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Bihar Social Media Policy: बिहार में सोशल मीडिया क्रिएटर्स की होगी कमाई; इस तरह से कमा सकेंगे एक लाख रुपए, जानें पात्रता

बिहार सरकार ने राज्य की जनकल्याणकारी योजनाओं, विकास कार्यों और उपलब्धियों को आम जनता तक पहुंचाने के लिए सोशल मीडिया नीति में बड़ा संशोधन किया है. संशोधित नीति के तहत सूचना एवं जनसंपर्क विभाग से सूचीबद्ध क्रिएटर्स को उनके वीडियो पर आने वाले सत्यापित व्यूज के आधार पर भुगतान किया जाएगा. प्रत्येक 1 लाख व्यूज पर ₹10,000 और 10 लाख या उससे अधिक व्यूज पर अधिकतम ₹1 लाख प्रति वीडियो की प्रोत्साहन राशि तय की गई है.

Bihar Social Media Policy: बिहार में सोशल मीडिया क्रिएटर्स की होगी कमाई; इस तरह से कमा सकेंगे एक लाख रुपए, जानें पात्रता
Samrat Choudhary (Photo Credits: Facebook)

पटना: सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स (Social Media Influencers) और डिजिटल कंटेंट क्रिएटर्स (Digital Content Creators) के लिए बिहार सरकार ने बड़ा अवसर खोला है. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी (Chief Minister Samrat Choudhary) की अध्यक्षता में हुई राज्य कैबिनेट की बैठक में 'बिहार सोशल मीडिया एवं अन्य ऑनलाइन मीडिया नियमावली' में संशोधन प्रस्ताव को मंजूरी दी गई.

इस संशोधित नीति का उद्देश्य सरकारी योजनाओं, विकास परियोजनाओं और जनहित से जुड़े कार्यक्रमों की जानकारी को सरल व डिजिटल तरीके से सीधे आम नागरिकों तक पहुंचाना है. इसके तहत सरकार के साथ सूचीबद्ध क्रिएटर्स को उनके द्वारा तैयार किए गए वीडियो के प्रदर्शन (Views) के आधार पर सीधे वित्तीय प्रोत्साहन दिया जाएगा. यह भी पढ़ें: Bihar Govt Transfers 18 IAS Officers: बिहार में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, सम्राट चौधरी सरकार ने 18 IAS अधिकारियों का किया तबादला

कितना मिलेगा भुगतान और क्या है अधिकतम सीमा?

रिपोर्ट्स के अनुसार, भुगतान की दरें इस प्रकार निर्धारित की गई हैं:

1 लाख व्यूज पर ₹10,000: किसी पात्र वीडियो पर न्यूनतम 1 लाख सत्यापित व्यूज आने पर क्रिएटर को ₹10,000 की राशि दी जाएगी.

अधिकतम सीमा ₹1 लाख: 10 लाख व्यूज मिलने पर क्रिएटर को अधिकतम ₹1 लाख का भुगतान किया जाएगा.

कैपिंग का नियम: यदि किसी वीडियो पर 10 लाख से अधिक (जैसे 15 या 20 लाख) व्यूज भी आते हैं, तब भी उस एकल वीडियो के लिए अधिकतम भुगतान राशि ₹1 लाख ही रहेगी.

30 दिनों का मूल्यांकन: वीडियो अपलोड होने की तारीख से 30 दिन पूरे होने के बाद ही कुल व्यूज का आधिकारिक मूल्यांकन किया जाएगा.

बिहार सरकार का सोशल मीडिया क्रिएटर्स के लिए बड़ा ऑफर

किस तरह के कंटेंट पर मिलेगा प्रोत्साहन?

यह प्रोत्साहन राशि हर सामान्य या निजी वीडियो पर नहीं मिलेगी। भुगतान केवल उन्हीं वीडियो के लिए होगा जो विशेष रूप से निम्नलिखित विषयों पर केंद्रित होंगे:

राज्य सरकार की सामाजिक कल्याण एवं जनकल्याणकारी योजनाएं.

बुनियादी ढांचा और राज्य के विकास कार्य.

सरकारी अभियान, स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार से जुड़े कार्यक्रम.

जनहित से जुड़ी सार्वजनिक नीतियां और उपलब्धियां.

फर्जी व्यूज और बॉट्स पर रोक के लिए होगा सत्यापन

सरकार ने स्पष्ट किया है कि केवल वीडियो वायरल होना ही भुगतान की गारंटी नहीं होगा.

फॉलोअर्स और व्यूज की जांच: सूचना एवं जनसंपर्क विभाग (IPRD) द्वारा समय-समय पर सोशल मीडिया हैंडल्स, पेजों और चैनलों के फॉलोअर्स का तकनीकी ऑडिट कराया जाएगा.

नकली एंगेजमेंट पर पाबंदी: बॉट्स, फर्जी फॉलोअर्स या खरीदे गए कृत्रिम व्यूज (Artificial Views) पाए जाने पर क्रिएटर को अपात्र घोषित कर दिया जाएगा.

योजना का लाभ पाने के लिए एम्पैनलमेंट प्रक्रिया

इस योजना का लाभ उठाने के लिए व्यक्तिगत सोशल मीडिया क्रिएटर्स, इन्फ्लुएंसर्स और पंजीकृत डिजिटल कंपनियों को बिहार सरकार के सूचना एवं जनसंपर्क विभाग (IPRD) के साथ सूचीबद्ध (Empanelled) होना अनिवार्य है.

राज्य सरकार के आधिकारिक पोर्टल पर एम्पैनलमेंट के लिए ऑनलाइन आवेदन और पंजीकरण की सुविधा उपलब्ध कराई गई है. विभाग द्वारा निर्धारित पात्रता, फॉलोअर्स की संख्या और कंटेंट क्वालिटी के मानकों को पूरा करने वाले क्रिएटर्स को ही आधिकारिक रूप से काम करने और भुगतान का दावा करने की अनुमति दी जाएगी. बिना अनुमति या बिना सूचीबद्धता के बनाए गए वीडियो इस नीति के तहत मान्य नहीं होंगे.

(The above story first appeared on LatestLY on Aug 20, 2026 02:29 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).