Sonam Wangchuk: सोनम वांगचुक ने 26वें दिन तोड़ा अनशन, केंद्र सरकार के आश्वासन के बाद खत्म की भूख हड़ताल; VIDEO जारी कर बताई भरोसे की बातें
अनशन तोड़ने के तुरंत बाद जारी अपने वीडियो संदेश में वांगचुक ने बताया कि सरकार ने नीट पेपर लीक से जुड़ी दुखद घटनाओं में जान गंवाने वाले छात्रों के परिवारों को उचित मुआवजा देने पर भी सकारात्मक विचार करने की बात कही है.
Sonam Wangchuk Ends Hunger Strike: जलवायु कार्यकर्ता और शिक्षा सुधारक सोनम वांगचुक ने शुक्रवार को केंद्र सरकार से लिखित आश्वासन मिलने के बाद अपना 26 दिनों से जारी अनशन समाप्त कर दिया है. सरकार की ओर से दी गई इस लिखित प्रतिबद्धता में संसद में परीक्षा प्रणाली की जवाबदेही, नीट-यूजी (NEET-UG) पेपर लीक मामले पर चर्चा और व्यापक परीक्षा सुधारों को शामिल करने का वादा किया गया है. इसके अलावा, केंद्र ने यह भी आश्वस्त किया है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की जाएगी.
अनशन तोड़ने के तुरंत बाद जारी अपने वीडियो संदेश में वांगचुक ने बताया कि सरकार ने नीट पेपर लीक से जुड़ी दुखद घटनाओं में जान गंवाने वाले छात्रों के परिवारों को उचित मुआवजा देने पर भी सकारात्मक विचार करने की बात कही है.
सोनम वांगचुक का पोस्ट
गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में तोड़ा अनशन
सोनम वांगचुक ने 24 जुलाई की मध्यरात्रि के बाद गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में अपना अनशन समाप्त किया. इस दौरान केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा, केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह और लेह-लद्दाख की एपेक्स बॉडी के वरिष्ठ नेता मौजूद थे. अस्पताल से सामने आई तस्वीरों में केंद्रीय मंत्रियों को वांगचुक को जूस पिलाकर अनशन तुड़वाते देखा गया. इस मौके पर उनकी पत्नी गीतांजलि अंगमो भी उनके साथ थीं.
'हमें लिखित में आश्वासन चाहिए था'
अनशन खत्म करने के बाद अपने पहले वीडियो संदेश में वांगचुक ने बताया कि वे सरकार से लिखित आश्वासन की मांग पर अड़े हुए थे. इसी वजह से दो दिनों तक गहन बातचीत चलती रही और भूख हड़ताल दो दिन और बढ़ गई.
सरकार के लिखित पत्र को पढ़ते हुए वांगचुक ने कहा कि केंद्र सरकार शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करने वाले और 20 जुलाई के 'चलो संसद' मार्च में भाग लेने वाले युवाओं पर मामले दर्ज न करने के प्रति सकारात्मक है.
उन्होंने यह भी बताया कि विभिन्न राजनीतिक दलों के लगभग 65 सांसदों ने उनसे विरोध वापस लेने की अपील की थी. सांसदों ने आश्वासन दिया कि संसद के भीतर नीट पेपर लीक और परीक्षा सुधारों से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी.
प्रधानमंत्री मोदी का संदेश
सोनम वांगचुक द्वारा अनशन खत्म करने के ऐलान के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर प्रतिक्रिया दी. प्रधानमंत्री ने लिखा कि वे सोनम जी से डॉक्टरों की सलाह मानने, अपनी दिनचर्या शुरू करने और जल्द से जल्द अपना स्वास्थ्य सुधारने का आग्रह करते हैं. उन्होंने उनके स्वस्थ रहने की प्रार्थना भी की.
पेलेट गन का दावा और CJP का रुख
दूसरी ओर, प्रदर्शनकारियों ने दावा किया है कि दिल्ली में 'चलो संसद' मार्च के दौरान पुलिस कार्रवाई में पेलेट गन का इस्तेमाल किया गया था. कुछ घायल छात्रों की मेडिकल-लीगल रिपोर्ट में भी इसका उल्लेख होने की बात सामने आई है.
इस बीच, कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने वांगचुक के अनशन समाप्त करने के फैसले का स्वागत किया है. CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने वांगचुक के साहस और समर्पण का धन्यवाद किया. हालांकि, पार्टी ने स्पष्ट किया है कि जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अपना इस्तीफा नहीं देते, तब तक जंतर-मंतर पर उनका शांतिपूर्ण धरना जारी रहेगा.
26 दिनों के आंदोलन का सफर
सोनम वांगचुक 28 जून को जंतर-मंतर पर प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली के खिलाफ और शिक्षा प्रणाली में सुधार की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे थे. इस 26 दिनों की लंबी भूख हड़ताल के दौरान उनका वजन लगभग 11 किलोग्राम कम हो गया.
18 जुलाई को दिल्ली पुलिस ने स्वास्थ्य बिगड़ने का हवाला देकर उन्हें सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया था. इसके बाद उनकी पत्नी गीतांजलि अंगमो ने दिल्ली उच्च न्यायालय का रुख किया, जिसके बाद अदालत ने उन्हें मेदांता अस्पताल स्थानांतरित करने की अनुमति दी थी. वांगचुक ने लगातार अपने समर्थकों से आंदोलन को पूरी तरह से शांतिपूर्ण बनाए रखने की अपील की है.