'चीनी और महंगी होनी चाहिए': कैलाश विजयवर्गीय के बयान पर विवाद; बढ़ती कीमतों के बीच कांग्रेस ने साधा निशाना (Video)
आगामी त्योहारी सीजन से पहले देश में चीनी की खुदरा कीमतों में बढ़ोतरी के बीच मध्य प्रदेश सरकार के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के एक बयान ने राजनीतिक बहस छेड़ दी है. इंदौर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि चीनी को बहुत महंगा होना चाहिए और 40 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को इसका सेवन पूरी तरह बंद कर देना चाहिए.
इंदौर: मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के कैबिनेट मंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता कैलाश विजयवर्गीय (Kailash Vijayvargiya) द्वारा चीनी की कीमतों और इसके उपभोग को लेकर दिए गए एक बयान पर नया राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है. बुधवार, 26 अगस्त को इंदौर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य के लिहाज से चीनी को काफी महंगा होना चाहिए.
त्योहारी सीजन के ठीक पहले जब खुदरा बाजार में चीनी के दाम बढ़ रहे हैं, ऐसे समय में आए इस बयान पर मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है. यह भी पढ़ें: Bihar: 'लोगों को डायबिटीज हो रहा है, चीनी महंगी होने से फर्क नहीं पड़ेगा'; बिहार के मंत्री श्रवण कुमार के बयान पर बवाल (Video)
'बुजुर्गों को चीनी से दूर रहना चाहिए': विजयवर्गीय का बयान
स्वास्थ्य और जीवनशैली का हवाला देते हुए कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि चीनी केवल बच्चों के लिए सरकारी उचित मूल्य (राशन) की दुकानों पर सस्ती दरों में उपलब्ध कराई जानी चाहिए.
मंत्री ने कहा:
"मैं तो कहता हूं कि चीनी बहुत महंगी होनी चाहिए। यह केवल बच्चों के लिए सरकारी उचित मूल्य की दुकानों पर सस्ती दरों पर मिले... बुजुर्गों को तो चीनी बिल्कुल नहीं दी जानी चाहिए."
उन्होंने आगे कहा कि वे स्वयं मीठे का सेवन नहीं करते और आजकल अधिकांश लोग भी मिठाइयों से परहेज करने लगे हैं. आयुर्वेद और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि 40 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को चीनी से पूरी तरह बचना चाहिए और बहुत मन होने पर कभी-कभार गुड़ का सेवन करना चाहिए.
बीजेपी के कैलाश विजयवर्गीय का कहना है कि 'चीनी महंगी होनी चाहिए'
कांग्रेस का पलटवार: 'महंगाई से जूझ रही जनता का उपहास'
कैलाश विजयवर्गीय के बयान पर पलटवार करते हुए मध्य प्रदेश कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भाजपा पर आम जनता और मध्यम वर्ग की समस्याओं के प्रति असंवेदनशील होने का आरोप लगाया.
जीतू पटवारी ने कहा कि महंगाई कम करने के वादों के साथ सत्ता में आई पार्टी के नेता अब गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों का मजाक उड़ा रहे हैं. उन्होंने कहा:
"देश की जनता देख रही है कि भाजपा के नेता किस तरह महंगाई पर बयानबाजी कर रहे हैं. आगामी चुनावों में जनता इसका उचित जवाब देगी."
खुदरा बाजार में चीनी की कीमतों में तेजी का रुख
यह राजनीतिक बयानबाजी ऐसे समय में सामने आई है जब आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार चीनी की खुदरा कीमतों में लगातार दूसरे दिन तेजी दर्ज की गई है:
- दामों में उछाल: सरकारी उपभोक्ता आंकड़ों के मुताबिक, अखिल भारतीय औसत खुदरा मूल्य 26 अगस्त को बढ़कर ₹65.05 प्रति किलोग्राम पर पहुंच गया, जो एक दिन पहले ₹63.97 प्रति किलोग्राम था.
- आयात के बावजूद असर: सरकार द्वारा 10 लाख टन कच्ची चीनी (Raw Sugar) के आयात की अनुमति दिए जाने और मिल स्तर पर कीमतों में गिरावट के बावजूद खुदरा बाजार में दाम ऊंचे बने हुए हैं, जिससे त्योहारों से पहले उपभोक्ताओं की जेब पर असर पड़ रहा है.