुरंत बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पहले ट्विटर) पर कई वीडियो वायरल होने लगे. इन वीडियो में देखा जा सकता है कि एम्बुलेंस और स्थानीय वाहनों की मदद से अचेत और बीमार लोगों को आनन-फानन में अस्पताल ले जाया जा रहा है. घटनास्थल और अस्पताल के बाहर पीड़ितों के परिजनों और सहकर्मियों की भारी भीड़ और अफरा-तफरी का माहौल साफ नजर आ रहा है.
अमोनिया गैस का उपयोग और खतरे
औद्योगिक विशेषज्ञों के अनुसार, अमोनिया गैस का उपयोग वाणिज्यिक प्रशीतन प्रणालियों (Industrial Refrigeration Systems) में बड़े पैमाने पर किया जाता है, विशेषकर सीफूड और मांस प्रसंस्करण इकाइयों में जहां तापमान को बहुत कम रखना अनिवार्य होता है.
हालांकि, हवा में अमोनिया की सांद्रता बढ़ने पर यह मानव स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक साबित होती है. इसके फेफड़ों में पहुंचने से गंभीर श्वसन संकट (Respiratory Distress) पैदा होता है, जिससे दम घुटने और मौत होने का खतरा बढ़ जाता है.
जांच के आदेश जारी
ज़िला अधिकारियों ने कारखाने के परिसर को पूरी तरह सील कर दिया है और रिसाव के मुख्य स्रोत को बंद करने का प्रयास किया जा रहा है. तमिलनाडु के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने इस हादसे में मारे गए लोगों के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है. स्थानीय पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और गैस रिसाव के सटीक कारणों व सुरक्षा मानकों में चूक की गहन जांच शुरू कर दी है.













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