सॉवरेन गोल्ड बांड की 5वीं सीरीज की खरीद शुरू, इश्यू प्राइस 5334 रुपये प्रति ग्राम- निवेश से पहले जान लें ये अहम बातें
वित्तीय वर्ष 2020-21 के सॉवरेन गोल्ड बांड की पांचवीं सीरीज आज (3 अगस्त) से शुरू हो रही है. इसका इश्यू प्राइस 5,334 रुपये प्रति ग्राम तय किया गया है. केंद्रीय बैंक ने इसका दाम तय किया है. अगर आप निवेश करने की सोच रहे है तो यह एक बेहतरीन मौका है.
Sovereign Gold Bond Scheme 2020-21: वित्तीय वर्ष 2020-21 के सॉवरेन गोल्ड बांड की पांचवीं सीरीज आज (3 अगस्त) से शुरू हो रही है. इसका इश्यू प्राइस 5,334 रुपये प्रति ग्राम तय किया गया है. केंद्रीय बैंक ने इसका दाम तय किया है. अगर आप निवेश करने की सोच रहे है तो यह एक बेहतरीन मौका है.
सॉवरेन गोल्ड बांड स्कीम सरकार ने 2015 में शुरू की थी. सॉवरेन गोल्ड बांड भारत सरकार की ओर से भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा जारी किया जाता है. ऐसे में निवेशकों के पैसे डूबने का जोखिम नहीं होता है. बांडों की खरीदी अनुसूचित बैंकों (लघु वित्त बैंकों और भुगतान बैंकों को छोड़कर), स्टॉक होल्डिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (एसएचसीआईएल), नामित डाकघरों और मान्यता प्राप्त स्टॉक एक्सचेंजों जैसे कि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया लिमिटेड और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज लिमिटेड के जरिए की जा सकती है.
कौन निवेश कर सकता है?
सॉवरेन गोल्ड बांड स्कीम की बिक्री विभिन्न व्यक्तियों, हिंदू अविभाजित परिवार (एचयूएफ), ट्रस्ट, विश्वविद्यालयों और धर्मार्थ संस्थानों जैसे निवासी निकायों तक ही सीमित है.
कितना निवेश कर सकते है?
सॉवरेन गोल्ड बांड स्कीम में निवेश एक ग्राम के गुणकों में किया जाता है. खरीदने की अधिकतम सीमा प्रति वित्त वर्ष (1 अप्रैल से 31 मार्च तक) एक व्यक्ति के लिए एक साल में 4 किलोग्राम, एचयूएफ के लिए भी 4 किलोग्राम और ट्रस्ट एवं इसी तरह के निकायों के लिए 20 किलोग्राम होगी ग्राम है. जबकि संयुक्त रूप से धारण किए जाने की स्थिति में 4 किलोग्राम की निवेश सीमा केवल प्रथम आवेदक पर लागू होगी.
बांड की अवधि किती होगी?
आरबीआई द्वारा जारी नियम के मुताबिक बांड की अवधि 8 साल होगी. जबकि पांचवें, छठे एवं सातवें साल में इससे बाहर निकलने का विकल्प रहेगा, जिसका इस्तेमाल ब्याज भुगतान की तिथियों पर किया जा सकता है.
कैसे तय होती है कीमत?
बांड का मूल्य भारतीय रुपये में तय किया गया है. पूर्व सप्ताह के अंतिम तीन दिनों के कारोबार के दौरान 999 शुद्धता के सोने की अंतिम कीमतों (क्लोजिंग प्राइस) के औसत के आधार पर बांड का मूल्य तय किया जाता है. इसका प्रकाशन इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन लिमिटेड द्वारा किया जाएगा.
कैसे करें निवेश?
बांड का भुगतान या तो नकद अदायगी (अधिकतम 20,000 रुपये तक) अथवा डिमांड ड्राफ्ट या चेक अथवा इलेक्ट्रॉनिक बैंकिंग के जरिए की जा सकेगी. स्वर्ण बांड का निर्गम मूल्य (Issue Price) उन लोगों के लिए प्रति ग्राम 50 रुपये कम होगा जो इसकी खरीदारी ऑनलाइन करेंगे और इसका भुगतान डिजिटल मोड के जरिए करेंगे.
ब्याज कितना मिलेगा?
निवेशकों को प्रति वर्ष 2.50 प्रतिशत की निश्चित दर से मुआवजा दिया जाएगा, जो अंकित मूल्य पर हर छह महीने में देय होगा.
कैसे टैक्स में मिलेगा फायदा?
आयकर अधिनियम, 1961 (43, 1961) के प्रावधान के अनुसार, स्वर्ण बांड पर प्राप्त होने वाले ब्याज पर टैक्स अदा करना होगा. किसी भी व्यक्ति को एसजीबी के विमोचन पर होने वाले पूंजीगत लाभ को कर मुक्त कर दिया गया है. बांड के हस्तांतरण पर किसी भी व्यक्ति को प्राप्त होने वाले दीर्घकालिक पूंजीगत लाभ पर इंडेक्सेशन या मूल्य सूचकांक से जोड़ने के कारण टैक्स भार कम करने संबंधी फायदे भी मिलेंगे.
उल्लेखनीय है कि सॉवरेन गोल्ड बांड योजना 2020-21 श्रृंखला-5 तीन अगस्त को खुलकर सात अगस्त को बंद होगी. इसके बाद आखिरी यानि की छठवीं श्रृंखला 31 अगस्त से जारी होगी. बांड जारी होने के एक पखवाड़े के भीतर बांडों की ट्रेडिंग स्टॉक एक्सचेंजो पर नजर आएगी.
(The above story first appeared on LatestLY on Aug 03, 2020 01:11 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

