Delhi Riots 2020: सुप्रीम कोर्ट जज ने उमर खालिद की जमानत पर सुनवाई से खुद को अलग किया

खालिद को 2020 के दिल्ली दंगों के पीछे कथित साजिश के मामले में गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम के तहत गिरफ्तार किया गया था खालिद ने दिल्ली हाई कोर्ट के जमानत देने से इनकार करने के खिलाफ शीर्ष अदालत का दरवाजा खटखटाया है

Supreme Court (Photo Credit- ANI)

नई दिल्ली, 9 अगस्त: सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को छात्र कार्यकर्ता उमर खालिद की जमानत अर्जी पर सुनवाई स्थगित कर दी न्यायमूर्ति प्रशांत कुमार मिश्रा ने मामले की सुनवाई से खुद को अलग कर लिया न्यायमूर्ति ए.एस. बोपन्ना.की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा, “अब यह किसी अन्य पीठ के समक्ष आएगा मेरे भाई (न्यायमूर्ति पी.के. मिश्रा) की ओर से कुछ कठिनाई है अदालत ने याचिका को 17 अगस्त को एक अलग पीठ के समक्ष सूचीबद्ध करने का निर्देश दिया है.

खालिद को 2020 के दिल्ली दंगों के पीछे कथित साजिश के मामले में गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम के तहत गिरफ्तार किया गया था खालिद ने दिल्ली हाई कोर्ट के जमानत देने से इनकार करने के खिलाफ शीर्ष अदालत का दरवाजा खटखटाया है. यह भी पढ़े: Delhi Riots Case में उमर खालिद समेत 2 आरोपी बरी, कड़कड़डूमा कोर्ट ने सुनाया फैसला

हाई कोर्ट के जस्टिस सिद्धार्थ मृदुल और जस्टिस रजनीश भटनागर की पीठ ने पिछले साल 18 अक्टूबर को नियमित जमानत की खालिद की अपील खारिज कर दी थी उन्होंने ट्रायल कोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी थी जिसने उन्हें यूएपीए मामले में जमानत देने से इनकार कर दिया था.

नागरिकता संशोधन अधिनियम और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के दौरान अमरावती में दिए गए उनके कथित आक्रामक भाषण को उनके खिलाफ आरोपों का आधार बनाया गया है दिल्ली पुलिस के अनुसार, खालिद और शरजील इमाम दिल्ली दंगों 2020 से जुड़े कथित बड़े साजिश मामले में शामिल लगभग एक दर्जन लोगों में से हैं.

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