Sonam Wangchuk Discharged: सोनम वांगचुक अस्पताल से डिस्चार्ज, VIDEO जारी कर कहा- लद्दाख लौटने से पहले राजघाट जाकर महात्मा गांधी को देंगे श्रद्धांजलि
सोनम वांगचुक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (पूर्व में ट्विटर) पर एक वीडियो संदेश और पोस्ट शेयर करते हुए लिखा, "अंततः मुझे अस्पताल से छुट्टी दी जा रही है. अब मैं महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि देने राजघाट जाऊंगा और फिर पहाड़ों (लद्दाख) की ओर वापस लौटूंगा."
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Sonam Wangchuk Discharged: पर्यावरणविद् और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को सोमवार, 27 जुलाई को गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल से छुट्टी मिल गई है. 26 दिनों तक चली लंबी भूख हड़ताल के बाद उनका स्वास्थ्य अब स्थिर है और उन्होंने दोबारा भोजन ग्रहण करना शुरू कर दिया है. अस्पताल से डिस्चार्ज होने के बाद वांगचुक ने सोशल मीडिया पर जानकारी दी कि वह लद्दाख लौटने से पहले राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि देने के लिए दिल्ली स्थित राजघाट जाएंगे.
सोशल मीडिया पर दिया संदेश
सोनम वांगचुक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (पूर्व में ट्विटर) पर एक वीडियो संदेश और पोस्ट शेयर करते हुए लिखा, "अंततः मुझे अस्पताल से छुट्टी दी जा रही है. अब मैं महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि देने राजघाट जाऊंगा और फिर पहाड़ों (लद्दाख) की ओर वापस लौटूंगा."
सोनम वांगचुक अस्पताल से डिस्चार्ज
AND FINALLY....
I'm being discharged from the hospital. Will be going to Rajghat to pay tribute to Mahatma Gandhi and then back to the mountains.
Thank you all and BIG THANK YOU to the wonderful team of doctors and staff at Medanta Hospital Gurgaon. pic.twitter.com/BBp5k6JY9X
— Sonam Wangchuk (@Wangchuk66) July 27, 2026
उन्होंने अपने संदेश में डॉक्टरों, मेडिकल स्टाफ और अपनी सेहत के लिए प्रार्थना करने वाले सभी देशवासियों का आभार व्यक्त किया. उन्होंने कहा कि मेदांता अस्पताल की समर्पित टीम की देखरेख में उनकी स्थिति में तेजी से सुधार हुआ है.
26 दिनों तक चली थी भूख हड़ताल
उल्लेखनीय है कि सोनम वांगचुक हाल में नीट (NEET) परीक्षा पत्र लीक मामले और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांगों को लेकर करीब 26 दिनों तक अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर रहे थे. भूख हड़ताल के दौरान तबीयत बिगड़ने पर उन्हें पहले सफदरजंग अस्पताल ले जाया गया था. इसके बाद दिल्ली उच्च न्यायालय के निर्देश पर उन्हें बेहतर इलाज के लिए गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में स्थानांतरित किया गया था.
स्वास्थ्य में सुधार और मांगों पर हुई चर्चा के बाद उन्होंने अपना उपवास समाप्त किया.
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर दी थी प्रतिक्रिया
इससे पहले शनिवार को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद सोनम वांगचुक ने अपनी प्रतिक्रिया दी थी. उन्होंने इसे देश के छात्रों और लोकतंत्र की जीत करार दिया था.
वांगचुक ने शांतिपूर्ण आंदोलन चलाने के लिए युवाओं, छात्रों और सहयोगियों की सराहना करते हुए कहा था कि अब सरकार को देश की शिक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक ढांचे में ठोस सुधार करने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए.
(The above story first appeared on LatestLY on Jul 27, 2026 02:27 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

