देश

US फेड पॉलिसी, एफआईआई डेटा और वैश्विक संकतों पर अगले हफ्ते निर्भर करेगी शेयर बाजार की चाल

भारत शेयर बाजार के लिए दिसंबर का तीसरा हफ्ता काफी अहम होने वाला है. इस दौरान निवेशकों की निगाहें अमेरिकी फेड के ब्याज दरों को लेकर निर्णय, एफआईआई (विदेशी संस्थागत निवेशक) डेटा, यूएस बॉन्ड यील्ड, घरेलू और वैश्विक डेटा, रूस और यूक्रेन युद्ध और कच्चे तेल की कीमतों पर रहेंगी.

US फेड पॉलिसी, एफआईआई डेटा और वैश्विक संकतों पर अगले हफ्ते निर्भर करेगी शेयर बाजार की चाल
Share Prices in Focus Today

मुंबई, 15 दिसंबर : भारत शेयर बाजार के लिए दिसंबर का तीसरा हफ्ता काफी अहम होने वाला है. इस दौरान निवेशकों की निगाहें अमेरिकी फेड के ब्याज दरों को लेकर निर्णय, एफआईआई (विदेशी संस्थागत निवेशक) डेटा, यूएस बॉन्ड यील्ड, घरेलू और वैश्विक डेटा, रूस और यूक्रेन युद्ध और कच्चे तेल की कीमतों पर रहेंगी. शुक्रवार के कारोबारी सत्र में शुरुआत में शेयर बाजार में बड़ी गिरावट के बाद एक स्मार्ट टर्नअराउंड देखा गया. टेलीकॉम, टेक, कंज्यूमर ड्यूरेबल और आईटी शेयरों में जबरदस्त तेजी देखी गई.

मास्टर ट्रस्ट ग्रुप के डायेरक्टर, पुनित सिंघानिया ने कहा कि शुक्रवार को बाजार में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिला. इस दौरान निफ्टी 24,200 तक फिसलने के बाद करीब 550 से ज्यादा अंक रिकवरी करके 24,768 पर बंद हुआ. इस रिकवरी की वजह मुख्य सेक्टर्स के साथ महंगाई के कारण पिटे हुए शेयरों में खरीदारी आना था. साप्ताहिक आधार पर निफ्टी 0.37 प्रतिशत बढ़ कर 24,768 और सेंसेक्स 0.52 प्रतिशत बढ़कर 82,133 पर बंद हुआ. यह लगातार चौथा हफ्ता था, जब भारतीय शेयर बाजार तेजी के साथ बंद हुआ. यह भी पढ़ें : Kurla Bus Accident: कुर्ला बस हादसे में आरोपी ड्राइवर संजय दत्ता मोरे की ब्लड रिपोर्ट नेगेटिव

जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, "निचले स्तरों से वापसी से पता चलता है कि गिरावट पर खरीदारी की रणनीति काम कर रही है; कोर सेक्टर में धीरे-धीरे सुधार से पता चलता है कि वित्त वर्ष 2025 की पहली छमाही की तुलना में दूसरी छमाही की आय बेहतर रहेगी. ऐसा माना जा रहा है कि अल्पावधि से मध्यम अवधि में विदेशी फंडों की बिकवाली कम हुई है, जिससे सेंटीमेंट में सुधार हुआ है. हमें उम्मीद है कि आने वाले सप्ताह में भी निचले स्तर पर खरीदारी की रणनीति जारी रहेगी."

स्वास्तिक इन्वेस्टमार्ट के वरिष्ठ टेक्निकल एनालिस्ट प्रवेश गौर ने कहा कि निफ्टी ने सभी रुकावटों को पार कर लिया है. गिरावट पर 24,500, 24,300 और 24,125 एक अहम सपोर्ट जोन है. वहीं, तेजी में 25,000 एक अहम रुकावट का स्तर होगा. गौर ने आगे कहा कि बैंक निफ्टी के लिए 53,800 से लेकर 54,000 एक अहम रुकावट का स्तर है. अगर 54,000 के ऊपर ब्रेकआउट होता है. 54,350 से लेकर 54,500 एक रुकावट का स्तर होगा. गिरावट की स्थिति में 53,300 और फिर 52,600 एक मजबूत सपोर्ट जोन है.

(The above story first appeared on LatestLY on Dec 15, 2024 11:49 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).