Jantar Mantar Protest: सरकार ने मानी CJP की सभी मांगें, जंतर-मंतर से खत्म हुआ आंदोलन, प्रदर्शनकारियों से घर लौटने की अपील; देखें वीडियो (Watch Video)
कॉकरोच जनता पार्टी की शुरुआत मई 2026 में सोशल मीडिया पर व्यंग्यात्मक अभियान के रूप में हुई थी. बाद में यह संगठन NEET-UG और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित पेपर लीक और अनियमितताओं के खिलाफ बड़े छात्र आंदोलन में बदल गया. जून से जंतर-मंतर पर लगातार धरना चल रहा था, जिसमें बड़ी संख्या में छात्र और युवा शामिल हुए. सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने भी भूख हड़ताल कर आंदोलन का समर्थन किया था.
Cockroach Janta Party Withdraws Jantar Mantar Protest After Government Accepts Demands: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने शनिवार, 25 जुलाई को दिल्ली के जंतर-मंतर पर पिछले कई हफ्तों से चल रहे अपने आंदोलन को तत्काल प्रभाव से वापस लेने का ऐलान कर दिया. पार्टी ने कहा कि केंद्र सरकार के साथ हुई बातचीत में उसकी सभी मांगें मान ली गई हैं. इसके बाद CJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने प्रदर्शनकारियों से शांतिपूर्वक अपने-अपने घर लौटने की अपील की. धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद भी नहीं थमा CJP का आंदोलन, अभिजीत डिपके ने रखीं दो बड़ी मांगें
सरकार के साथ बातचीत के बाद आंदोलन खत्म
सरकार के साथ हुई ताजा बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में आशुतोष रांका ने कहा, "हमारी सभी मांगें मान ली गई हैं. इसलिए हम सभी प्रदर्शनकारियों से अपील करते हैं कि वे तुरंत आंदोलन समाप्त करें और शांतिपूर्वक अपने घर लौट जाएं. भविष्य की रणनीति और अन्य मुद्दों की जानकारी जल्द साझा की जाएगी."
CJP के आशुतोष रांका का कहना है कि हमारी सभी मांगें मान ली गई हैं:
#WATCH | Delhi: After talks with the government, Cockroach Janta Party's National Spokesperson Ashutosh Ranka says, "All our demands have been accepted, so we request the protesters to withdraw immediately and return home peacefully. We will inform you of our future strategy or… pic.twitter.com/z03j5c9lD8
— ANI (@ANI) July 25, 2026
सरकार ने किन मांगों पर दी सहमति?
समझौते के तहत NEET परीक्षा से जुड़े कथित पेपर लीक और अन्य अनियमितताओं से प्रभावित अभ्यर्थियों के परिवारों को नियमों के तहत ₹1 करोड़ की सम्मान राशि देने का आश्वासन दिया गया है. इसके अलावा आंदोलन के दौरान प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज सभी FIR वापस लेने और भविष्य में इस आंदोलन से जुड़े मामलों में कोई नई कानूनी कार्रवाई नहीं करने पर भी सहमति बनी है.
CJP ने सरकार के सामने शिक्षा व्यवस्था और प्रतियोगी परीक्षाओं में सुधार से जुड़ा पांच सूत्रीय मांग पत्र भी रखा था. इन सुधारों के क्रियान्वयन पर चर्चा के लिए करीब चार सप्ताह बाद अगली बैठक होगी.
धर्मेंद्र प्रधान ने दिया इस्तीफा
इस बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना इस्तीफा सौंपने की घोषणा की. उन्होंने कहा कि यह फैसला इसलिए लिया गया ताकि जंतर-मंतर पर चल रहे आंदोलन का फायदा राष्ट्रविरोधी ताकतें न उठा सकें, छात्रों का भविष्य कानूनी विवादों में न फंसे और युवा अपनी पढ़ाई व करियर पर ध्यान दे सकें.
धर्मेंद्र प्रधान ने यह भी कहा कि सरकार पहले ही NEET-UG परीक्षा को रद्द कर चुकी है, मामले की जांच CBI को सौंपी गई है, दोबारा परीक्षा कराने का फैसला लिया गया है और अगले साल से परीक्षा को कंप्यूटर आधारित बनाने की योजना है.
कैसे शुरू हुआ था CJP का आंदोलन?
कॉकरोच जनता पार्टी की शुरुआत मई 2026 में सोशल मीडिया पर व्यंग्यात्मक अभियान के रूप में हुई थी. बाद में यह संगठन NEET-UG और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित पेपर लीक और अनियमितताओं के खिलाफ बड़े छात्र आंदोलन में बदल गया. जून से जंतर-मंतर पर लगातार धरना चल रहा था, जिसमें बड़ी संख्या में छात्र और युवा शामिल हुए. सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने भी भूख हड़ताल कर आंदोलन का समर्थन किया था.
20 जुलाई को संसद मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हुई थी. इसके बाद कई दौर की बातचीत के बाद आखिरकार CJP ने आंदोलन समाप्त करने का फैसला लिया. पार्टी ने कहा कि शिक्षा सुधार और अपनी आगे की रणनीति को लेकर विस्तृत जानकारी जल्द साझा की जाएगी.
(The above story first appeared on LatestLY on Jul 25, 2026 08:15 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

